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प्रतीकात्मत तस्वीर प्रतीकात्मत तस्वीर  (ANSA)

मेघालय में कोरोना वायरस से एक की मौत

कोविड -19 से एक डॉक्टर की मौत और एक निजी ईसाई अस्पताल में कर्मचारियों के बीच, कई सकारात्मक मामलों के सामने आने से, अब मेघालय भी उन राज्यों की गिनती में आ गया है जहाँ कोविड -19 से मौंते हुई हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

भारत, मंगलवार, 21 अप्रैल 2020 (ऊकान) – मेघालय की सरकार ने 15 अप्रैल को पुष्टि किया था कि  शिलोंग के बेथानी अस्पताल में डॉ. जॉन साइलो रैनताथियांग की मौत कोविड 19 से हुई है तथा उनके परिवार के सदस्यों एवं अस्पताल के कई सदस्यों में वायरस सकारात्मक पाया गया है।

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने 15 अप्रैल को ट्वीट पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा था, "बड़े दुःख के साथ आप सभी को सूचित करता हूँ कि आज प्रातः मेघालय में कोविड-19 के पहले मरीज की मौत हो चुकी है।

12 अप्रैल तक मेघालय भारत का एकमात्र राज्य था जहाँ कोविड-19 से संक्रमण के मामले नहीं थे और राज्य अपने कार्यालयों एवं व्यापारों को पुनः खोलने की बात कर रहा था।

69 वर्षीय डॉ. सायलो एक प्रेसबिटेरियन डॉक्टर थे, जो अस्पताल के संस्थापक भी थे। उन्होंने 12 अप्रैल तक काम किया, उसके बाद उनमें महामारी के लक्षण दिखाई दिए थे।

175 बेड वाले इस अस्पताल की स्थापना तीन दशक पहले हुए है जिसमें प्रतिदिन सैंकड़ों लोगों की चिकित्सा की जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों को संदेह है कि यह मेडिकल सुविधा अब कोरोना वायरस का मुख्य केंद्र बन जायेगा। राज्य सरकार ने अस्पताल को सील कर दिया है तथा राजधानी एवं निकट के शहर नोंगपोह में कर्फ्यू जारी किया है।

सांगमा ने ट्वीट में लिखा, "राज्य के सभी छः सकारात्मक मामले, कोविड -19 मामले के पहले शिकार के, परिवार के सदस्यों एवं उनके सहयोगियों में पाया गया हैं।" मेघालय के एक अधिकारी ने कहा कि मौत के शिकार डॉक्टर ने कोई यात्रा नहीं की थी।

ख्रीस्तीय बहुल राज्य नागालैंड,मिजोराम और अरूनाचल प्रदेश में एक एक मामले हैं जबकि त्रिपुरा और मनिपुर में दो मामले हैं।

मेघालय के एक अधिकारी ने कहा कि राज्य भर के लोग इस अस्पताल में आते हैं। डर इस बात की है कि लोगों ने कहीं अपने साथ अपने गाँवों एवं घरों में कोरोना वायरस तो नहीं ले लिया है। यह स्वास्थ्य का सचमुच खतरा है।

राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने उन सभी लोगों को नोटिस जारी किया है जिन्होंने 24 मार्च के बाद अस्पताल का दौरा किया है और उन्हें अपने घरों में अलग रहने की सलाह दी है।

21 April 2020, 17:04