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महाधर्माध्यक्ष रोमुलो वाल्लेस महाधर्माध्यक्ष रोमुलो वाल्लेस 

फिलीपींन धर्माध्यक्षों द्वारा "जलवायु संकट" पर प्रेरितिक पत्र जार

पिछले 30 वर्षों में फिलीपींस के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के प्रेरितिक पत्रों की श्रृंखला में 8वां पत्र संत पापा फ्राँसिस के नवीनतम दस्तावेज़ "लौदातो सी" की मांग का जवाब देने हेतु ठोस कार्रवाई का आग्रह करता है।

माग्रेट सुनता मिंज-वाटिकन सिटी

मनिला, बुधवार, 17 जुलाई 2019 (वाटिकन न्यूज) : फिलीपींस के काथलिक धर्माध्यक्षों ने "जलवायु संकट" पर प्रेरितिक पत्र जारी किया है, जिसमें अपने समुदायों को पर्यावरण संरक्षण करने, पृथ्वी और गरीबों की आवाज़ सुनने तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए एक साथ कार्य करने का आग्रह किया है।

फिलीपींस के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष एवं दावाओ महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष रोमुलो वाल्लेस द्वारा हस्ताक्षरित दस्तावेज का शीर्षक है,"पर्यावरण परिवर्तन के लिए एक जरूरी आह्वान, जलवायु संकट की स्थिति में आशा।" इसे मंगलवार को जारी किया गया।

9-पृष्ठ के दस्तावेज़ को आठ खंडों में विभाजित किया गया है, पहली चार खंडों में पर्यावरण की स्थिति पर चिंतन किया गया है और बाकी चार खंडों में पर्यावरण सुरक्षा के ठोस क्रियाओं का उल्लेख है।

धर्माध्यक्षों ने पिछले 3 दशकों से पर्यावरण संबंधी 8 दस्तावेजों को जारी किया है। 16 जुलाई का प्रेरितिक पत्र जारी श्रृंखला में 8वां दस्तावेज है। सन् 1988 में पहली बार पर्यावरण पर प्रेरितिक पत्र प्रकाशित किया गया था, जिसका शीर्षक था, “हमारी सुन्दर धरती में क्या हो रहा है? "

सामाजिक न्याय

यह देखते हुए कि गरीबी और पर्यावरण परिवर्तन “हमारे आमघर” को नष्ट कर रही है, धर्माध्यक्षों ने जोर देकर कहा कि पृथ्वी और गरीबों का क्रंदन सामाजिक न्याय की मांग कर रही है। “गरीबों के लिए हमारा उत्तम विकल्प, उन गरीबों में भी सबसे गरीबों’ को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करता है, जो ईश्वर के पास न्याय के लिए दुहाई करते हैं। सीबीसीपी का कहना है कि उनकी पीड़ा का जवाब देना हमारा नैतिक दायित्व है।

“फिलीपींस में गरीबी के उच्च दर को देखते हुए, पर्यावरण को प्रबंधित करने की आवश्यकता सर्वोपरि है। गरीबी और पर्यावरण परिवर्तन परस्पर एक दूसरे को मजबूत करती है”।

संत पापा फ्रांसिस ने अपने 2015 के प्रेरितिक पत्र "लौदातो सी" में दृढ़ता से कहा कि जलवायु परिवर्तन दुनिया के गरीबों के लिए खतरा है।

कार्य योजना

फिलीपींस के काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन मनिला में 6 से 8 जुलाई तक था। इस सम्मेलन के दौरान धर्माध्यक्षों ने संत पापा के "लौदातो सी" के आह्वान को फिलीपींस के संदर्भ में लागू करने के लिए व्यावहारिक तरीके खोजने की कोशिश की।

वाटिकन ने पहले फिलीपीन कलीसिया के नेताओं से पूछा था कि उन्होंने संत पापा के विश्व पत्र द्वारा निर्धारित चुनौतियों के जवाब में क्या किया है।

धर्माध्यक्षों ने अपने प्रेरितिक पत्र में देश द्वारा सामना कर रहे मुद्दों जैसे, गैर-जिम्मेदार खनन, बांधों के निर्माण और जीवाश्म ईंधन-आधारित ऊर्जा पर बढ़ती निर्भरता जैसे कोयले आदि के बारे में बताया है।

कई अध्ययनों से पता चला है कि फिलीपींस जलवायु परिवर्तन को रोकने में सबसे कमजोर रहा है। धर्माध्यक्षों का कहना है कि, "हमें आवाजहीन लोगों और पृथ्वी की ओर से जलवायु संबंधी कार्रवाई को सक्रिय करना चाहिए।"

17 July 2019, 16:42