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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर  (ANSA)

परमाणु हथियार नियंत्रण बैठक से पहले प्रार्थना की अपील

एक संयुक्त बयान के अनुसार, अमेरिका काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (यूएससीसीबी) और यूरोपीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन (सीओएमइसीइ) शांतिपूर्ण बातचीत के लिए प्रार्थना करते हैं। अमेरिका और रूस के बीच परमाणु हथियार नियंत्रण बैठक 22 जून को निर्धारित किया गया है।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 20 जून 2020 (वाटिकन न्यूज) : अमेरिका और यूरोपीय धर्माध्यक्ष काथलिकों और अन्य विश्वास के सभी लोगों को "एक फलदायी संवाद हेतु प्रार्थना करने के लिए आमंत्रित करते हैं जो आवश्यक हथियार नियंत्रण और निरस्त्रीकरण को आगे बढ़ाएगा" और "एक अधिक शांतिपूर्ण और न्यायपूर्ण दुनिया" को बढ़ावा देगा।

धर्माध्यक्षों ने 22 जून को वियना में संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक से पहले एक संयुक्त बयान में यह अपील की, जिसका उद्देश्य "परमाणु हथियार नियंत्रण और नई स्टार्ट संधि का भाग्य" पर चर्चा करना है।

बयान पर अमेरिका धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के न्याय एवं शांति समिति के अध्यक्ष, रॉकफोर्ड एवं इलिनोइस के धर्माध्यक्ष डेविड जे. मलॉय और यूरोपीय संघ के बाहरी संबंधों पर यूरोपीय धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष  लितुवानिया वाकाविस्क के धर्माध्यक्ष रिमान्तास नोरविला ने हस्ताक्षर किया।

धर्माध्यक्षों की अपील

बयान में, धर्माध्यक्ष लिखते हैं कि "अगर फरवरी 2021 में नई स्टार्ट संधि को समाप्त करने की अनुमति दी जाती है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के पास 1972 के बाद पहली बार अपने रणनीतिक परमाणु शस्त्रागार पर कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होगा। यूरोपीय सुरक्षा और वैश्विक शांति के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ भी हैं।"

2017 में अमेरिका और यूरोपीय धर्माध्यक्षों के एक और संयुक्त बयान का हवाला देते हुए, धर्माध्यक्षों ने कहा कि परमाणु युद्ध के आतंक को शीत युद्ध की समाप्ति के बाद से कई लोग भूल गए हैं। लेकिन "हालिया भू-राजनीतिक घटनाक्रम हमें याद दिलाते हैं कि हमारी दुनिया गंभीर खतरे में है।"

हथियार नियंत्रण और परमाणु निरस्त्रीकरण 

उन्होंने आगामी बैठक के वातावरण को "बहुध्रुवीय और जटिल पर्यावरण" के रूप में चित्रित किया। उनकी प्रार्थना है कि बैठक "ज्ञान, विश्वास निर्माण और हथियार नियंत्रण और परमाणु निरस्त्रीकरण को उच्च प्राथमिकता बनाने में सहयोग द्वारा चिह्नित की जा सके।"

24 नवंबर 2019 को जापान की यात्रा के दौरान संत पापा फ्राँसिस के शब्दों को धर्माध्यक्षों ने दोहराया। उस अवसर पर, संत पापा ने इच्छा व्यक्त की कि " प्रार्थना,समझौतों के समर्थन में अथक परिश्रम और संवाद पर जोर देना सबसे शक्तिशाली 'हथियार' है। "ये" न्याय और एकजुटता की दुनिया का निर्माण करने में योगदान देंगे जो शांति का प्रामाणिक आश्वासन दे सकते हैं।"

नई स्टार्ट संधि

अमेरिकी राज्य विभाग की वेबसाइट के अनुसार, नई स्टार्ट संधि, "संयुक्त राज्य अमेरिका और रूसी संघ के बीच सामरिक आक्रामक हथियारों की कमी और आगे की कार्रवाई की सीमा के लिए संधि" है।

यह संधि 5 फरवरी 2011 को लागू हुई थी।

20 June 2020, 14:58