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हॉस्टन में जॉर्ज के अंतिम संस्कार में भाग लेते हुए उनके परिजन हॉस्टन में जॉर्ज के अंतिम संस्कार में भाग लेते हुए उनके परिजन 

डब्ल्यूसीसी: नस्लवाद के सभी रूपों की अस्वीकृति की मांग

कलीसियाओं की विश्व परिषद (डब्ल्यूसीसी) ने हाल ही में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या में "हिंसा और नस्लीय अन्याय दोनों की क्रूरता" को खारिज कर दिया है और दुनिया भर के ईसाइयों को हर मानव जीवन की समान गरिमा और मूल्य को पहचानने वाले विश्वास के सच्चे गवाह बनने का आह्वान किया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बुधवार 10 जून 2020 (वाटिकन न्यूज) : मिनियापोलिस के पुलिस अधिकारियों द्वारा मारे जाने के दो हफ्ते बाद जॉर्ज फ्लॉयड का अंतिम संस्कार मंगलवार 9 जून को हॉस्टन में हुआ। जिसमें जॉर्ज का परिवार और करीबी दोस्त उपस्थित थे।

फ्लॉयड की मौत ने अमेरिका और दुनिया भर में विरोध प्रदर्शनों को हवा दे दी है, अफ्रीकी-अमेरिकी और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के साथ शासन और कानून प्रवर्तन संबंधों में बदलाव का आह्वान किया है।

ख्रीस्त के प्रेम का प्रचार

संत पापा फ्राँसिस, यूएस धर्माध्यक्षों और दुनिया भर के विश्वास-आधारित समुदायों के नेताओं ने हत्या की निंदा की है। उन्होंने न्याय, मानवीय जीवन के लिए सम्मान आह्वान किया है। उनमें से कलीसियाओं की विश्व परिषद जातिवाद के सभी रूपों की अस्वीकार करते हुए ख्रीस्त के प्रेम, निष्ठा, आशा और साहस को फैलाने का आह्वान कर रही है।

वाटिकन न्यूज की 'गैब्रिएला चेरासो ने जेनेवा में बोसी इकनोमिकल इंस्टीट्यूट के डीन फादर लॉरेंस इवुमादी से बात की, जो कोविद -19 महामारी संकटों के प्रति ख्रीस्तीय आशा और एकजुटता के साथ प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता के बारे में है।

मानवीय जीवन के लिए सम्मान

फादर लॉरेंस ने कहा कि डब्ल्यूसीसी और इसके संचालन समिति की मुख्य जिम्मेदारियों में से एक है, विभिन्न कलीसियाओं के सदस्यों के बीच संवाद और मुलाकात को बढ़ावा देना। नस्लवाद और भेदभाव के खिलाफ लड़ाई अपने पूरे इतिहास में कलीसियाओं की विश्व परिषद के मुख्य क्षेत्रों में से एक रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका में जो हुआ है, इस तरह के प्रयास को जारी रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूसीसी ने दृढ़ता से कहा है कि "जातिवाद और नस्लीय भेदभाव के सभी रूपों को समाप्त करना होगा। डब्ल्यूसीसी सभी लोगों के मनपरिवर्तन, आत्म-चिंतन और पश्चताप की मांग करती है।"

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि "रंग या जातीयता की परवाह किए बिना, प्रत्येक मनुष्य को ईश्वर द्वारा दी गई समान गरिमा और मूल्य की सच्ची मान्यता ही," एक वास्तविक ईसाई विश्वास है।

10 June 2020, 14:57