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धर्मप्रांतीय सभा को सम्बोधित करते कार्डिनल विकर दी दोनातिस धर्मप्रांतीय सभा को सम्बोधित करते कार्डिनल विकर दी दोनातिस  (ANSA)

रोम धर्मप्रांत की सड़कों पर, लोगों के साथ चलें, कार्डिनल दोनातिस

संत योहन बपतिस्ता के पर्व दिवस पर रोम के संत जॉन लातेरन महागिरजाघर में संत पापा के विकर कार्डिनल अंजेलो दी दोनातिस ने महामारी के बाद प्रेरितिक दिशानिर्देश प्रस्तुत किया। जिसमें उन्होंने सुनने के लिए समर्पण पर जोर दिया। दिशानिर्देश में जैसा कि संत पापा फ्राँसिस ने सलाह दी है, उन्होंने कठिनाई में पड़े परिवारों के प्रति ठोस एकात्मता का आह्वान किया गया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

रोम, बृहस्पतिवार, 25 जून 2020 (वीएन)- कार्डिनल अंजेलो ने कहा है कि आगामी प्रेरितिक वर्ष हेतु धर्मप्रांत का ध्यान रहेगा, पड़ोस में रहनेवाले लोगों के साथ संबंध अधिक मजबूत करना (विशेषकर, परिवारों, युवाओं और सबसे कमजोर लोगों) और उनके जीवन की कहानियों को अधिक ध्यान देकर सुनना। 

संत योहन बपतिस्ता के पर्व दिवस के अवसर पर रोम के पुरोहितों के साथ कार्डिनल दी दोनातिस ने संत जॉन लातेरन महागिरजाघर के प्राँगण में संध्या प्रार्थना की और इसके अंत में पुरोहितों को नये प्रेरितिक दिशानिर्देश सौंप दिया तथा धर्मप्रांतीय कलीसिया के जीवन में सुधार एवं इसके सुसमाचारी कार्यों में संबंधों पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा, "हमें वास्तव में अपने आपको दूसरों को सुनने के लिए समर्पित करना है कि लोग क्या सोचते, महसूस करने और कैसे जीते हैं, ताकि उनकी चिंता की जा सके।"

महामारी को बेकार जाने न दें

संत पापा फ्राँसिस के शब्दों की याद दिलाते हुए कार्डिनल ने कहा कि महामारी के इस समय में हमें अपने आप में बंद नहीं होना है बल्कि समय के चिन्ह पर चिंतन करना है, यह जोती गई अच्छी भूमि की तरह पुनः शुरू करने के लिए एक अनुकूल और सामयिक अवसर है। अतः सुनने के द्वारा हम कृत्रिम श्वासयंत्र से जुड़े रहने के प्रलोभन को छोड़, ईश्वर की सांस पर भरोसा कर सकते हैं। अपने आप को "निराशावादी और विनाशकारी नजर" के बिना आत्मा द्वारा प्रेरित होने दे सकते है।

परिवारों के साथ एकात्मता

संत पापा के विकर ने परिवारों एवं लोगों पर महामारी के प्रभाव पर प्रकाश डाला। सकारात्मक प्रभाव पर गौर करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान एक साथ रहने का अवसर मिला और नकारात्मक प्रभाव उन परिवारों को सहना पड़ा जहाँ बीमार लोग हैं। कार्डिनल ने कहा कि यह आवश्यक है कि परिवारों से शुरू किया जाए, जब उन्हें गंभीरता से ध्यान दिये जाने की जरूरत है एवं वे जहाँ हैं वहाँ से आज की अच्छी संभावना और कृपा तथा करुणा के सुसमाचार की घोषणा करने हेतु अगला कदम लेने के लिए मदद दिये जाने की आवश्यकता है। ठोस एकात्मता के रूप में कार्डिनल ने सलाह दी कि पल्लियों में सुनने के लिए केंद्र स्थापित किये जाएँ तथा परिवारों की मदद फंड और येसु दिव्य श्रमिक फंड आदि को मदद करने के लिए ख्रीस्तियों को प्रोत्साहन दिया जाए। आप्रवासी परिवारों पर भी ध्यान दिया जाए क्योंकि वे विश्वास एवं संस्कृति के वाहक हैं।  

येसु दिव्य श्रमिक फंड

कार्डिनल दोनातिस ने बांटने की मानसिकता पर जोर देते हुए येसु दिव्य श्रमिक फंड की मदद करने का आह्वान किया, जो एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा जितना संभव हो परिवारों की मदद करना है, न केवल तत्कालिक आर्थिक आवश्यकताएं प्रदान करने के द्वारा बल्कि नौकरी अथवा छोटे धंधे शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के द्वारा भी।

अंत में, उन्होंने बतलाया कि आगामी सितम्बर में संत पापा फ्राँसिस स्वयं इस प्रेरितिक दिशानिर्देश पर प्रकाश डालेंगे। 

25 June 2020, 17:38