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वियतनाम के विश्वासी ख्रीस्तयाग में भाग लेते हुए वियतनाम के विश्वासी ख्रीस्तयाग में भाग लेते हुए 

वियेतनाम में धर्माध्यक्ष के प्रथम प्रेरितिक दौरे की 350वीं वर्षगांठ

वियतनाम के नहा त्रांग धर्मप्रांत ने स्थानीय पल्लियों में धर्माध्यक्ष की पहली प्रेरितिक यात्रा की 350वीं वर्षगाँठ (अगले साल) को मनाने हेतु एक साल के उत्सव की घोषणा की है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वियतनाम, मंगलवार, 8 सितम्बर 2020 (वीएन)- धर्माध्यक्ष जोसेफ वो डक मिन्ह त्रांग ने रविवार को सालभर के उत्सव का उद्घाटन किया और काथलिकों का आह्वान किया कि वे मिशनरियों एवं अपने पूर्वजों द्वारा प्राप्त विश्वास को पोषित एवं मजबूत करें।

दक्षिणी-मध्य धर्मप्रांत के काथलिक, फ्राँसीसी धर्माध्यक्ष पियेर लम्बर्ट दे ला मोत्ते की पहली प्रेरितिक दौरा की यादगारी मना रहे हैं, जिन्होंने 1 सितम्बर 1671 को नहा त्रांग के, को मोई कलीसिया में स्थानीय पल्लियों का दौरा किया था।  

धर्माध्यक्ष मोत्ते, डंग त्रोंग भिखारियेट के पहले धर्माध्यक्ष थे जिसकी स्थापना 1659 को हुई थी जो आज नहा त्रांग धर्मप्रांत बन गया है।

6 सितम्बर को, को मोई गिरजाघर में जयन्ती वर्ष के उद्घाटन समारोह में कुल 40 पुरोहित ने भाग लिया जिसमें पेरिस विदेशी मिशनरी सोसाईटी के प्रतिनिधि भी शामिल थे। इस खास मिस्सा में करीब 1000 विश्वासियों ने भाग लिया।

धर्माध्यक्ष मिन्ह ने कहा, "हम इस भूमि में होकर खुश हैं जहाँ हमारे पूर्वजों ने आनन्द से धर्माध्यक्ष देला मोत्ते का स्वागत किया था। ईश्वर ने प्रेरितिक उत्तराधिकारी का स्वागत करने के लिए इसी भूमि को चुना।"

उस समय जब काथलिक विश्वासी अत्याचार के शिकार थे धर्माध्यक्ष देला मोत्ते, पेरिस विदेशी मिशन सोसाईटी के संस्थापक सदस्य ने प्रेरितिक दौरा किया जिनके साथ दो मिशनरी सदस्य और सियाम से दो वियतनामी पुरोहित थे। वे मछुआरे गाँव लाम तुयेन पहुँचे जिसे आज को मोई पल्ली के रूप में जाना जाता है।

धर्माध्यक्ष देला मोत्ते ने विश्वासियों को आशीष दी थी एवं 200 बच्चों को दृढ़ीकरण संस्कार दिया था, साथ ही पुरोहितों से मुलाकात की थी और पापस्वीकार भी सुने थे।

धर्माध्यक्ष ने लाम तायेन पल्ली की स्थापना की थी एवं इस नयी पल्ली में फादर गुलौमे महोत माओ को नियुक्त किया था। स्थानीय महिलाओं के लिए पवित्र क्रूस की प्रेमिकाओं के धर्मसंघ की स्थापना भी की थी। इस अवसर पर धर्माध्यक्ष एवं प्रतिनिधियों ने उस क्षेत्र के अन्य पल्लियों का भी दौरा किया था।

काथलिक कलीसिया द्वारा मुक्तिदाता ख्रीस्त के नाम पर सभी लोगों से प्रेम एवं उनकी सेवा करने की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए धर्माध्यक्ष मिन्ह ने कहा कि मिशनरी सिर्फ इसलिए आये ताकि उनके पूर्वजों के बीच उपस्थित हो सकें, उन्हें प्रेरितिक देखभाल प्रदान कर सकें और उन्हें तथा उनकी भूमि को आशीर्वाद दे सकें।

धर्माध्यक्ष ने विश्वासियों से आग्रह किया कि वे अपने पूर्वजों के प्रति आभार प्रकट करें और उनके लिए गर्व करें जो कलीसिया के प्रति विश्वस्त रहे। उन्होंने उत्साह के साथ अपने विश्वास को बनाये रखा और साहस के साथ सुसमाचार का साक्ष्य दिया।

धर्माध्यक्ष ने विश्वासियों से अपील की कि वे समाज के अन्य लोगों के साथ सौहार्द पूर्वक रहें और कार्य करें तथा देश एवं समाज के विकास में जारी प्रयासों में भाग लें।

वियतनाम के धर्माध्यक्षों ने धर्माध्यक्ष मिन्ह को धर्माध्यक्ष देला मोत्ते की संत घोषणा प्रक्रिया हेतु दस्तावेज तैयार करने की जिम्मेदारी दी है क्योंकि इस मिशनरी ने वियतनाम की कलीसिया की स्थापना हेतु महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।

को मोई पल्ली जो कई शहीदों का घर है, करीब 3,000 काथलिक हैं। नहा त्रांग धर्मप्रांत की स्थापना 1957 में हुआ है जिसमें खान्ह होआ एवं निन्ह थौन प्रांत आते हैं जिनमें 115 पल्लियाँ हैं जिनमें कुल 300 पुरोहित कर्यारत हैं। 

08 September 2020, 16:29