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कार्डिनल क्रिश्चियन वैग्हन तुमी कार्डिनल क्रिश्चियन वैग्हन तुमी 

अपहरण के शिकार कार्डिनल तुमी रिहा किये गये

कार्डिनल तुमी का अपहरण कथित अलगाववादी लड़ाकूओं द्वारा बृहस्पतिवार को कैमरून के उत्तरी पश्चिमी क्षेत्र से हुआ था, जिन्हें शुक्रवार को रिहा कर दिया गया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

कैमरून, शनिवार, 7 नवम्बर 2020 (वीएन)- कैमरून के मीडिया रिपोर्ट अनुसार कुछ हथियारबंद लोगों ने बृहस्पतिवार को कार्डिनल क्रिश्चियन वैग्हन तुमी को देश के उतरी पश्चमी क्षेत्र से अपहरण कर लिया था। 

90 वर्षीय कार्डिनल तुमी द्वाला के सेवानिवृत महाधर्माध्यक्ष हैं वे एन.एस.ओ के एक पारंपरिक शासक हैं। सरकारी सैनिकों और अलगाववादियों के बीच सशस्त्र संघर्षों के कारण, महिनों तक खुद निर्वासन में रहने के बाद कार्डिनल अपने पारंपरिक आवास की ओर वापस लौट रहे थे।

सूत्रों का कहना है कि उनके काफिले को कथित अलगाववादी लड़ाकूओं द्वारा सड़क पर रोक कर, कार्डिनल का अपहरण कर लिया गया एवं उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया था।

वाटिकन न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में द्वाला के महाधर्माध्यक्ष सामुएल क्लेदा ने बतलाया कि कार्डिनल तुमी का अपहरण शाम 6.00 बजे के लगभग किया गया था जब वे बामेनदा से कुम्बो जा रहे थे। जिसके ठीक एक घंटा पहले उन्होंने उनसे सम्पर्क किया था।

उसके कुछ देर बाद बृहस्पतिवार शाम को ही कार्डिनल ने महाधर्माध्यक्ष क्लेदा को फोन किया और जानकारी दी कि अपहरणकर्ताओं ने उनसे पूछताछ की। शुक्रवार सुबह को फोन के माध्यम से उन्होंने कार्डिनल तक पहुँचने की कोशिश की किन्तु असफल रहे। हालांकि, अपहरणकर्ताओं के साथ एक रात बिताने के बाद शुक्रवार को कार्डिनल को रिहा कर दिया गया।  

कार्डिनल तुमी कैमरून के उत्तर पश्चमी और दक्षिणी पश्चिमी प्रांतों के बीच 4 वर्षों पुराने संघर्ष को समाप्त करने के लिए वार्ता और शांति का आह्वान करते रहे हैं।

संत पापा फ्राँसिस का सामीप्य

संत पापा फ्राँसिस ने 28 अक्टूबर को आमदर्शन समारोह के दौरान कैमरून के प्रति अपना आध्यात्मिक सामीप्य व्यक्त किया था। उन्होंने प्रार्थना की थी कि "देश के संतप्त प्रांत उत्तरी पश्चिमी और दक्षिणी पश्चिमी, शांति प्राप्त कर सकें।"

उन्होंने 24 अक्टूबर को कुम्बा के निजी स्कूल में बंदूकधारिरयों द्वारा मारे गये विद्यार्थियों के परिवारों के लिए प्रार्थना की थी। उन्होंने क्रूर एवं मूर्खतापूर्ण कृत्य पर शोक व्यक्त किया था जिसमें क्लास में उपस्थित निर्दोष छात्रों पर गोली चलायी गई थी।  

कैमरून में संघर्ष

हथियारबंद अलगाववादी जिन्हें "अम्बा लड़के" भी कहा जाता है, एक स्वतंत्र राज्य "अम्बाज़ोनिया" बनाने के लिए, सरकारी सैनिकों के साथ संघर्ष कर रहे हैं।

संकट 2016 में शुरू हुआ, जब द्विभाषी देश के अंग्रेजी बोलनेवाले उत्तर पश्चिम और दक्षिण पश्चिम क्षेत्रों में, शैक्षिक और न्यायिक संस्थानों ने अपने क्षेत्र में फ्रांसीसी भाषियों की अन्यायपूर्ण नियुक्तियों का विरोध किया। 2017 तक, स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और एक पूर्ण अलगाववादी युद्ध उत्पन्न हो गया।

लंबे समय से जारी संघर्ष ने हजारों लोगों को हताहत किया और व्यापक विस्थापन को जन्म दिया है, संघर्ष क्षेत्र में स्कूली बच्चे, लगभग चार साल तक स्कूल बंद रहने के बाद, इस साल स्कूल लौट आए हैं।

पिछले महीने, अलगाववादी लड़ाकों से जुड़े बंदूकधारियों ने, कुंबा में मदर फ्रांसिस्का अंतरराष्ट्रीय द्विभाषी अकादमी में छात्रों पर गोलीबारी की, जिसमें छह छात्रों की मौत हो गई थी।

07 November 2020, 13:33