खोज

Vatican News
मुफ्त में खाना लेने के लिए लाईन लगाये हुए लोग मुफ्त में खाना लेने के लिए लाईन लगाये हुए लोग  (ANSA)

भारत में कोविड-19 से प्रभावित राज्य में कार्डिनल ग्रेसियस की पहल

महाराष्ट्र में कोविड-19 के 4,666 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। मुम्बई के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल ऑस्वल्ड ग्रेसियस, कोविड-19 महामारी से सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र की राजधानी में संक्रमण का सामना करने का प्रयास कर रहे हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

भारत, मंगलवार, 21 अप्रैल 2020 (उकान)- मुम्बई महाधर्मप्रांत हजारों प्रवासी मजदूरों को भोजन और आवास प्रदान कर रहा है जो 24 मार्च से लॉकडाउन के कारण काम पर नहीं जा पा रहे हैं।

महाधर्मप्रांत के प्रवक्ता फादर निगेल बर्रेट ने 21 अप्रैल को कहा, "महाधर्मप्रांत की 124 पल्लियाँ अपने क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को भोजन प्रदान किये जा रहे हैं। करीब 7,000 लोगों को प्रतिदिन दो बार भोजन प्रदान किया जा रहा है।"

कार्डिनल ग्रेसियास और अन्य ईसाई नेताओं ने 27 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर महामारी के खिलाफ लड़ाई में अपनी सुविधाएं उपलब्ध करने के लिए कलीसिया की तत्परता की पेशकश की थी।

मुम्बई की तीन कलीसियाई संस्थाओं ने 200 प्रवासियों के ठहरने का इंतजान किया है जो तालाबंदी में यातायात साधनों के बंद हो जाने पर फंसे हुए हैं। फादर बर्रेट ने कहा, "हम और अधिक लोगों को स्थान दे सकते हैं क्योंकि हमारे पास सुविधाएँ हैं।"

प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी ने स्वास्थ्यकर्मियों, कार्डिनल ग्रेसियस, कारितास इंडिया निदेशक और भारत के काथलिक स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस का नेतृत्व किया।

फादर बर्रेट ने बतलाया कि कार्डिनल ग्रेसियास ने 2 अप्रैल को एक, दूसरे वीडियो कॉन्फ्रेंस में भाग लिया था, जिसमें प्रधानमंत्री कार्यालय ने प्रवासी श्रमिकों की दुर्दशा पर चर्चा की थी और कॉन्फेंस के बाद कार्डिनल ने वर्तमान की समस्या पर प्रवासी मजदूरों की मदद करने के संबंध में मुम्बई के अधिकारियों से बात की थी।  

कार्डिनल ने महाधर्मप्रांत में संकट प्रबंधन समिति का गठन भी किया है ताकि तेजी से बदलते परिदृश्य का विश्लेषण और उसका दैनिक जवाब दिया जा सके।”

महाराष्ट्र में कोविड-19 से कुल 4,666 लोग संक्रमित हैं। मुंबई के कई क्षेत्र, जो अपनी तंग झुग्गियों के लिए बदनाम हैं, उन क्षेत्रों को भी हॉटस्पॉट के रूप में पहचाना जाता है।

भारत में 21 दिनों का लॉकडाउन 14 अप्रैल को समाप्त होने वाला था किन्तु सरकार ने इसे बढ़ाकर 3 मई कर दिया है जिसने दैनिक मजदूरों को बेहाल कर दिया है क्योंकि उन्होंने अपना रोजगार खो दिया है।

महाधर्मप्रांत ने रायगढ़, ठाणे और मुंबई जैसे जिलों में संगठन के नेटवर्क के माध्यम से भी आदिवासियों एवं दैनिक मजदूरों तक पहुँचने की कोशिश की है। इसके द्वारा करीब 5,000 परिवारों एवं 1,00,000 लोगों को मदद मिली है। उन्होंने कहा कि महामारी ने उन्हें भोजन वितरण में "अत्यधिक सावधानी और एहतियात" बरतने के लिए मजबूर किया है, जो स्थानीय सरकारी अधिकारियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।

पादर ने कहा कि संघर्ष आसान नहीं है किन्तु हम एकजुट होकर विश्वास करते हैं कि हम कामयाब हो जायेंगे।  

21 April 2020, 16:51