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ए सी एन के निदेशक बेनोईट दी प्लानप्रे के साथ एक अन्य पुरोहित ए सी एन के निदेशक बेनोईट दी प्लानप्रे के साथ एक अन्य पुरोहित  (Copyright: free with credit to Photographer)

एसीएन द्वारा पीड़ित समुदायों को फंड एवं आध्यात्मिक सहायता

एड टू द चर्च इन नीड (जरूरतमंदों को कलीसिया की मदद) ने विश्वभर के विभिन्न समुदायों को प्रार्थना में एकजुट किया है और ठोस मदद पहुँचाने हेतु फंड एकत्रित कर रहा है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 23 अप्रैल 20 (वीएन)-कोरोना वायरस महामारी के कारण विश्वभर के लोग पीड़ित हैं। संसाधन कम हैं और गरीब पहले से कहीं अधिक अभावग्रस्त हैं।

अप्रैल के शुरू से ही विश्वभर से समुदाय, कोविड-19 को समाप्त करने हेतु प्रार्थना में भाग लेने के एड टू द चर्च इन नीड (ए सी एन) के निमंत्रण का प्रत्युत्तर दे रहे हैं।

इस सप्ताह 50 एकांत मठवासी समुदायों ने परमधर्मपीठीय संगठन के आह्वान का उत्तर दिया है तथा कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों के प्रति अपनी सहानुभूति प्रकट की है।

इसके साथ ही संगठन ने 5 मिलियन यूरो एकट्ठा करने का भी लक्ष्य रखा है ताकि उन पुरोहितों, धर्मबहनों एवं विश्वासियों की मदद की जा सके, जो इस खास समय में निराशाजनक समुदायों में बड़ी कठिनाईयाँ उठा रहे हैं। दानदाता इस वेबसाईट के माध्यम से अपना दान कर सकते हैं : https://www.aed-france.org/projets/covid-19/.

ए सी एन के निदेशक बेनोईट दी प्लानप्रे ने कहा कि वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के सामने यद्यपि यह प्रयास, सागर में एक बूंद के समान लगे, ए सी एन के लिए यह जरूरी है कि वह जितना कर सकता है जरूरतमंद ख्रीस्तीय समुदायों के समर्थन के लिए करे। उन्होंने कहा कि यह प्रयास मध्यपूर्व, मध्य एवं पूर्वी यूरोप, लातीनी अमरीका, एशिया और अफ्रीका के विभिन्न योजनाओं को मदद देगा।

ए सी एन के कार्यकारी अध्यक्ष थॉमस हेइने गेलडेर्न ने कहा कि सामाजिक एवं आध्यात्मिक सहायता की मांग बहुत बड़ी है जब विश्व में कोरोना वायरस का फैलना  जारी है।

उन्होंने कहा, "हम आशा करते हैं कि यह सहायता जिसको हमारे उपकारकों द्वारा सम्भव बनाया गया है, साहसी धर्मसमाजियों जो पहली पक्ति पर हैं उनके भार को कम करेगा।" महामारी के कारण विकासशील देशों में असंख्या समुदाय हैं जो पहले से गरीब हैं और उनके पास कम संसाधन हैं वे स्थानीय कलीसिया के सामाजिक सेवा एवं स्वास्थ्य देखभाल पर निर्भर रहते हैं।

कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि ग्रह के सबसे गरीब ख्रीस्तीय समुदायों के दैनिक जीवन में कलीसिया की खास प्रेरितिक एवं आध्यात्मिक भूमिका है। 

 

23 April 2020, 16:49