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ईश वचन का रविवार: वचन हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा

रविवार, 26 जनवरी को ‘ईश वचन का रविवार’ के रुप में चिह्नित किया गया है। वाटिकन में एक प्रेस सम्मेलन में इसके कई पहलुओं पर विवरण दिया गया। संत पापा फ्राँसिस इस अवसर पर संत पेत्रुस महागिरजाघर में पवित्र मिस्सा का अनुष्ठान करेंगे।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार,18 जनवरी 2020 (वाटिकन न्यूज) : संत पापा फ्राँसिस दुनिया भर में काथलिकों को ईश वचन के प्रति उनकी प्रशंसा, प्रेम और साक्ष्य को गहरा करने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।

संत पापा ने वर्ष के तीसरे सामान्य रविवार को ‘ईश वचन का रविवार’ के रुप में स्थापित किया, जो इस वर्ष 26 जनवरी रविवार को पड़ रहा है। इसे ईश्वर के वचन के उत्सव, अध्ययन और प्रसार के लिए समर्पित एक विशेष दिन के रूप में देखा जाना चाहिए।

नवीन सुसमाचार प्रचार को बढ़ावा देने हेतु गठित परमधर्मपीठीय सम्मेलन के अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष सल्वातोर फिसिकेला ने शुक्रवार को एक प्रेस सम्मेलन में बताया कि यह एक पहल है, जिसे संत पापा ने पूरी कलीसिया को सौंपा है ताकि "ख्रीस्तीय समुदाय ईश्वर के वचन को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकें।

प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का अवसर

महाधर्माध्यक्ष फिसिकेला ने कहा कि यह ख्रीस्तियों को ईश्वर के निरंतर संवाद से आने वाली अटूट समृद्धि की प्रतिबद्धता और समझ को नवीनीकृत करने का अवसर प्रदान करता है। यह विश्वासियों को ईश वचन के प्रसारण का जीवित साधन बनने हेतु प्रेरित करेगा। 2008 में ईश्वर के वचन पर हुई धर्माध्यक्षीय धर्मसभा के दौरान पवित्र शास्त्र के अध्ययन, चिंतन और प्रसार को बढ़ाने पर चर्चा की गई थी।

‘ईश वचन का रविवार’ की स्थापना

महाधर्माध्यक्ष फिसिकेला ने योजनाओं और कार्यक्रमों की एक श्रृंखला का उल्लेख किया है जो 2008 की धर्मसभा के बाद से दुनिया भर में आयोजित किए गए। जैसे, प्रार्थना करने के लिए बाइबिल का प्रयोगःविभिन्न भाषाओं और स्वरूपों में ईश्वर के वचन को सुलभ बनाना।

उन्होंने कहा कि इस दिवस की स्थापना करके संत पापा फ्राँसिस विश्वासियों की ओर से आए कई अनुरोधों का जवाब देना चाहते हैं, ताकि पूरी कलीसिया में ‘ईश वचन का रविवार’ एक साथ मिलकर मनाया जा सके।

उन्होंने ख्रीस्तीय एकतावर्धक मूल्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि रविवार 26 जनवरी यहूदियों और काथलिकों के बीच संवाद का दिन तथा ख्रीस्तीय एकतावर्धक प्रार्थना सप्ताह का अंतिम दिन भी है।

संत पापा पवित्र मिस्सा के अधिष्ठाता

संत पापा फ्राँसिस इस अवसर पर संत पेत्रुस महागिरजाघर में पवित्र मिस्सा का अनुष्ठान करेंगे। वचन समारोह से पहले द्वितीय वाटिकन महासभा के सभी सत्रों में प्रयोग की गई पाठ संग्रह का समारोही प्रतिष्ठापन किया जाएगा।  

मिस्सा समारोह के समापन पर, संत पापा फ्राँसिस 40 लोगों को एक-एक बाइबल प्रदान करेंगे जो समाज के विभिन्न तबके के लोगों का प्रतिनिधित्व करेंगे, जैसे धर्माध्यक्ष, पुरोहित, धर्मसंघी, धर्मप्रचारक, पुलिस, राजदूत, शिक्षक, पत्रकार, गरीब और उम्र कैद सजा पाये कैदी।

संत पापा की इच्छा है कि बाईबिल अन्य पुस्तकों के समान आलमारी में सजाकर रखी न जाए परंतु ख्रीस्तीय इसका उपयोग अपने दैनिक जीवन में करें और अपने विश्वास को मजबूत करें।

18 January 2020, 14:57