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इंडोनेशिया में बाढ़ इंडोनेशिया में बाढ़  (AFP or licensors)

इंडोनेशिया में बाढ़ पीड़ितों की मदद करती कलीसिया

इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 53 हो गयी है। स्थानीय काथलिक कलीसिया के सदस्य जकार्ता में बाढ़ के कारण घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जानेवाले लोगों की मदद कर रहे हैं।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

जकार्ता, मंगलवार, 7 जनवरी 2020 (वीएन)˸ जकार्ता के महाधर्माध्यक्ष ने राजधानी में बाढ़ आने के ठीक एक दिन बाद ही अनुदान राशि और राहत सामग्री एकत्र करने का अभियान शुरू किया था। जिन लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा है वे उन्हें भोजन और दवाई आदि प्रदान कर रहे हैं।

"दया धर्म" नामक संस्था ने लोगों को ऊँचे और सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने में मदद करने के लिए कई नाव प्रदान किये हैं।

संस्था के सदस्य योसेफा अजेंग ने ऊकान को बतलाया कि स्थानीय कलीसिया की सामाजिक सेवा शाखा ने काथलिकों से मांग की है कि वे पीड़ित लोगों को भोजन, साबुन और दवाई प्रदान करें।

दशकों में सबसे खराब प्रलय

31 दिसम्बर एवं 1 जनवरी को जकार्ता और उसके आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा हुई थी। मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी ने शुक्रवार को कहा कि 1866 के बाद से दक्षिण-पूर्व एशिया के सबसे बड़े शहर में हुई यह सबसे खतरनाक वर्षा है।

जकार्ता के 13 में से 8 नदियों का जल तट के ऊपर आ गया था और जिसमें शहर का एक विस्तृत क्षेत्र जलमग्न हो गया था।

टेलीविज़न फुटेज में सड़कों पर कूड़े से लदी कारों को दिखाया गया, जिनमें से कुछ एक-दूसरे के ऊपर आ गये थे। इस बीच बारिश जारी है।

मरनेवालों की संख्या में वृद्धि की आशंका

मिली जानकारी के अनुसार करीब 53 लोग मौत के शिकार हो गये हैं जबकि 175,000 लोग अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर हैं।

बाल सुरक्षा एजेंसी (सेव द चिल्ड्रेन) ने कहा है कि बाढ़, पीने के पानी के जलाशयों को दूषित कर सकता है तथा संक्रामक रोगों को फैलाने का स्थान बना सकता है। जकार्ता करीब 30 मिलियन लोगों का घर है। स्थानीय राज्यपाल अनिस बासवेडन ने चेतावनी दी है कि वर्षा ऋतु जो मार्च तक होता है उसमें फिर बाढ़ आ सकता है।  

07 January 2020, 17:04