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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर  (ANSA)

रॉयल कमीशन द्वारा दुरुपयोग पर जांचः न्यूजीलैंड के धर्माध्यक्ष

न्यूजीलैंड में काथलिक कलीसिया ने न्यूजीलैंड के काथलिक संस्थानों में विशेष रूप से क्राइस्टचर्च में मेरीलैंड स्कूल में किए गए दुर्व्यवहार की एक उप-पूछताछ का विवरण प्रकाशित किया है।

माग्रेट सुनीता मिंज- वाटिकन सिटी

क्राइस्टचर्च, शनिवार 22 अगस्त 2020 (वाटिकन न्यूज) : शुक्रवार को जारी एक बयान में, न्यूजीलैंड की कलीसिया ने रॉयल कमीशन द्वारा क्राइस्टचर्च में पूर्व मेरीलैंड स्कूल में देखभाल में दुरुप्योग केस स्टडी जांच के विवरण के प्रकाशन का स्वागत किया। बयान में कहा गया है कि रॉयल कमीशन राज्य और विश्वास-आधारित संस्थानों की देखभाल संस्थानों में ऐतिहासिक बाल शोषण की समग्र जांच के हिस्से के रूप में होगा"।

जाँच - पड़ताल

उनकी वेबसाइट पर, रॉयल कमीशन ऑफ़ इन्क्वायरी बताती है कि उनकी जाँच "पुरोहितों, धर्मसंघियों या पल्ली के कर्मचारियों के हाथों होने वाली दुर्व्यवहार की प्रकृति" पर केंद्रित है और साथ ही साथ "क्या कोई व्यवस्थित, संरचनात्मक है" या अन्य कारक जो दुरुपयोग होने में योगदान देते थे और काथलिक कलीसिया द्वारा दुरुपयोग के आरोपों की प्रतिक्रिया की पर्याप्तता।"

मेरीलैंड लड़कों के लिए एक आवासीय विद्यालय था, जिसमें सीखने की अक्षमता वाले लड़कों को भी रखा जाता था। इस स्कूल को 1950 के दशक से 1984 तक, संत जॉन्स ऑफ गॉड के होस्पिटेलर ब्रदर्स द्वारा चलाए जाते थे।

मेरीलैंड की सुनवाई के लिए आयोग को अभी तारीख का नाम नहीं दिया गया है।

न्यूजीलैंड के धर्माध्यक्ष, अन्य काथलिक नेताओं के साथ, कलीसिया को रॉयल कमीशन के काम में शामिल करने की मांग की है, जो पहली बार राज्य देखभाल में बच्चों के दुरुपयोग तक सीमित था।

ते रोपु ताउतोको

गुरुवार को जारी एक बयान में, न्यूजीलैंड काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के उपाध्यक्ष और ताउतोको सदस्य कार्डिनल जॉन ड्यू ने दस्तावेजों के प्रकाशन का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "हम रॉयल कमीशन के काम के लिए अपना समर्थन और इसके काम करने के तरीके को सीखने की हमारी इच्छा की पुष्टि करते हैं, जिस पर हमें भरोसा है। यह सभी लोगों की सुरक्षा तथा परिवारों, समुदायों और व्यापक समाज को मजबूत बनाने में सकारात्मक योगदान देगा।"

 ते रोपो ताउतोको की प्रमुख कैथरीन फ्ये ने घोषणा की: "हम रॉयल कमीशन और संत जॉन्स ऑफ गॉड ब्रदर्स के नेतृत्व में काम करेंगे।" उन्होंने कहा कि यह जांच और रॉयल कमीशन का व्यापक काम काथलिक धर्माध्यक्षों और धर्मसमाजों के लिए "समाज में कमजोर लोगों की सुरक्षा के लिए हमारी प्रतिबद्धता को सुनने, स्वीकार करने, सीखने और पुन: पुष्टि करने की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सकारात्मक रूप से संलग्न होने का एक तरीका है।"

ब्रदर टिमोथी ग्राहम ओह, संत जॉन ऑफ गॉड, सिडनी के प्रविंशियल हैं। उन्होंने कहा कि मेरीलैंड जांच उन लोगों की स्वीकारोक्ति है जिन्हें भाइयों की देखभाल में नुकसान पहुंचाया गया था। "जांच दुरुप्योग का शिकार हुए लोगों की आवाज़ों को सुनने और ब्रदरों के लिए - वास्तव में हम सभी के लिए - सीखने के लिए एक और मौका है।"

22 August 2020, 14:35