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एल पासो में गोलीबारी एल पासो में गोलीबारी   (AFP or licensors)

घृणा से भरे भाषणों से परहेज करने की धर्माध्यक्षों की अपील

अमरीका के काथलिक धर्माध्यक्षों ने लोगों से अपील की है कि वे नफरत से प्रेरित हिंसा के खिलाफ एकजुट हों तथा सलाह दी है कि वे नस्लवादी और ज़ेनोफोबिक भाषा (विदेशियों के प्रति डर की भावना) का उपयोग करने से बचें।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

उन्होंने कहा है कि हाल के वर्षों में हमारे समाज में सार्वजनिक रूप से घोषित आप्रवासी, शरणार्थी विरोधी, मुस्लिम विरोधी, और यहूदी विरोधी भावनाएँ हमारे समुदायों में घृणा का कारण बनी हैं।

अमरीका के तीन धर्माध्यक्ष, औस्टीन के धर्माध्यक्ष जोय वास्क्वेज, वेनिस के धर्माध्यक्ष फ्रैंक तथा हौमा थिबोदौक्स के शेलटोन फाब्रे ने बृहस्पतिवार को एक घोषणापत्र जारी कर, चिंता व्यक्त की।

अपने वक्तव्य में उन्होंने अमरीकियों से अपील की है कि "वे घृणित भाषाओं का प्रयोग करना बंद करें जो लोगों को अपमानित और विभाजित करता है और भयावाह हिंसा के लिए प्रेरित करता है।  

हिंसा का सामना

धर्माध्यक्षों ने याद किया कि विगत दिनों किस तरह देश के विभिन्न हिस्सों में बंदूकों द्वारा हिंसा फैलाया गया।

टैक्सास के एल पासो में शनिवार को एक गोलीबारी में 22 लोगों की मृत्यु हो गयी। अपराधी ने एक दावा पत्र ऑनलाइन पोस्ट किया था जिसमें कहा गया था कि उसकी कार्रवाई "टेक्सास के हिस्पैनिक आक्रमण"(स्पानी भाषी) की प्रतिक्रिया थी।  

तीन अमरीकी धर्माध्यक्षों ने यह भी लिखा कि 2018 में पिट्टीसबर्ग में एक जीवन के वृक्ष सभागृह में गोलीबारी की गयी थी जिसमें सामीवाद विरोधी 11 लोग मारे गये थे। उसी तरह 2015 में चार्ल्सटन के एक गिरजाघर में हुई गोलीबारी में 9 लोग मारे गये थे। 

नस्लवादी और ज़ेनोफोबिक भाषा

अमरीकी धर्माध्यक्षों ने नस्लवाद पर गंभीर चिंता जतायी है जिनके कारण ये हिंसक घटनाएँ हो रही हैं।

उन्होंने अधिकारियों से भी अपील की है कि वे इन हिंसक घटनाओं से हुए घावों पर मरहम पट्टी करें तथा इनकी जड़ों में पाए जाने वाले ज़ेनोफोबिया और धार्मिक कट्टरता से निपटने का प्रयास करें।

उन्होंने खासकर, अपमानित करने वाली भाषाओं का प्रयोग नहीं करने की सलाह दी है जो जाति, नस्ल, धर्म या राष्ट्रीय मूल के आधार पर लोगों को बांटता है।

अंत में, तीनों अमेरिकी धर्माध्यक्षों ने सभी अमेरिकियों को एक साथ आने और "एक महान, व्यवस्थित एवं लोगों का स्वागत करने वाले समाज का निर्माण करने का आह्वान किया है।"

10 August 2019, 17:25