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फिलीपीन सरकार प्रदूषित तट रेखा को कृत्रिम सफेद रेत समुद्र तट में बदल देती है फिलीपीन सरकार प्रदूषित तट रेखा को कृत्रिम सफेद रेत समुद्र तट में बदल देती है 

फिलीपींस कारितास द्वारा जीवाश्म ईंधन पर प्रतिबंध लगाने का आग्रह

फिलीपींस में काथलिक कलीसिया के मानवीय, विकास और न्याय शाखा द्वारा राष्ट्रपति रोड्रिगो डुटर्टे पर देश में कोयला-उत्पन्न कारखानों पर प्रतिबंध लगाने के अपने वादे को पूरा करने के लिए दबाव डाले जा रहे हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

मनिला, शनिवार 03 अक्टूबर 2020 : कारितास फिलिपींस के राष्ट्रीय निदेशक किदापावन के धर्माध्यक्ष जोस कोलिन बागाफोरो ने कहा कि सरकार को कोयला पर निर्भर कंपनियों के लाइसेंस रद्द करके ऊर्जा के नवीकरणीय संसाधनों पर जोर देना चाहिए।

अनचाहे वादे

उन्होंने 30 सितंबर को एक बयान में कहा, "जब राष्ट्रपति फिलिपिनो लोगों से बात करते हैं कि देश को गैर-पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहिए, तो राष्ट्रपति रोड्रिगो को इसपर कार्यवाही शुरु करनी चाहिए।"

27 जुलाई को राष्ट्र को दिये अपने संबोधन में राष्ट्रपति रोड्रिगो ने कहा कि वह कोयला जैसे "गंदे, घातक और महंगे" स्रोतों पर फिलीपींस की निर्भरता को कम करने के लिए सरकारी एजेंसियों से अक्षय ऊर्जा के विकास को तेजी से शुरु करने के लिए कहेंगे।

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समूह ‘ग्रीनपीस’ का दावा है कि सरकार द्वारा कोयला-निर्भर निगमों को लाइसेंस जारी करने की रिपोर्टें मिली हैं। धर्माध्यक्ष बगाफोरो ने कहा कि अगर रिपोर्ट सही थी, तो उन्होंने साबित कर दिया कि फिलीपीन सरकार देश के कार्बन उत्सर्जन पर अंकुश लगाने के लिए गंभीर नहीं है।

कोयला - सबसे घातक जीवाश्म ईंधन

कारितास प्रमुख ने कहा कि फिलीपींस अभी भी काफी हद तक सबसे सस्ता ईंधन कोयले पर निर्भर है, जो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में सबसे अधिक योगदान देता है।

मई में, संत पापा फ्राँसिस के विश्वपत्र, लौदातो सी : हमारे "आम घर" पृथ्वी की देखभाल के प्रकाशन की पांचवीं वर्षगांठ को चिह्नित करते हुए फिलिपिनो धर्माध्यक्षों और लोकधर्मी समूहों ने ऊर्जा के स्रोत के रूप में कोयले के उपयोग को बंद कर दिया।

उन्होंने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें कोयले को "सभी जीवाश्म ईंधन की घातक और जलवायु आपातकाल में सबसे बड़ा योगदानकर्ता" कहा गया।

हमारे आम घर की देखभाल

पिछले साल, फिलीपींस के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सीबीसीपी) ने एक प्रेरितिक पत्र जारी किया और सभी धर्मप्रांत के विश्वासियों को पर्यावरण की देखभाल करने का निर्देश दिया।

धर्माध्यक्ष बागाफोरो ने कहा "हमारे आम घर की देखभाल"  न केवल एक ख्रीस्तीय का कर्तव्य और जिम्मेदारी है, बल्कि एक "नैतिक अनिवार्यता" है। फिलीपीन धर्माध्यक्षों द्वारा अपनाई गई 13 ठोस कार्रवाइयों में से एक काथलिक कलीसिया द्वारा कोयला के प्रयोग को रोकने का अभियान है।

फिलीपीन कलीसिया की यह पहल इस साल के ‘सृष्टि के मौसम’ के तहत की गई। ‘सृष्टि के मौसम’ ईश्वर की रचना, हमारे सामान्य घर की रक्षा के लिए प्रार्थना और कार्रवाई का एक वार्षिक उत्सव है। ‘सृष्टि का मौसम’  सृष्टि के लिए विश्व प्रार्थना दिवस 1 सितंबर को शुरू हुआ और पारिस्थितिकी के संरक्षक संत, असीसी के संत फ्रांसिस का पर्व 4 अक्टूबर को समाप्त हो जाएगा।

03 October 2020, 15:36