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रेडियो वेरीतास उर्दू सेवा का उद्घाटन करते पाकिस्तान के महाधर्माधयक्ष जोसेफ अर्शद  रेडियो वेरीतास उर्दू सेवा का उद्घाटन करते पाकिस्तान के महाधर्माधयक्ष जोसेफ अर्शद  

पाकिस्तान कलीसिया ने की पहली समाचार सेवा शुरू

पाकिस्तान की कलीसिया ने 25 जुलाई को रेडियो वेरीतास एशिया उर्दू सेवा शुरू की जो देश में इस तरह की पहली समाचार सेवा है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

पाकिस्तान, बृहस्पतिवार, 29 जुलाई 2020 (वीएन) – पाकिस्तान की कलीसिया अब अपने विश्वास में अधिक गहराई से जुड़ सकती है क्योंकि उसने समाचार सेवा के रूप में एक पुराने रेडियो सेवा लॉन्च किया है, देश में इस तरह की यह पहली सेवा होगी।

रेडियो वेरीतास एशिया (आरवीए) उर्दू सेवा का उद्घाटन 25 जुलाई को, सामाजिक संचार के लिए राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष, इस्लामाबाद रावालपींडी के महाधर्माध्यक्ष जोसेफ अर्शद ने की। एक वीडियो संदेश में उन्होंने श्रोताओं से अपील की है कि वे कलीसिया के समाचारों को साझा करें और शांति एवं प्रेम का संदेश फैलायें।

लाहौर में स्थापित इस समाचार सेवा द्वारा हर शुक्रवार को इंटरनेट के माध्यम से 20 मिनट का न्यूज़ बुलेटीन प्रसारित किया जाएगा। राष्ट्रीय काथलिक संचार केंद्र की कार्यशाला श्रव्य-दृश्य शिक्षा स्टूडियो के निदेशक फादर कैसर फिरोज ने कहा, "इसमें पर्यावरण, मानव अधिकार, शांति गतिविधि, शिक्षा, परोपकार, अंतरधार्मिक एवं अंतर-कलीसियाई आदि विषयों पर रिपोर्ट पेश किये जायेंगे। हम सुसमाचार पर ध्यान केंद्रित करेंगे ताकि सभी कलीसियाओं एवं धर्मों को एकजुट एवं बलिष्ठ किया जा सके।" उन्होंने स्पष्ट किया कि समाचार की संपादकीय नीति में राजनीतिक और आर्थिक प्रकृति की खबरों के साथ-साथ संस्थानों के खिलाफ रिपोर्टिंग पर प्रतिबंध है।

रेडियो वेरीतास एशिया, एशिया के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलनों की योजना है। उर्दू भाषा में इसकी शुरूआत 14 अगस्त 1987 को हुई है जिसको मुख्य रूप से पाकिस्तान, भारत एवं पश्चिम एशिया में सुना जाता है।  

पाकिस्तान में संचार माध्यमों पर प्रतिबंध

रेडियो वेरीतास एशिया समाचार सेवा, पाकिस्तान के तीन काथलिक चैनलों में से एक है जहाँ धार्मिक (ईसाई और मुस्लिम) मीडिया को सीमित किया गया है। 2016 में, पाकिस्तान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (पीईएमआरए) ने देश के सभी कलीसिया संचालित टीवी स्टेशनों को बंद कर दिया। नियामक संस्था के अनुसार, धार्मिक चैनलों के लिए कोई श्रेणी नहीं है इसलिए यह उन्हें लाईसेंस नहीं देता, स्थापित करने का अधिकार अथवा धार्मिक कार्यक्रमों के साथ विदेशी टीवी सामग्री प्रसारित करने का भी अधिकार नहीं देता है। इन बढ़ते प्रतिबंधों के कारण, काथलिक टीवी चैनलों के बंद होने के बाद इंटरनेट ही पाकिस्तानी ईसाई मीडिया के लिए एक साधन रह गया है।

इसहाक टीवी के पूर्व निदेशक सलीम इकबाल के अनुसार, पहला पाकिस्तानी ईसाई सटेलाईट प्रसारक, लगभग बीस ईसाई चैनल, केबल और यूट्यूब में से कोई भी नियमित समाचार प्रसारित नहीं करते। इसके अलावा, उनमें से कई खराब वित्त पोषित हैं और मुश्किल से बचे हुए हैं।

इकबाल ने कहा, "दशकों से अत्याचार सहने के कारण, हमें अपनी सामग्री को नरम करना और अधिकारियों के क्रोध से बचने के लिए सच्चाई को ढँकना पड़ता है। केवल जबरन धर्मांतरण और धार्मिक रूप से प्रेरित हमलों के शीर्ष मामलों को समाचार टिकर या कुछ अन्य चैनलों पर वर्तमान मामलों के कुछ कार्यक्रमों में उजागर किया गया है।”

2020 की वार्षिक रिपोर्ट में, अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग ने सिफारिश की है कि पाकिस्तान को धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के लिए "विशेष चिंता का देश" नामित किया जाए।

ऑनलाईन सेवा का युग

विगत बुधवार को पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने एक सांप्रदायिक अपराध के मामले की सुनवाई के दौरान पाकिस्तन में यूट्यूब को बैन करने का संकेत दिया। अदालत ने सरकार, न्यायपालिका और सशस्त्र बलों के बारे में सोशल मीडिया पर अनियमित सामग्री पर आपत्ति जताई।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, फादर क़ैसर फ़िरोज़ सहित कलीसिया के नेताओं ने सामग्री तैयार करनेवालों से जुड़कर, सरकार से स्ट्रीमिंग सेवा पर प्रतिबंध नहीं लगाने की अपील की।

फादर फिरोज ने कहा, "यह ऑनलाईन सेवा का युग है। मासिक समाचार बुलेटीन का अनुभव प्राप्त करने के बाद, हम दृश्य कथा प्रस्तुत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।  यह कोरोनोवायरस महामारी के बीच विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिसने दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया है।”

पाकिस्तान दूरसंचार प्राधिकरण के अनुसार, 24 मार्च को देश में लॉकडाउन के उपायों को लागू करने के बाद से इंटरनेट के उपयोग में पंद्रह प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

रेडियो वेरीतास एशिया उर्दू सेवा 30 जुलाई का प्रसारण
30 July 2020, 15:16