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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर  (AFP or licensors)

संत फ्रांसिस डी सेल्स की कार्यशालाः "पत्रकारिता और दृढ़ विश्वास"

संत फ्राँसिस डी सेल्स के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए 30 देशो से करीब 250 काथलिक मीडिया कर्मी और पत्रकार आ रहे हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

लूर्द, मंगलवार 29 जनवरी 2019 (वाटिकन न्यूज) : लूर्द 30 जनवरी से 1 फरवरी, 2019 तक संत फ्रांसिस डी सेल्स के 23 वें अंतर्राष्ट्रीय दिनों की मेजबानी करेगा, जिसे सिगनिस की भागीदारी के साथ वाटिकन के संचार विभाग और काथलिक मीडिया संघ के सहयोग से आयोजित किया जाएगा।

संत फ्राँसिस डी सेल्स के अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए 30 देशो से करीब 250 काथलिक मीडिया कर्मी और पत्रकार आ रहे हैं। प्रतिभागी बहसों और कार्यशालाओं के माध्यम से "पत्रकारिता और दृढ़ विश्वास" के बीच की कड़ी पर चिंतन करेंगे। कई लोग अपनी गवाही और संदेश भी प्रस्तुत करेंगे।

वाटिकन के संचार विभाग के अध्यक्ष पावलो रुफीनी और काथलिक मीडिया संघ के अध्यक्ष जोन-मेरी मॉन्टेल ने बताया कि लोकतंत्र और विश्वास, कलीसिया और दृढ़-विश्वास, राजनीति और विश्वास की आवश्यकता इत्यदि प्रस्तावित विषयों में से कुछ हैं। पत्रकारों के संरक्षक,  संत फ्राँसिस डी सेल्स की नज़र में, "हमारी प्रतिबद्धताओं की नींव को बहाल करना" हमारी चुनौती होगी।

सम्मेलन को दार्शनिकों, राजनीतिक वैज्ञानिकों, राजनेताओं, पत्रकारों और विभिन्न महाद्वीपों के धर्मगुरुओं द्वारा संबोधित किया जाएगा। प्रमुख वक्ताओं में, ‘किताबों की दुनिया’ के प्रमुख संपादक, श्री जोन बिरेनबाम,  वकील, ब्लॉगर और निबंधकार  इरवान ले मोर्डेक, , लिमिट्स पत्रिका के निर्देशक पॉल पिकेकारेटा, रिपोर्टर ऑफ एसपोरिस के निदेशक गाइल्स वेंडरपैन, राजनीतिज्ञ ऐनी मसेल,  फिगारो के प्रधान संपादक गिलय्म टार्ड, पश्चिम अफ्रीका के अशेम्पसन धर्मसमाज के प्रांतीयअधिकारी के प्रतिनिधि फादर पॉल सागाडौ हैं।

एक अंतरराष्ट्रीय साझेदारी

 वाटिकन संचार विभाग से इटली, स्लोवेनिया, तंजानिया, फ्रांस, लिथुआनिया, वियतनाम और बुर्किना फासो के पत्रकारों सहित, भारत हिन्दी विभाग की पत्रकार सिस्टर उषा मनोरमा तिरकी  इस कार्यक्रम में भाग ले रही हैं।

भारत स्थित मुंबई धर्मप्रांत के फादर निगेल बैरेट ‘भारत में परिवारों का प्रवासन’ पर बातें करेंगे। फ्रीबर्ग, जर्मनी में कोनराड्स्लुट के निदेशक, क्लॉज निएंटिड बहस और प्रेरितिक देखभाल पर चर्चा करेंगे और नाइजीरिया में पोर्ट हरकोर्ट विश्वविद्यालय के प्रोफेसर फादर वाल्टर चिवुंडु देश के स्कूल में मान्यताओं का सामना करने वाली चुनौतियों पर चर्चा करेंगे।  

जैक्स हेमल पुरस्कार की प्रस्तुति

बैठक के आखिरी दिन शुक्रवार, 1 फरवरी को, जैक्स हेमल पुरस्कार रुवरे के महाधर्माध्यक्ष डोमिनिक लेब्रोन फादर जैक्स हेमसेल की बहन श्रीमती जसलीन हेमल की उपस्थिति में प्रदान करेंगे। यह पुरस्कार 26 जुलाई, 2016 को इस्लामिक आतंकवादियों द्वारा सेंट-ओटीन-डु-रूवरे में पवित्र मिस्सा के दौरान हत्या किये गये जैक्स हेमल की स्मृति में और विशेष रूप से शाति के लिए अंतरधार्मिक चर्चा की पहल के समर्थन करने के इरादे से शुरुआत की गई है।

जैक्स हेमल पुरस्कार के विजेता क्रिस्टेल प्लोक्विन और ब्रदर एड्रियन कैंडिर्ड हैं उन्हें अक्टूबर 2018 में  फ्रेंच कमेटी ऑफ़ रेडियो एंड टेलीविज़न द्वारा प्रसारित फ़िल्म "द फ़िफ्थ गॉस्पल" के लिए पुरस्कार दिया जाएगा। अक्टूबर 2018 में बेयर्ड संस्करणों द्वारा प्रकाशित पुस्तक "इस्लाम थोट बाय ए वूमन" के लिए नायला तब्बारा और मेरी मालज़ैक को भी पुरस्कार दिया जाएगा।

29 January 2019, 17:03