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दक्षिणी अफ्रीका के केप टाऊन में खेलते बच्चे दक्षिणी अफ्रीका के केप टाऊन में खेलते बच्चे 

अफ्रीकी धर्माध्यक्षों ने नाबालिगों की सुरक्षा का आह्वान किया

यूगांडा के काथलिक धर्माध्यक्षों ने मानव तस्करी, श्रम शोषण एवं बाल सैनिकों के प्रयोग के खिलाफ नाबालिगों की सुरक्षा की अपील की है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

कानून द्वारा निंदा किये जाने के बावजूद, बाल तस्करी, बाल श्रम और बाल सैनिकों के प्रयोग जैसे जघन्य अपराध दुनिया के कई हिस्सों में जारी है।

अफ्रीका एवं मडागास्कर के धर्माध्यक्षों ने एक सभा में कहा कि हम इन त्रासदीपूर्ण समस्याओं को दूर करने और यह सुनिश्चित करने के लिए के लिए बुलाये जाते हैं कि बच्चों को हर क्षेत्र में सुरक्षा प्रदान किया जाना चाहिए।

मालावी के महाधर्माध्यक्ष थॉमस लुक मसुसा ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा, "नाबालिगों की सुरक्षा सुसमाचार के संदेश का अभिन्न अंग है।" उन्होंने अफ्रीकी धर्माध्यक्षों से अपील की कि वे बाल तस्करी, बाल श्रम और बाल सैनिकों के प्रयोग  को उखाड़ फेकें।

उन्होंने कहा, "अफ्रीका की कलीसिया एक परिवार है जिसमें पिता, माता और बच्चे हैं। फिर भी कई परिस्थितियों में बच्चे दर्दनाक पीड़ा के शिकार होते हैं।"   

उन्होंने बाल यौन दुराचार, बच्चों को उनके परिवार से अलग करने, युद्ध का प्रशिक्षण दिये जाने अथवा बेचे या काम के लिए शोषित किये जाने आदि बुराइयों की याद दिलायी।

उन्होंने कहा कि यह हम सभी धर्माध्यक्षों के लिए एक चुनौती है कि हम अफ्रीका की कलीसिया को बेहतर बनाने का प्रण करें और यह सुनिश्चित करें कि क्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

पूर्वी अफ्रीकी काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के उप-अध्यक्ष महाधर्माध्यक्ष मसुसा ने अपने संबोधन में कहा कि सुसमाचार हमें अपने पड़ोसियों को प्यार करने का आदेश देता है, अतः हमारा कर्तव्य है कि हम बच्चों को हर प्रकार के शोषण से बचायें।

30 July 2019, 16:30