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जिम्बाब्वे सरकार के विरोध में प्रदर्शन जिम्बाब्वे सरकार के विरोध में प्रदर्शन  (AFP or licensors)

ज़िम्बाब्वे प्रेरितिक राजदूत ने महाधर्माध्यक्ष से की मुलाकात

जिम्बाब्वे सरकार द्वारा हरारे के महाधर्माध्यक्ष पर एक तीखे हमले के बाद, जिम्बाब्वे के प्रेरितिक राजदूत ने अपनी एकजुटता व्यक्त करने के लिए महाधर्माध्यक्ष एनडलोव से मुलाकात की।

माग्रेट सुनीता मिंज- वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 17 अगस्त 2020 ( वाटिकन न्यूज) : रविवार की सुबह, ज़िम्बाब्वे में वाटिकन के प्रेरितिक राजदूत महाधर्माध्यक्ष पावलो रुदेली ने अपनी एकजुटता व्यक्त करने हेतु हरारे महाधर्मप्रांत का महाधर्माध्यक्ष रॉबर्ट क्रिस्टोफर एनडलोव से मुलाकात की। हरारे के महाधर्माध्यक्ष पर जिम्बाब्वे सरकार ने एक गंभीर व्यक्तिगत हमला किया। प्रेरितिक राजदूत की यात्रा भी जिम्बाब्वे के सभी धर्माध्यक्षों के साथ एकजुटता का एक प्रतीकात्मक संकेत था।

सरकार के दमन से बचने की अपील

यह सब जिम्बाब्वे काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन द्वारा शुक्रवार को प्रकाशित एक प्रेरितिक पत्र के साथ शुरू हुआ।  प्रेरितिक पत्र में धर्माध्यक्षों ने नागरिकों पर हिंसक दमन का सहारा लिए बिना सरकार से देश में आर्थिक और राजनीतिक संकट को दूर करने का आह्वान किया। धर्माध्यक्षों ने जिम्बाब्वे में 31 जुलाई को विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ पुलिस और सैन्य बल की क्रूर कार्रवाई के बाद पत्र प्रेषित किया। देश की राजधानी हरारे शहर में कई कार्यकर्ता और पत्रकार अभी भी हिरासत में हैं।

महाधर्माध्यक्ष एनडलोव पर व्यक्तिगत हमला

महाधर्माध्यक्ष के प्रेरितिक पत्र के जवाब में, जिम्बाब्वे के सूचना, प्रचार और प्रसारण सेवाओं के मंत्री, मोनिका मुत्सवांगवा ने काथलिक कलीसिया के नेतृत्व पर हमला करते हुए एक बयान जारी किया। जिसे शनिवार शाम राष्ट्रीय टेलीविजन और अन्य सरकारी मीडिया पर इस वक्तव्य को पूरी तरह से पढ़ा गया।

यद्यपि जिम्बाब्वे में सभी काथलिक धर्माध्यक्षों ने प्रेरितिक पत्र पर हस्ताक्षर किया था परंतु  सूचना मंत्री द्वारा जारी किए गए वक्तव्य में महाधर्माध्यक्ष एनडलोव को व्यक्तिगत रुप ले देश को अलग-थलग करने और लक्षित करने के लिए चुना। महाधर्माध्यक्ष एनडलोव जिम्बाब्वे काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के वर्तमान अध्यक्ष हैं।

सरकार द्वारा प्रेरितिक पत्र  का गलत अर्थ

महाधर्माध्यक्ष एनडलोव और अन्य धर्माध्यक्षों के प्रेरितक पत्र को सरकार ने  "हरारे के महाधर्माध्यक्ष को बुरे दिमाग वाले के नेतृत्व में लोगों को गुमराह करने वाला पत्र कहा।" मंत्री मुत्स्वांगवा का बयान, हालांकि, धर्माध्यक्षों द्वारा उठाए गए मुद्दों का जवाब देने से बचता है। कई मायनों में, प्रेरितिक पत्र की अधिकांश सामग्री को ज़िम्बाब्वे के वकीलों, चिकित्सा कर्मियों और अधिकार कार्यकर्ताओं द्वारा पहले ही उठाया जा चुका है। जिम्बाब्वे में पर्यवेक्षकों ने यह भी कहा कि सरकार के बयान ने जिम्बाब्वे को गलत जानकारी देने की कोशिश की। इसमें संत पापा फ्राँसिस की इच्छाओं और पदों के विपरीत महाधर्माध्यक्ष एनडलोव और अन्य धर्माध्यक्षों को चित्रित किया गया था।

धर्माध्यक्षों के साथ काथलिक और गैर-काथलिक

 जिम्बाब्वे में काथलिकों और गैर-काथलिकों ने धर्माध्यक्षों के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। उन्होंने विशेष रूप से काथलिक मंत्रियों और ज़ेनयू पार्टी के अधिकारियों को याद दिलाया कि धर्माध्यक्ष कलीसिया के चरवाहे हैं उनकी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है। उन्होंने कहा कि धर्माध्यक्ष  अन्याय, कोविद-19 पीड़ितों और बढ़ती गरीबी के सामने चुप नहीं रह सकते।

17 August 2020, 15:17