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ईराक के प्रधानमंत्री मुस्ताफा अल काधिमी कैदियों से बात करते हुए ईराक के प्रधानमंत्री मुस्ताफा अल काधिमी कैदियों से बात करते हुए 

कैदियों के पुनःएकीकरण हेतु भारत के धर्माध्यक्ष की अपील

भारत की जेल प्रेरिताई (पीएमआई) के अध्यक्ष, धर्माध्यक्ष अलविन डी सिलवा ने कैदियों की गरिमा और वास्तविक सामाजिक एकीकरण हेतु रविवारीय जेल प्रेरिताई का समर्थन किया।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

भारत, मंगलवार, 4 अगस्त 2020 (वीएन)- भारत की काथलिक कलीसिया ने 2 अगस्त को जेल प्रेरिताई रविवार मनाया। इस अवसर पर, भारत के जेल प्रेरिताई के अध्यक्ष, मुम्बई के धर्माध्यक्ष अलविन डी सूजा ने एक प्रेरितिक पत्र प्रकाशित किया है जिसमें देश में कैदियों की गरिमा और सामाजिक एकीकरण का समर्थन किया गया है।  

धर्माध्यक्ष डीसूजा ने कहा, "वास्तविक सामाजिक एकीकरण, विकास, शिक्षा, उचित काम, स्वास्थ्य सुविधाओं और इसके साथ-साथ नागरिक भागीदारी के लिए सार्वजनिक स्थान बनाने के अवसर की गारांटी के साथ शुरू होता है।"

उन्होंने कहा, "जिन कैदियों ने अपने अपराध के लिए सजा पूरी की है उन्हें तिरस्कार एवं उदासीनता के नये सामाजिक दण्ड का शिकार नहीं बनाया जाना चाहिए।"  

सच्चे सामाजिक एकीकरण की आवश्यकता

धर्माध्यक्ष डी सिल्वा ने पोप फ्रांसिस की नवंबर 2019 में जेल चेपलिनों के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान अपील को याद किया। उस अवसर पर संत पापा ने कैदियों की देखभाल करने वालों से अपील की थी कि वे उनके इलाज में अपना दृष्टिकोण बदलें और उन्हें सुधार, विकास और एकीकरण के बेहतर अवसर प्रदान करें।

पोप की अपील में शामिल होकर, धर्माध्यक्ष डी सिल्वा ने वास्तविक सामाजिक एकीकरण के महत्वपूर्ण अंत के साधन के रूप में कैदियों की गरिमा का सम्मान करने के महत्व को दोहराया। उन्होंने कहा कि पीएमआई के द्वारा "हम उन्हें नौकरी, विवाह, परिवार निर्माण एवं आवास निर्माण तक के लिए भी मदद पहुँचाते हैं।"

धर्माध्यक्ष डी सील्वा ने चेतावनी दी कि यदि कैदी अपनी पूरी प्रतिष्ठा प्राप्त करने से वंचित होते हैं तो वे हिंसा, असुरक्षा एवं निराशा के खतरों के लिए खुले होंगे।  

पश्चाताप एवं मन-परिवर्तन

जेल प्रेरिताई पर प्रकाश डालते हुए धर्माध्यक्ष ने कहा कि "यह एक बड़ा काम है कि कैदियों को पश्चाताप, मन-परिवर्तन एवं सुधार के लिए तैयार किया जाए।"

सच्चा पश्चताप ईश्वर, समाज, परिवार एवं अपने आपसे मेल-मिलाप करने हेतु प्रेरित करता है। अतः हमें पश्चताप के योग्य फल उत्पन्न करना चाहिए।

धर्माध्यक्ष ने कहा, "उसी तरह, सुधार एवं पुनःएकीकरण, मुक्ति के द्वारा अपने शिखर पर पहुँचते हैं।"

उन्होंने कहा कि जेल प्रेरिताई रविवार मनाने के द्वारा कलीसिया ने घोषित किया कि कैदी हमारे भाई और बहन हैं और यदि वे पश्चताप करना, मेल-मिलाप करना एवं अपने आप में नवीनता लाना चाहते हैं तो कलीसिया उन्हें दूसरा अवसर देने के लिए तैयार है।

सामीप्य का चिन्ह

कैदियों को सम्बोधित करते हुए धर्माध्यक्ष सिल्वा ने कहा, "कैदखानों में रहने वाले भाइयो एवं बहनो, हम आपको प्यार करते हैं, हम आपके लिए प्रार्थना करते हैं और वह सब कुछ करने के लिए तैयार हैं जो आपके सुधार एवं पुनःएकीकरण के लिए संभव है।"  

धर्माध्यक्ष ने माता मरियम एवं पीएमआई के संरक्षक संत मैक्सीमिलियन कोलबे की मध्यस्थता द्वारा प्रार्थना की कि ईश्वर कैदियों की प्रेरताई को आशीष प्रदान करे।

भारत जेल प्रेरिताई  

भारत का जेल प्रेरिताई (पीएमआई) देश में कैदियों के अधिकारों का समर्थन करता है। यह समाज में वापस कैदियों के सुधार, पुनर्वास और पुनःएकीकरण के लिए कार्य करता है।

पीएमआई में 8,000 से अधिक स्वयंसेवक हैं जो देश के जेलों में काम करते हैं। पूरे भारत में कई राज्यों में कैदियों के बच्चों के लिए घर और पुनर्वास केंद्र हैं।

04 August 2020, 16:16