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अलेप्पो शहर का संत एलियाह मरोनाईट महागिरजाघर अलेप्पो शहर का संत एलियाह मरोनाईट महागिरजाघर   (AFP or licensors)

सीरिया में महागिरजाघर को पुनः खोलना : आशा व पुनर्जन्म का चिन्ह

सीरिया के एक काथलिक महागिरजाघर जिसपर युद्ध के 9 सालों के दौरान बारम्बार आक्रमण कर, उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया था, इस सप्ताह पुनः खोल दिया गया है तथा मरम्मत का कार्य चल रहा है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

सीरिया, मंगलवार, 21 जुलाई 2020 (वीएन)- अलेप्पो शहर के संत एलियाह मरोनाईट महागिरजाघर में 2012 और 2016 के बीच तीन बार मिसाइलों से बमबारी की गई थी और  2013 में शहर के ख्रीस्तीय क्षेत्र में जिहादियों के प्रवेश से व्यापक क्षति हुई थी। मरम्मत करने हेतु वित्तीय सहायता परमधर्मपीठीय फाऊँडेशन एड टू द चर्च इन नीड द्वारा प्रदान किया जा रहा है। 

अलेप्पो के मरोनाईट महाधर्माध्यक्ष जोसेफ तोबिज ने वाटिकन न्यूज को महागिरजाघर के मरम्मत एवं पुनः खोलने की जानकारी दी और कहा कि उसका एक प्रतीकात्मक एवं व्यवहारिक अर्थ है।  

उन्होंने कहा, "यह आशा एवं पुनःजन्म का चिन्ह है, न केवल भौतिक रूप में बल्कि पूरे समुदाय के लिए, यद्यपि सुरक्षाहीन जनता पर लगाए गए प्रतिबंधों से जुड़ी अत्यधिक गरीबी के कारण ईसाइयों की संख्या घटती-बढ़ती रहती है।"

19वीं सदी के महागिरजाघर के 20 जुलाई को फिर से खोलने से अलेप्पो के ख्रीस्तियों के जीवन में एक नयी आशा जगी है क्योंकि 2013 में इमारत जिहादियों के एक समूह द्वारा तबाह कर दी गई थी, जिसका उद्देश्य देश में ख्रीस्तीय धर्म के सभी चिन्हों को नष्ट करना था।

महाधर्माध्यक्ष टोबिज ने कहा कि बहाली में मुख्य कठिनाई धन जुटाने और मूल लकड़ी की छत के पुनर्निर्माण की थीं।

उन्होंने बतलाया कि स्थानीय कारीगरों का अभाव है, इसलिए इतालवी वास्तुकारों के एक समूह ने छत परियोजना को फिर से डिज़ाइन करने का कदम उठाया है।

 

21 July 2020, 17:25