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यमन में शरणार्थी बच्चे यमन में शरणार्थी बच्चे   (ANSA)

कारितास : शरणार्थी हमारे अन्यायपूर्ण तंत्र के शिकार

कारितास इंटरनैशनल ने विश्व शरणार्थी दिवस के अवसर पर एक संदेश प्रकाशित किया है। विश्व शरणार्थी दिवस 20 जून को मनाया जाता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार, 20 जून 2020 (वीएन)- इस बात पर जोर देते हुए कि "शरणार्थी हमारे अन्यायपूर्ण व्यवस्था के शिकार हैं" काथलिक कारितास के वैश्विक महासंघ ने विश्व के राजनीतिक नेताओं से अपील की है कि शरणार्थियों को सम्मानित और सुरक्षित तरीके से अपनाया जाए। उनकी मौलिक आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित की जाए और उन्हें सुरक्षित जीने की परिस्थिति प्रदान की जाए, विशेषकर, कोविड-19 महामारी के समय में।

राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी

165 राष्ट्रीय काथलिक राहत और विश्वभर में धर्माध्यक्षीय सम्मेलन की विकास एजेंसियों के वैश्विक संघ, कारितास इंटरनैशनल द्वारा जारी संदेश में अपील करते हुए कही गई है कि "हम हमारे राजनीतिक नेताओं से अपील करते हैं कि वे शरणार्थियों की सुरक्षा के लिए साहसिक कदम उठायें, खासकर, उन लोगों के लिए जो कई स्थलों में विभिन्न प्रकार के शोषण के शिकार हैं।

20 जून को विश्व शरणार्थी दिवस के मद्देनजर जारी संदेश में कारितास इंटरनैशन के महासचिव अलोइसियुस जॉन का कहना है कि शरणार्थी " प्रतिष्ठा, मूल्यों और अधिकार के साथ मानव व्यक्ति हैं तथा यह हम सभी का कर्तव्य है कि हम उन्हें खुली बाहों से अपनायें एवं यह सुनिश्चित करें कि वे सम्मान की जिंदगी जी सकें।"

"कारितास इंटरनैशनल के रूप में हमारा मुख्य उद्देश्य है कि हम सबसे दुर्बल लोगों के प्रति चिंता एवं स्नेह प्रकट करते हुए भाईचारा को बढ़ायें, और उन दुर्बलों में से एक हैं शरणार्थी।"

कारितास ने गौर किया है कि "हिंसा, भय और सबसे बढ़कर एक अन्यायपूर्ण तंत्र के शिकार शरणार्थियों को अपना घर छोड़ना एवं एक अज्ञात गणतव्य की ओर प्रस्थान करना पड़ता है जहाँ उन्हें कठनाइयों, दुःख, चिंता और सदमा का सामना करना पड़ता है।"  

शरणार्थियों के चेहरे और कहानी

इस घटना को ध्यान में रखते हुए कि पिछले साल 145 देशों के कठिन रास्तों पर करीब 33.4 मिलियन लोगों को पलायन करना पड़ा था अलोइसियुस जॉन ने कहा, "महिलायें, बच्चे और बूढ़े इससे बुरी तरह प्रभावित होते हैं।"  

उन्होंने शरणार्थियों एवं विस्थापितों की पीड़ा पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की उदासीनता और चुप्पी पर खेद व्यक्त करते हुए कहा, "विश्व भर में कई लोग हैं जिनका कोई चेहरा एवं इतिहास नहीं है। वे केवल संख्या अथवा समाचार बनकर रह गये हैं जिनको संक्षेप में समाचार पत्रों में देखा जा सकता है।"  

सहानुभूति एवं एकात्मता की आवश्यकता

इस बात पर ध्यान देते हुए कि कोविड-19 ने मानवता को प्रभावित करनेवाली किसी भी चीज के खिलाफ सामना करने लिए वैश्विक एकात्मता को प्रेरित किया है, कारितास महासचिव ने जोर दिया है कि 2020 हमें शरणार्थियों और उनकी दयनीय स्थिति का जवाब नये तरीके से देने के लिए अग्रसर करे।

उन्होंने कहा है कि शरणार्थियों को सहानुभूति एवं एकात्मता से स्वीकार करना तथा घटना के मूल कारणों का पता लगाना और एक समान आर्थिक प्रणाली विकसित करना अति आवश्यक है जो उन्हें समान अवसरों की गारंटी देगा।

इस संबंध में उन्होंने रोहिंग्या लोगों के मामले को उजागर किया है जो बंगलादेशी सरकार के स्वागत के बावजूद, अत्यधिक कमजोर स्थिति में हैं और कोविड-19 महामारी से भी प्रभावित हैं।

20 June 2020, 15:22