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कोलम्बो के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल  रंजीत कोलम्बो के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल रंजीत  (AFP or licensors)

ईस्टर के दिन मरने वाले ख्रीस्तीय संतों की तरह हैं, कार्डि. रंजीत

श्रीलंका में हुए आतंकवादी हमलों के एक महीने बाद कोलम्बो में वाटिकन संवाददाता अमादेव ने कार्डिनल अल्बर्ट माल्कम रंजीत का साक्षात्कर किया। कार्डिनल ने कहा कि ईस्टर के दिन मरने वाले ख्रीस्तीय संतों की तरह हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

कोलम्बो, सोमवार 20 मई 2019 (रेई) : आतंकवादी हमलों के एक महीने बाद कोलम्बो के महाधर्माध्यक्ष ने वाटिकन संवाददाता अमादेव को ईस्टर की घटना के बारे में कहा कि पास्का जागरण मिस्सा समारोह में शामिल हुए कुछ विश्वासी फिर से 21 अप्रैल को पास्का पर्व के समारोही मिस्सा में शरीक होने लौटे थे उनमें से कुछ आत्मघाती विस्फोटों में मारे गए। हमें उन्हें संतों की तरह ही मानना चाहिए। कोलम्बो के महाधर्माध्यक्ष, कार्डिनल रंजीत “वाटिकन न्यूज” और "टू द चर्च इन नीड" को बताया कि कुछ युवा लोग खुद को उड़ाकर शैतानी साधन बन गये।

कार्डिनल ने कहा कि जब इस्लामिक राज्य सीरिया में हार गया, तो जिहादी अपने-अपने देशों में लौट आए। श्रीलंका में सीरिया से लौटे इन युवाओं ने दूसरों की जान लेने के लिए आत्मघाती विस्फोट का यह मार्ग चुना और वे शैतान के औजार बन गए।

कार्डिनल रंजीत ने कहा कि सरकार द्वारा हमले और पीड़ितों का भी मूल्यांकन नहीं किया गया है। सरकार अब सुरक्षा में सुधार और गिरजाघरों के पुनर्निर्माण में मदद करना चाहती है।

श्रीलंका में आतंकवादी हमलों में करीब 250 से अधिक ख्रीस्तीय मारे गये थे और 500 से भी अधिक लोग घायल हो गये थे। ईस्टर के दिन तीन गिरजाघरों और एक होटेल को हमले का निशाना बनाया गया।

हमलों के बाद संत पापा फ्राँसिस की प्रार्थना और एकात्मकता ने उन्हें और पूरी कलीसिया को सांत्वना और सहारा दिया। पूरी कलीसिया की ओर से कार्डिनल रंजीत ने संत पापा फ्रांसिस के प्रति आभार प्रकट किया।

20 May 2019, 16:24