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नीस हमला नोट्र डेम महागिरजाघर के सामने खडे लोग नीस हमला नोट्र डेम महागिरजाघर के सामने खडे लोग  (AFP or licensors)

नीस हमला: संवेदनहीन कार्य से ऊपर प्रार्थना और संवाद

बर्मिंघम के महाधर्माध्यक्ष बर्नार्ड लॉन्गले ने नीस में हुए हमले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए हत्याओं को संवेदनहीन बताया और कहा कि दुनिया के सभी हिस्सों में शांति और अच्छे संबंधों को सुरक्षित करने का दृढ़ संकल्प होना चाहिए।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

बर्मिंघम, शनिवार 31 अक्टूबर 2020 (वाटिकन न्यूज) : ब्रिटेन में बर्मिंघम के महाधर्माध्यक्ष बर्नार्ड लॉन्गले ने चाकू के हमले की निंदा करने में दुनिया भर के अन्य धार्मिक और राजनीतिक नेताओं में शामिल हो गए हैं, फ्रांस के नीस में नॉट्रे डेम के बसिलिका में गुरुवार को तीन लोगों की हत्या कर दी।

हत्या की खबर सुनकर संत  पापा फ्राँसिस ने दुख व्यक्त किया और फ्रांस की कलीसिया के लिए प्रार्थना की .. उन्होंने भी "आतंक के इस तरह के हिंसक कृत्यों की सबसे मजबूत तरीके से निंदा की।"

देश अब अलर्ट की अपनी उच्चतम स्थिति पर है और राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रोन ने धार्मिक स्थलों और स्कूलों जैसे महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के लिए हजारों सैनिकों को तैनात किया है।

फ्रांस के आंतरिक मंत्री जेराल्ड डामारिन ने शुक्रवार को कहा कि हमारे देश की मिट्टी पर आतंकवादी हमले होने की संभावना है, दो सप्ताह के अंदर देश में यह दूसरा घातक चाकू का हमला है।  

भयानक हमला

इंग्लैंड और वेल्स काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के संवाद और एकता विभाग के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष लोंगले ने हत्याओं को "संवेदनहीन" बताया।

वाटिकन न्यूज की लिडिया ओ'केन से बातें करते हुए महाधर्माध्यक्ष ने कहा कि नीस के नोट्रे डेम महागिरजाघर में हुई घटना से ब्रिटेन के लोग चिंतित हैं और निश्चित रूप से फ्रांस के लोग तो भय में होंगे।"

शांति की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प

उन्होंने फ्रांस के लोगों के लिए गहरे दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हम काथलिकों को फ्रांस की काथलिक कलीसिया के लिए और फ्रांस में रह रहे किसा भी धर्मों के लोगों के लिए प्रार्थना करने की आवश्यकता है।  ब्रिटेन और अन्य जगहों पर, उन लोगों के साथ प्रार्थना में एकजुट होना है जो सबसे अधिक पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक को दुनिया के सभी हिस्सों में शांति और अच्छे संबंधों को सुरक्षित रखने हेतु अपना प्रयास जारी रखना चाहिए।

हाल के वर्षों में फ्रांस कई आतंकवादी हमलों की चपेट में आया है। पेरिस को 13 नवंबर 2015 को समन्वित बमबारी और गोलीबारी की एक श्रृंखला का सामना करना पड़ा जिसमें 130 लोग मारे गए। 2016 में एक कट्टरपंथी इस्लामिक आतंकवादी ने नीस में बैस्टिल समारोह में लोगों की भीड़ पर एक ट्रक चला दिया, जिसमें 86 लोग मारे गए थे।

गिरजाघर में हमला

गुरुवार का हमला एक गरजाघर के अंदर हुआ, जैसा कि चार साल पहले एक हमला हुआ था, जिसमें 84 वर्षीय पुरोहित फादर जैक्स हेमेल, सुबह पवित्र मिस्सा का अनुष्ठान करते वक्त मारे गए थे।

महाधर्माध्यक्ष लॉन्गले ने कहा कि जब उन्होंने गुरुवार को यह खबर सुनी तो उन्होंने तुरंत ही फादर हैमेल की हत्या के बारे में सोचा लिया। उन्होंने कहा कि ईश्वर के घर में यह हिंसा "शांति की भावना को कम करती है, जिसकी खोज में रोज बहुत सारे लोग हमारे गिरजाधरों के भीतर प्रवेश करते हैं।"

महाधर्माध्यक्ष लॉन्गले ने जोर देकर कहा कि ईश्वर का रास्ता हमेशा संवाद का है, दूसरों के साथ बातचीत करने का। उनका मानना है कि ये भयानक घटनाएँ अन्य धर्मों के लोगों के साथ बातचीत करने हेतु कलीसिया की प्रतिबद्धता को और अधिक व्यापक रूप से मजबूत करती है।

31 October 2020, 15:02