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कैपिज़ के महाधर्माध्यक्ष नवनियुक्त कार्डिनल जोस एडविनकुला कैपिज़ के महाधर्माध्यक्ष नवनियुक्त कार्डिनल जोस एडविनकुला  

संत पापा की इच्छा, कलीसिया ग्रामीण सीमांतो तक पहुँचे

वाटिकन न्यूज के साथ एक साक्षात्कार में फिलिपींस, कैपिज़ के महाधर्माध्यक्ष नवनियुक्त कार्डिनल जोस एडविनकुला बताते हैं कि उन्हें क्यों लगता है कि संत पापा फ्राँसिस ने उन्हें कार्डिनल बनने के लिए चुना।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

कैपिज, बुधवार 28 अक्टूबर 2020 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस ने रविवार को दुनिया भर के 13 नए कार्डिनलों के नाम की घोषणा करते हुए सभी को चौंका दिया। उन्होंने कहा कि 28 नवंबर को वाटिकन में एक समारोह के दौरान इन्हें कार्डिनल मंडल में औपचारिक रूप सम्मिलित किया जाएगा।

नए कार्डिनलों में फिलीपीन, कैपिस के महाधर्माधअयक्ष जोस फुएर्टा एडविनकुला हैं। 68 वर्षीय महाधर्माध्यक्ष 2011 में कैपिज़ में स्थानांतरण से पहले, 10 साल के लिए सान कार्लो के धर्माध्यक्ष थे।

जब उन्होंने यह समाचार सुना कि वो संत पापा द्वारा नामित 13 नए कार्डिनलों में से हैं, तो महाधर्माध्यक्ष एडविनकुला ने सोचा कि यह कोई और "जोस" हो सकता है और पत्रकारों को उपनाम गलत मिला होगा, लेकिन बाद में उन्हें सच्चाई का पता चला।

"मुझे लगता है कि यह पहचान की भावना है," उन्होंने संत पापा की घोषणा के दो दिन बाद मंगलवार को वाटिकन न्यूज को बताया। उन्होंने कहा, "हालांकि, मैं सम्मान के कारण थोड़ा खुश हूँ, पर मैं जिम्मेदारियों के कारण डरता भी हूँ।"

कलीसिया को बाहरी इलाकों की परवाह 

संत पापा के चयन के बारे में कैपिज़ के महाधर्माध्यक्ष एडविनकुला ने समझाने की कोशिश की कि अन्य धर्मप्रांतों की तुलना में कैपिज़ धर्मप्रांत कम जानी जाती है। उन्होंने एक पुरोहित और धर्माध्यक्ष के रूप में 3 ग्रामीण धर्मप्रांतो में काम किया है। अपने साथी धर्माध्यक्षों और पुरोहितों के साथ बात करते हुए, वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि "शायद संत पापा वास्तव में ग्रामीण क्षेत्र के विश्वासियों को यह संदेश देना चाहते हैं कि कलीसिया ग्रमीण क्षेत्रों और बाहरी इलाकों की भी परवाह करती है।"

उन्होंने कहा कि एक पुरोहित दोस्त ने नोट किया कि ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि उन्होंने सैन कार्लोस और कैपिज़ धर्मप्रांतों के दूर-दराज स्थानों में मिशन स्टेशनों और मिशन स्कूलों को स्थापित किया है।

महाधर्माध्यक्ष एडविनकुला ने कहा, "मैंने हमेशा सोचा था कि कलीसिया को लोगों के करीब रहना होगा, खासकर उन लोगों के करीब जो बाहरी इलाकों में रहते हैं। यह एक तरीका हो सकता है कि संत पापा लोगों को परिधि में कलीसिया की उपस्थिति से अवगत कराना चाहते हैं।"

28 October 2020, 15:08