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जिम्बाब्वे में हर्रारे के महाधर्माध्यक्ष रॉबर्ट एनडलोव जिम्बाब्वे में हर्रारे के महाधर्माध्यक्ष रॉबर्ट एनडलोव  

जिम्बाब्वे कली. के साथ इंग्लैंड, वेल्स धर्माध्यक्षों की एकजुटता

ब्रिटिश उपनिवेशवाद ने जिम्बाब्वे के धर्माध्यक्षो के साहसी प्रेरितिक पत्र की प्रशंसा की, क्योंकि देश ने अभूतपूर्व संकटों का सामना किया है।

माग्रेट सुनीता मिंज - वाटिकन सिटी

वेल्स, सोमवार 31 अगस्त 2020 (वाटिकन न्यूज) : इंग्लैंड और वेल्स के काथलिक धर्माध्यक्षों की ओर से धर्माध्यक्ष डेक्लान लैंग ने घोषणा करते हुए कहा, "जिम्बाब्वे की कलीसिया ने मौलिक मानवीय गरिमा और अधिकारों का बचाव करने के लिए जो साहस दिखाया है, उससे दुनिया भर के ख्रीस्तीय प्रेरित हैं।"

उन्होंने कहा कि इंग्लैंड और वेल्स के धर्माध्यक्ष उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं और जिम्बाब्वे में हर्रारे के महाधर्माध्यक्ष रॉबर्ट एनडलोव और सभी धर्माध्यक्षों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।

द मार्च इज नॉट एंडेड

इस महीने की शुरुआत में, ज़िम्बाब्वे के धर्माध्यक्षों ने "द मार्च इज नॉट एंडेड"(यात्रा समाप्त नहीं हुई है) नामक एक प्रेरितिक पत्र जारी किया, जिसमें "आर्थिक पतन के अभिसरण का संकट, गरीबी, खाद्य असुरक्षा, भ्रष्टाचार और मानव अधिकारों के हनन के संकट को हल करने की तत्काल आवश्यकता के बारे लिखा गया है।" यह पत्र वर्तमान सरकार के खिलाफ प्रदर्शनों के बाद अगस्त में शुरू हुए असंतोष पर कार्रवाई को नोट करता है।

धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के तहत अंतर्राष्ट्रीय मामलों की समिति के अध्यक्ष बिशप लैंग ने अपने बयान में कहा, “हाल ही में जारी प्रेरितिक पत्र सच्चाई, न्याय और मेल मिलाप की मांग करता है। जिम्बॉब्वे के पीड़ितों का एक शक्तिशाली गवाह है। साथ ही देश को इससे आगे निकलाने का एक रास्ता भी दिखाता है।”

व्यापक एकजुटता

हाल के सप्ताहों में, ज़िम्बाब्वे के धर्माध्यक्षों और विश्वासियों को कई समुदायों समर्थन मिला है, जिसमें ज़िम्बाब्वे के एवांजेलिकल समुदाय से एकजुटता के भाव और दक्षिणी अफ्रीकी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन से, साथ ही कलीसियाओं के विश्व संगठन (डब्ल्यूसीसी) की ओर से एक प्रेरितिक पत्र भी शामिल है।

जिम्बाब्वे के धर्माध्यक्षों की सरकारी आलोचना के बाद, जिम्बाब्वे के प्रेरितिक राजदूत, महाधर्माध्यक्ष पाओलो रुदेली ने महाधर्माध्यक्ष नाडलोव से मुलाकात की। सरकार ने उनकी व्यक्तिगत रुप से आलोचना की थी। प्रेरितिक राजदूत का दौरा जिम्बाब्वे के सभी धर्माध्यक्षों के साथ एकजुटता का एक प्रतीक था।

31 August 2020, 14:10