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श्रीलंका के कार्डिनल मालकोम रंजित श्रीलंका के कार्डिनल मालकोम रंजित  (AFP or licensors)

श्रीलंका के ख्रीस्तीयों ने आत्मघाती बम हमलावरों को क्षमा की

पास्का रविवार के ख्रीस्तयाग में कार्डिनल मालकोम रंजित ने कहा कि ख्रीस्त का संदेश है अपने शत्रुओं से प्रेम करो। उन्होंने कहा कि ख्रीस्तीयों ने अपने हत्यारों को माफ कर दिया है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिक सिटी

श्रीलंका, मंगलवार, 14 अप्रैल 2020 (वीएन) – कोलोम्बा के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल मालकोम रंजित ने कहा कि श्रीलंका के काथलिकों ने उन हत्यारों को माफ कर दिया है जिन्होंने एक साल पहले पास्का रविवार को आत्मघाती बम हमले द्वारा द्वीप में आतंक फैलाया था। उन्होंने कहा कि पथभ्रष्ट युवाओं के एक दल ने लोगों के जीवन पर हमला किया और विगत साल के पास्का रविवार के दिन ख्रीस्तीयों को हानि पहुँचान की कोशिश की। कार्डिनल रंजित ने 12 अप्रैल को पास्का रविवार का ख्रीस्तयाग अर्पित करते हुए कहा, “बम ने न केवल काथलिकों को बल्कि बौद्ध, हिन्दू और मुसलानों को भी मार डाला।”

कोविड -19 को फैलने से रोकने के लिए लिये गये उपायों के कारण उनके ख्रीस्तयाग को उनके आवास से टेलीविजन पर लाईव प्रसारित किया गया।

स्थानीय इस्लामिक चरमपंथी समूह नेशनल थोहेद जमथ से जुड़े नौ आत्मघाती हमलावरों ने पिछले साल 21 अप्रैल को तीन गिरजाघरों और तीन लक्जरी होटलों में विस्फोट किया था, जिसमें 37 विदेशी नागरिकों सहित कम से कम 279 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 500 घायल हो गए थे। उन्होंने नेगोम्बो में संत सेबेस्टियन गिरजाघर, कोटाहेना में संत अंतोनी तीर्थ स्थल और बटिकालोया में एवंजेलिकल सियोन चर्च में समन्वित बम हमलों को अंजाम दिया था।

संबंध का बहिष्कार, स्वार्थ

कार्डिनल ने उपदेश में कहा, “पिछले साल कुछ पथभ्रष्ट युवाओं ने हमपर हमला की और हम उसका उत्तर मानव के रूप में स्वार्थ से दे सकते थे किन्तु हमने ख्रीस्त की शिक्षा पर चिंतन किया और उन्हें प्यार करते हुए क्षमा कर दी तथा उनपर दया दिखायी।

सरकार की असफलता

बम विस्फोटों के बाद, आम जनता और धार्मिक नेताओं ने राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों को हमलों के बारे में खुफिया जानकारी देने में विफलता के लिए दोषी ठहराया। श्रीलंका के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन एवं कार्डिनल रंजित ने सरकार से अपील की कि निष्पक्ष जांच करने और अपराधियों को कानून के समक्ष लाने हेतु एक स्वतंत्र आयोग का गठन किया जाए।

पूर्व राष्ट्रपति मैत्रीपाला श्रीसेना ने हमले की जाँच के लिए अध्यक्षीय आयोग का गठन किया। राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने भी औपचारिक पूछताछ के लिए एक समिति का गठन किया तथा हमले के शिकार लोगों को न्याय देने का वादा किया। पुलिस ने हमले के संबंध में 135 लोगों को गिरफ्तार किया।

कोविड-19 के भय के साथ पास्का

श्रीलंका में कोरोना वायरस महामारी के कारण विगत तीन सप्ताह से कर्फ्यू है। प्रतिष्ठित जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार श्रीलंका में कोरोनोवायरस के कारण 7 मौतों के साथ साथ 214 लोगों के संक्रमित होने के मामले सामने आये हैं।

ख्रीस्तीयों ने रविवार को बंद गिरजाघरों में, टेलीविजन पर लाईव प्रसारण के माध्यम से ख्रीस्तयाग में भाग लेते हुए अपने घरों में पास्का पर्व मनाया। संत अंतोनी एवं संत सेबास्तियन गिरजाघरों में विश्वासियों की उपस्थिति के बिना ख्रीस्तयाग अर्पित किया गया।

पिछले साल बम से मारे गये लोगों की याद में कोई कार्य क्रम आयोजित नहीं किया गया है किन्तु काथलिक कलीसिया 21 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से यादगारी मनाने की योजना बना रही है।

14 April 2020, 16:29