बेटा संस्करण

Cerca

Vatican News
बांग्लादेश को कोक्स बाजार में रह रहे रोहिंग्या बांग्लादेश को कोक्स बाजार में रह रहे रोहिंग्या  (AFP or licensors)

रोहिंग्यों द्वारा वनों की कटाई रोकने में मददगार कारितास

कोक्स बाजार के शरणार्थी अपना आश्रय बनाने और खाना बनाने के लिए जलावन स्थानीय जंगलों से लकड़ी ले रहे हैं। पांच हजार एकड़ वन अब बंजर हो गया है। जून से, कारितास स्वयंसेवकों ने विभिन्न प्रकार के पौधे और सब्जियों के बीज दिए हैं।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

कॉक्स बाजार, सोमवार,10 सितम्बर 2018 (एशियान्यूज) : बांग्लादेशी कारितास ने रोहिंग्यों के लिए आश्रयों के निर्माण  हेतु काटे गये पेड़ों के स्थान पर नये पेड़ लगाने और विभिन्न प्रकार के घास, सब्जियों और पौधों को रोपने की योजना बना रही है।

म्यांमार सेना की हिंसा से बचने के लिए लगभग दस लाख रोहिंग्या राखीन राज्य से भागकर देश की सीमा के दूसरी तरफ कॉक्स बाजार के आसपास की पहाड़ियों में शरण लिये हुए हैं। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय राहत संगठनों ने उन्हें आश्रय बनाने के लिए प्लास्टिक सामग्री प्रदान की है।

पेड़ों की कटाई

शुरुआत में, शरणार्थियों ने लकड़ी पाने के लिए पास के जंगलों में जाते थे। अब पहाड़ियों के सारे पेड़ कट गये और जंगल साफ हो गये हैं। उहिया और तेनाफ के शरणार्थी शिविरों में रहने वाले रोहिंग्या परिवार रोजाना खाना बनाने के लिए लगभग 2,250 टन लकड़ी जलाते हैं। एक स्थानीय गैर सरकारी संगठन ‘कोस्ट ट्रस्ट’ के अनुसार, "इसी तरह लकड़ी काटी गई तो, स्थानीय वन 2019 तक गायब हो जायेंगे।"

एक साल पहले, उखिया और तेनाफ हरी पहाड़ी थी, जंगली हाथियों का निवास था लेकिन रोहिंग्यों के आगमन के बाद, पांच हजार एकड़ जमीन साफ़ कर दी गई। सुंदर, हरी पहाड़ी जल्दी से लाल धरती में बदल गई, जहां तक नजरें जाती सिर्फ प्लास्टिक ढंके छोटी-छोटी झोपड़ पट्टियाँ ही दिखाई देती हैं।  

एशिया न्यूज से बातें करते हुए कारितास चटोग्राम के क्षेत्रीय निदेशक जेम्स गोम्स ने कहा, "हम पिछले जून से प्राकृतिक आपदा को रोकने के लिए कॉक्स बाजार में काम कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने हमें पर्यावरण को बचाने के लिए कहा है जहां रोहिंग्या रहते हैं। इस कारण से, हम विभिन्न प्रकार के घास, सब्जियां और पौधे लगा रहे हैं।" स्वयंसेवक भी उनकी देखभाल करेंगे।

वृक्षारोपन

गोम्स ने कहा, "हमने एक और पर्यावरण संरक्षण परियोजना शुरू की है: हम शरणार्थियों को खाना पकाने हेतु गैस सिलेंडरों का वितरण कर रहे हैं ताकि उन्हें पेड़ों को काटना न पड़े।" कारितास स्वयंसेवकों ने 15,000 परिवारों के लिए पौधे दिये हैं और 27,000 परिवारों के लिए देना बाकी है। पहाड़ियों में 5 मिलियन से अधिक नये पेड़ लगाए गए हैं और तीन मिलियन अमरूद, नींबू, आम, महोगनी के नये पेड़ जल्द ही लगाये जायेंगे।

कारितास ने घरेलू बागवानी के लिए सब्जियों के बीज वितरित किए हैं। जेम्स गोम्स उम्मीद करते हैं कि "एक वर्ष के भीतर उनके प्रयासों के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।"

10 September 2018, 12:23