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यूक्रेन में क्रिसमस महापर्व यूक्रेन में क्रिसमस महापर्व 

पूर्वी कलीसियाओं में ख्रीस्त जयन्ती का उत्सव

आज कई कलीसियाएँ खासकर, ऑर्थोडॉक्स कलीसिया के ख्रीस्तीय, ख्रीस्त जयन्ती का महापर्व मना रहे हैं। मिस्र के कॉप्टिक ख्रीस्तीय भी इसी दिन ख्रीस्त जयन्ती मनाते हैं। फादर बोलेस गरास ने देश में राजनीतिक एवं सामाजिक तनाव के बीच पर्व मनाये जाने के बारे बतलाते हुए सभी लोगों को शांति की शुभकामनाएँ दीं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 7 जनवरी 2020 (रेई)˸ पूर्वी काथलिक कलीसिया एवं ऑर्थोडॉक्स कलीसिया के ख्रीस्तीय आज 7 जनवरी को ख्रीस्त जयन्ती का महापर्व मना रहे हैं। ऊपरी मिस्र में भी आज ही ख्रीस्त जयन्ती मनायी जा रही है।

मिनया में ऑर्थोडॉक्स गिरजाघर का उद्घाटन

मिनया में ऑर्थोडॉक्स कॉप्टिक कलीसिया के लिए और एक खुशी की बात है कि 5 जनवरी को अनबा मोस्सा अल अस्साद के गिरजाघर का पुनः प्रतिस्थापन किया गया। यह 2013 में मुस्लिम ब्रदरहुड द्वारा नष्ट किये गये, 84 गिरजाघरों में से एक है,  जिसके साथ ही तख्तापलट के बाद सेना ने 3 जुलाई को ब्रदरहुड के अध्यक्ष मोहम्मद मोर्सी को हटा दिया था। गिरजाघर में मिस्सा पूजा के लिए वापसी सभी ईसाइयों के लिए आशा का एक सुंदर संकेत है।

मिस्र के लिए शांति की कामना

फादर बोलेस गारास मिस्र की कलीसियाओं के परिषद के महासचिव हैं। वे एक काथलिक पुरोहित हैं जो काहिरा में रहते हैं। उन्होंने फोन द्वारा वाटिकन रेडियो से बातचीत करते हुए 25 दिसम्बर को क्रिसमस मनाये जाने पर प्रकाश डाला।

फादर बोलेस - क्रिसमस की रात मैंने सोचा कि हमारे पल्ली गिरजाघर के चारों ओर क्यों बहुत अधिक सुरक्षा का इंतजान किया गया है। मैं बाहर निकला और बहुत अधिक पुलिसकर्मियों को पाया जो मुझसे कह रहे थे कि मैं स्काऊट दल को उनके साथ भेजूँ क्योंकि वे महिलाओं के बैग की अच्छी तलाशी कर सकते हैं। पर मैं अपने आप से पूछ रहा था, कि क्यों इतना डर? हम एक शांतिपूर्ण राष्ट्र में रहते हैं। उन्होंने मुझे बतलाया कि आसपास बहुत तनाव का माहौल है जिसके कारण उन्हें सावधान रहना चाहिए। हमने ख्रीस्तयाग चुपचाप से मनाया। गिरजाघर विश्वासियों से अंत तक भरा हुआ था।

सवाल- अगस्त 2013 को मुस्लिम बंधुत्व ने मिस्र के मिनया प्रांत में 84 ख्रीस्तीय गिरजाघरों को ध्वस्त कर दिया था। उनमें से एक महत्वपूर्ण ऑर्थोडॉक्स गिरजाघर अनबा मोसा एल अस्साद को पुनः खोला गया है और सभी लोग मिस्सा के लिए आ रहे हैं, इसका क्या अर्थ है?  

जवाब – इसका अर्थ है कि मिस्र में सरकार, राष्ट्रपति और सेना सभी कॉप्टिक ख्रीस्तियों से कहना चाहते हैं कि "आप मिस्री समाज के सक्रिय सदस्य हैं। हमारे देश में आपकी उपस्थिति का हम सम्मान करते हैं। हम आपकी पूजा एवं गिरजाघरों की कद्र करते हैं।"

सवाल- आप मिस्र में कलीसियाओं की समिति के महासचिव हैं। देश में काथलिक कलीसिया एवं ऑर्थोडॉक्स कलीसिया के बीच कैसा संबंध है?

जवाब- हम आपसी सम्मान की दिशा में काफी प्रयास कर रहे हैं। जब ऑर्थोडॉक्स प्राधिधर्माध्यक्ष पोप तावाद्रोस द्वितीय 25 दिसम्बर को मिलने आये थे तब काथलिक कलीसिया के प्राधिधर्माध्यक्ष इब्राहिम ईसाक सिद्राक एवं धर्माध्यक्षों के साथ-साथ मैंने भी उनसे मुलाकात की थी। उसी तरह 7 जनवरी को हमने भी उनसे मुलाकात की। इस प्रकार ख्रीस्तियों के बीच संबंध मजबूत हो रहा है।  

सवाल- काथलिक कॉप्टिक ख्रीस्तीय क्यों दो अलग-अलग समय में क्रिसमस मनाते हैं?

जवाब- वे अलग-अलग दिन में क्रिसमस मनाते हैं क्योंकि ऊपरी मिस्र में ख्रीस्तियों की संख्या कम है और काथलिकों की संख्या और भी कम है। अतः वे ऑर्थोडॉक्स ख्रीस्तियों के साथ ही क्रिसमस मनाते हैं।

सवाल- बाईबिल में मिस्र को स्वागत का स्थान बतलाया जाता है क्योंकि मरियम और जोसेफ ने अपने पुत्र येसु के साथ हेरोद के अत्याचार के दौरान वहाँ शरण ली थी। कॉप्टिक कलीसिया में इस बात को किस तरह देखा जाता है?

जवाब – पवित्र परिवार के पर्व के दिन मैंने लिखा और कहा था कि आतित्थ्य सात्कार ओरियंटल सांस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमने सूडान के करीब 3 मिलियन लोगों का स्वागत किया है जो आज भी मिस्र में रहते हैं। हम सीरिया और फिलिस्तीन के लोगों का भी स्वागत करते हैं। हमने कभी भी शरणार्थी शिविर नहीं बनाया किन्तु वे हमारे लिए भाई बहन की तरह हैं। वे हमारे साथ काम करते, सड़कों पर व्यवसाय करते हैं। वे मिस्र में कभी भी अजनबी महसूस नहीं करते। कई शहरों में सीरिया और ईराक के लोग भरे हुए हैं। हमने हमेशा सभी का स्वागत किया है। अतः बाईबिल जो कहता है वह एक संकेत है जिसपर हम आगे बढ़ रहे हैं क्योंकि हमने ही सबसे पहले जोसेफ, याकूब और इस्राएल के 12 जातियों का स्वागत किया। हमारे लिए स्वागत करना ख्रीस्तीय मूल्य है और एक गहरा सुसमाचारी चिन्ह भी।  

फादर ने सभी को क्रिसमस एवं नये साल की शुभकामनाएँ देते हुए कहा, "सभी को शांति एवं समृद्धि की शुभकामनाएँ। यहाँ मध्यपूर्व में, लीबिया, गाजा, सूडान और तुर्की में बहुत अधिक तनाव है। हमारे आसपास का महौल सचमुच खतरनाक है अतः उन्होंने सभी को शांति और स्थिरता बनाये रखने की शुभकामनाएँ दीं।  

07 January 2020, 16:41