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लेबनान का एक किसान लेबनान का एक किसान  (AFP or licensors)

अंतरराष्ट्रीय उदासीनता के बीच लेबनान ढह रहा है, कारितास

‘अंतरराष्ट्रीय कारितास’ की वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, लेबनान की कलीसिया की उदार संगठन के प्रतिनिधि ने देश के गंभीर रूप से मानवीय संकटों और समस्याओं पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

रोम, शनिवार 18 जुलाई 2020 (वाटिकन न्यूज) : जैसा कि पूरा विश्व कोविद -19 महामारी की चुनौतियों का सामना कर रहा है, काथलिक उदारता संगठन, ‘अंतरराष्ट्रीय  कारितास’  विकासशील देशों से वैश्विक युद्ध विराम और ऋण राहत की मांग कर रहा है।

वैश्विक युद्धविराम के लिए संत पापा फ्राँसिस की अपील में शामिल होते हुए जी 20 शिखर सम्मेलन में ‘अंतरराष्ट्रीय  कारितास’  ने जी 20 के वित्त मंत्रियों से सीधे अनुरोध किया है कि गरीब देशों का ऋण या तो माफ किया जाए या सबसे कम किया जाए, ताकि वे उस धन को विकास कार्यक्रमों में पुनः प्रयोग कर सकें।

महामारी से उत्पन्न आर्थिक आपदा पर चर्चा हेतु इस सप्ताहांत जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों के 20 शिखर सम्मेलन के दौरान ‘अंतरराष्ट्रीय  कारितास’  की वार्षिक रिपोर्ट पेश करने के दौरान यह अपील की गई थी। इस आयोजन के दौरान, कारितास लेबनान की निदेशक रीता रहीम ने "लेबनान के अब तक के सबसे खराब आर्थिक संकट" और उसके लाखों सीरियाई शरणार्थियों, प्रवासी कामगारों और पूरे क्षेत्र पर इसके प्रभाव के बारे में बताया।

कारितास लेबनान

रीता रहीम ने कहा, "यह हमारे देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण है," लेबनान एक आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, देश के लाखों लोग और शरणार्थी इसका नाटकीय और दूरगामी परिणाम भोग रहे हैं। मुद्रा अपने मूल्य का 80% खो रही है, कई लोग अब बेरोजगार हैं और कई गरीबी की रेखा के नीचे धकेल दिए गए हैं।

रहीम ने कहा कि आर्थिक संकट कई कारकों का परिणाम है। उन्होंने संत पापा फ्राँसिस के हवाले से कहा, "हाल ही में लेबनान एक गंभीर सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक संकट में है, जिसे कोविद -19 महामारी ने और भी मुश्किल बना दिया है।"

प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा

लेबनान कम से कम 250,000 प्रवासी घरेलू कामगारों का घर है, उनमें से ज्यादातर महिलाएँ जो अफ्रीकी और एशियाई देशों से आती हैं, जो निजी घरों में काम करती हैं। रहीम ने कहा कि जैसे-जैसे आबादी बढ़ती जा रही है, इन प्रवासी कामगारों को छोड़ दिया जाता है और निकाल दिया जाता है, क्योंकि लेबनान के लोग अब यूएसडी मुद्रा में भुगतान नहीं कर सकते, यह अब बहुत दुर्लभ मुद्रा है। इसलिए, कारितास लेबनान प्रवासी घरेलू कामगारों को अपनी शरण में ले रहा है, जहां उन्हें अधिकतम सुरक्षा का आश्वासन दिया जाता है।

दो महामारी : कोविद -19 और भूखमरी

उसने बताया कि दुनिया कोविद -19 महामारी से लड़ रही है तो लेबनान दो तरह की महामारी से लड़ रहा है एक तो है कोविद-19 महामारी और दूसरा है भूख। कई गरीब लोगों ने भोजन के लिए कपड़े और जूते तक का आदान-प्रदान शुरू कर दिया है। कोविद-19 हमारी नंबर एक प्राथमिकता नहीं है।  पिछले कुछ महीनों में, कारितास लेबनान ने अकेले 12,000 खाद्य किट, 5,000 गर्म भोजन और 3,000 भोजन कूपन उपलब्ध कराए हैं, हालांकि कीमतों की मुद्रास्फीति में भोजन खरीदना बहुत मुश्किल होता जा रहा है।

 कोविद -19 के खिलाफ लड़ाई

स्वास्थ्य देखभाल के स्तर पर, अस्पतालों को चिकित्सा उपकरणों की एक महत्वपूर्ण कमी का सामना करना पड़ रहा है।

21 फरवरी से लेबनान कोविद -19 लड़ रहा है; अब तक, 40 मौतों के साथ पंजीकृत संक्रमणों की संख्या 2,700 तक पहुंच गई है। रहीम ने कहा कि अपने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा केंद्रों और मोबाइल चिकित्सा इकाइयों के माध्यम से, कारितास लेबनान पिछले महीने 11,452 लेबनानी लोगों को सहायता की है।

18 July 2020, 14:38