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महारानी एलिजाबेथ महारानी एलिजाबेथ 

महारानी एलिजाबेथ का 94 वां जन्मदिन कई लोगों ने मनाया

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के 94 वें जन्मदिन के समारोहों को चिह्नित करने के लिए, हम वर्षों से काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्षों के साथ उनकी कुछ बैठकों को एक राजकुमारी के रूप में और ग्रेट ब्रिटेन की रानी के रूप उनके जीवन के सुनहरे मुलाकातों को प्रस्तुत कर रहे हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

लंदन, शनिवार 13 जून 2020 (वाटिकन न्यूज) : इतिहास में सबसे लंबे समय तक राज करने वाली महारानी एलिजाबेथ अपने जीवनकाल में चार परमाध्यक्षों से पांच बार मिल चुकी हैं। हालांकि रानी का जन्म 21 अप्रैल1926 ई. को हुआ था, उनका जन्मदिन जून में दूसरे शनिवार को आधिकारिक तौर पर मनाया जाता है, जो इस वर्ष आज यानि 13 जून शनिवार को है। आज, हम महारानी एलिजाबेथ का 94 वां जन्मदिन मना रहे हैं, महारानी का ताज पहनाये जाने का 67वाँ वर्ष है।

एलिजाबेथ एलेक्जेंड्रा मेरी अपने पिता महाराजा जॉर्ज छठे की मृत्यु के बाद 1953 में 25 वर्ष की आयु में सिंहासन पर बैठीं। रानी एलिजाबेथ की वाटिकन की पहली यात्रा 1951 में राजकुमारी एलिजाबेथ के रूप में हुई थी। उस समय संत पापा पियुस बारहवें  थे।

ग्रेट ब्रिटेन की रानी के रूप में पहली यात्रा

रानी एलिजाबेथ की वाटिकन में दूसरी यात्रा 5 मई 1961 को हुई थी। इस समय वे अब रानी थीं। रानी एलिजाबेथ और प्रिंस फिलिप को संत पापा जॉन तेईसवें ने वाटिकन में स्वागत किया। मुलाकात के दौरान,संत पापा जॉन तेईसवें  ने शांति, उदारता और भाईचारे के महान ख्रीस्तीय आदर्श को साकार करने में उनके "साहस, पहल की भावना और दृढ़ता के लिए महान ब्रिटिश राष्ट्र की प्रशंसा की।"

संत पापा जॉन तेईसवें से मुलाकात

मोनसिन्योर चार्ल्स बर्न्स, ओबीई ब्रिटिश दूतावास में परमधर्मपीठ के सलाहकार हैं। वे उस ऐतिहासिक बैठक में उपस्थित थे। अपने संस्मरण में उन्होंने लिखा हैः मई 1961 में, महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने सम्राज्ञी के रूप में पहली बार इटली की एक आधिकारिक यात्रा की। निस्संदेह उनकी रोम यात्रा, पोंटिफिकल स्कॉट्स कॉलेज में स्नातकोत्तर छात्र के रूप में मेरे चार वर्षों का सबसे  यादगार, अविस्मरणीय समय था। मेरी थीसिस अंतिम चरण में थी, पोंटिफिकल ग्रेगोरियन विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों के साथ, कई घटनाओं में एक प्रत्यक्षदर्शी होने का अवसर मिला।

हमारे लिए राजकीय यात्रा का मुख्य आकर्षण 5 मई को संत पापा जॉन तेईसवें के साथ मुलाकात थी। स्कॉट्स कॉलेज के वरिष्ठों और पूरे समुदाय को वाटिकन के क्लेमेंटीन सभागार में बैठाया गया, रॉयल दम्पति के सभागार में प्रवेश करते ही तालियों के साथ उनका स्वागत किया गया। स्विस गार्ड्स के बैंड द्वारा राष्ट्रीय गान ‘गॉड सेव द क्वीन’ की धुन बजाई गई। खिड़कियों से लोगों ने राष्ट्रीय गान गाना शुरु किया। यह सब बहुत रोमांचक था। बाद में उन्होंने संत पापा से मुलाकात की।

 संत पापा जॉन पॉल द्वितीय से मुलाकात 

1980 में रानी एलिजाबेथ ने इतिहास रचा, जब वे वाटिकन की राजकीय यात्रा करने वाली पहली ब्रिटिश सम्राज्ञी बनीं। संत पापा जॉन पॉल द्वितीय के साथ इस बैठक के दौरान, रानी और इंग्लैंड की कलीसिया के प्रमुख ने 1982 में संत पापा की ग्रेट ब्रिटेन की यात्रा की योजनाओं का सार्वजनिक रूप से स्वागत किया था। उन्होंने कहा कि कि उनकी यात्रा राजनीतिक नहीं अपितु प्रेरितिक होगी।।

 रानी एलिजाबेथ ने कहा, ʺहम दुनिया भर में ईसाई कलीसियाओं के बीच बढ़ती एकता का समर्थन करते हैं और हम प्रार्थना करते हैं कि संत पापा की ब्रिटेन यात्रा हम सभी को अधिक स्पष्ट रूप से उन सच्चाइयों को देखने में सक्षम कर सकेगी जो हमें एक नई और रचनात्मक रोशनी में एकजुट और विभाजन दोनों ही करती हैं।ʺ

 ब्रिटेन का दौरा 

 जैसा कि योजना बनाई गई थी, दो साल बाद संत पापा जॉन पॉल द्वितीय ने ग्रेट ब्रिटेन में अपनी प्रेरितिक यात्रा की। 1982 ग्रेट ब्रिटेन के लिए संत पापा की यात्रा बहुत महत्वपूर्ण वर्ष था क्योंकि ब्रिटेन अर्जेंटीना के साथ युद्ध में था, जिसने ब्रिटिश कब्जे फ़ॉकलैंड द्वीप समूह पर आक्रमण किया था। अपने एक संबोधन में, संत पापा ने फॉकलैंड् में शांति की मांग की। उन्होंने फ़ॉकलैंड द्वीप समूह में ब्रिटेन और अर्जेंटीना को 'मौत के हथियार' को अलग रखने की अपील की।

उन्होंने कहा, “मेरी यात्रा तनाव और चिंता के समय हो रही है, एक ऐसा समय जब दुनिया का ध्यान दक्षिण अटलांटिक में संघर्ष की नाजुक स्थिति पर केंद्रित किया गया है। … यह दुखद स्थिति मेरे लिए सबसे गंभीर चिंता का विषय रही है और मैंने दुनिया भर में काथलिकों से बार-बार निवेदन किया है कि वे और सभी भली इच्छा रखने वाले लोग इस युद्ध की एक न्यायपूर्ण और शांतिपूर्ण समाधान हेतु मेरे साथ प्रार्थना करें।”

रानी एलिजाबेथ और संत पापा जॉन पॉल द्वितीय, ग्रेट ब्रिटेन, 1982

फिर, 18 साल बाद, नई सहस्राब्दी में, रानी एलिजाबेथ ने अक्टूबर में एक बार फिर वाटिकन का दौरा किया। उन्होंने संत पापा जॉन पॉल द्वितीय के साथ तीसरी बार मुलाकात कीं। उन्होंने लिफाफे में अपने भाषणों का आदान-प्रदान किया।

संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें से मुलाकात

सितंबर 2010 में,  संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें ने ग्रेट ब्रिटेन की प्रेरितिक यात्रा की। एडिनबर्ग, स्कॉटलैंड में उनकी मुलाकात महारानी एलिजाबेथ द्वितीय से हुई।

 महारानी एलिजाबेथ 2010 में एडिनबर्ग में संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें से मिलीं

संत पापा फ्राँसिस से मुलाकात

अंत में, अप्रैल 2014 में, महारानी एलिजाबेथ ने इटली की राजकीय यात्रा की और राष्ट्रपति नपोलितानो से मिलने के बाद वाटिकन आई, जहाँ उनका स्वागत संत पापा फ्राँसिस ने किया।

13 June 2020, 15:28