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राशन प्राप्त करते हुए ग्रामीण राशन प्राप्त करते हुए ग्रामीण 

एराउज-फिया फौंडेशन द्वारा गरीब और वंचित परिवारों की मदद

गुमला के एराउज ने फिया फौंडेशन के साथ कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए सरकार द्वारा लगाये गये लॉकडाउन के समय, गरीब और वंचित परिवारों को राशन प्रदान कर मदद पहुँचायी।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

झारखंड, बृहस्पतिवार, 30 अप्रैल 20 (वीएन हिन्दी)- गुमला के एराउज ने फिया फौंडेशन के साथ मिलकर 29 अप्रैल को गुमला जिला के चैनपुर प्रखंड के चार पंचायतों के 18 गांवों में 179 गरीब एवं वंचित परिवारों के बीच राशन वितरण किया। जिसमें प्रत्येक परिवार को, 25 किलो चावल, 3 किलो दाल 1 किलो तेल और 1 पाकेट नमक दिया गया।

एराउज, राँची जेस्विट सोसाईटी द्वारा संचालित समाज सेवा संस्थान है जो समाज के गरीब एवं वंचित लोगों तक पहुँचता और उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास करता है। इसका मुख्य कार्यालय गुमला में है।  

कोविड-19 के कारण झारखंड की स्थिति पर गौर करते हुए जेस्विट फादर फ्राँसिस मिंज ने एक साक्षात्कार में कहा है कि "झारखंड, भारत का एक बहुत गरीब राज्य है और कोविड-19 से गरीब लोग सबसे अधिक पीड़ित हैं।"

उन्होंने कहा है कि झारखंड के करीब 8 लाख से अधिक लोग दूसरे राज्यों में प्रवासी के रूप में कार्य करते हैं। उनकी स्थिति बहुत गंभीर है। उन्हें इस स्थिति का अनुमान नहीं था क्योंकि यह महामारी है। गंभीर बात ये है कि इससे सभी लोग संक्रमित हो रहे हैं और समाज के गरीब और उपेक्षित आदिवासी, दलित और हाशिये पर जीवनयापन करनेवाले लोग इससे बुरी तरह प्रभावित हैं।

झारखंड में आदिवासियों की संख्या 26.3 प्रतिशत है। यह एक बड़ी किन्तु गरीब आबादी है, जो कृषि के लिए केवल वर्षा पानी पर निर्भर करती है। जंगल से प्राप्त होने वाले संसाधन, इस साल जलवायु परिवर्तन के कारण नहीं मिल रहे हैं। इस तरह जीवित पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। जो सब्जियाँ अथवा फसल उगाये जाते हैं उन्हें भी तालाबंदी के कारण बाजारों में बेचा नहीं जा सकता। लोग बेरोजगार हैं। इस समय में बहुत सारे लोग दैनिक मजदूरी करते हैं जो अभी संभव नहीं है। अतः कोरोना वायरस लॉकडाउन से आदिवासी लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं।

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राशन प्राप्त करने के बाद दूरी बनाकर खड़े ग्रमीण
30 April 2020, 17:38