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राँची में चारिटी धर्मबहनों का अनाथालय राँची में चारिटी धर्मबहनों का अनाथालय  (AFP or licensors)

पुरोहित और धर्मबहन को जेल से रिहा करने हेतु कलीसिया संघर्षरत

बलात्कार को बढ़ावा देने के झूठे आरोप में गिरफ्तार पुरोहित और बच्चों को बेचने के आरोप में हिरासत में रखी गई धर्मबहन को रिहा करने मांग की।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

भोपाल, सोमवार, 17 सितम्बर 2018 (उकान) : भारत में ख्रीस्तियों ने झारखंड राज्य के उच्च न्यायालय से काथलिक पुरोहित को जमानत देने की मांग की है। निचली अदालत ने उन्हें रिहा करने से इंकार कर दिया।

येसु समाजी पुरोहित अलफोंस आइन्द पांच महिलाओं के गिरोह बलात्कार को बढ़ावा देने के आरोप में 22 जून को गिरफ्तार किया गया था, जबकि मिशनरी ऑफ चैरिटी धर्मबहन कॉन्सिलिया को अनाथालय से बच्चों को बेचने के आरोप में 4 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।

समाज कार्यकर्ता जेसुइट फादर जेवियर सोरेंग ने 13 सितंबर को कहा कि जल्द ही फादर आइन्द के लिए जमानत मांगी जाएगी। खूँटी जिले में एक सुनवाई अदालत ने 10 सितंबर को जमानत याचिका खारिज कर दी। उन्होनें कहा कि गिरोह बलात्कार के मामले के मुख्य के साथ आरोपी का संबंध था और कथित तौर पर आरोपी महिलाओं का अपहरण करने से रोकने में असफल रहे।

फदर सोरेंग ने उका न्यूज को बताया, "ये नमगढ़ंत आरोप हैं। हमें उम्मीद है कि पुरोहित को न्याय मिलेगा।"

निचली अदालत द्वारा 20 जुलाई को धर्मबहन कोंसीलिया की जमानत इनकार किये जाने के बाद 6 सितंबर को उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर की गई है। इस मामले के वकील और परामर्शदाता फादर पीटर मार्टिन ने कहा, "मामला सुनवाई के लिए अभी तक सूचीबद्ध नहीं हुई है।"

धर्मबहन पर अविवाहित माताओं के अवांछित बच्चों के लिए बने अनाथालय से बच्चों को बेचने का आरोप है। वे संत मदर तेरेसा द्वारा स्थापित धर्मसमाज की सदस्य हैं और उनके धर्मसमाज का अनाथालय राज्य की राजधानी रांची में है।

धर्मबहन को अपने कर्मचारियों पर भरोसा था उन्होंने स्वीकार किया है कि एक गार्ड और एक कर्मचारी सदस्य ने बच्चे को निःसंतान दम्पति के पास बेच दिया है। धर्मबहन ने भरोसेमंद स्टाफ को जिला बाल कल्याण केंद्र में बच्चों को सौंपने की ज़िम्मेदारी दी गई थी। वहाँ बच्चों को स्वीकार किया गया या नहीं इसका कोई सबूत या लिखित प्रमाण नहीं मिलता था। अतः धर्मबहनों के लिए यह जानना कठिन था कि वास्तव में बच्चा बाल कल्याण केंद्र में पहुँचा या नहीं।  

फादर मार्टिन ने उका न्यूज से कहा, "हम जानते हैं कि धर्मबहन निर्दोष है और उसे उच्च न्यायालय से न्याय मिलेगा।"

 

17 September 2018, 16:04