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केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद करते स्वयं सेवक केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद करते स्वयं सेवक  (AFP or licensors)

केरल में मानवीय संकट, करीतास इंडिया की सहायता

केरल के बाढ़ में मरने वालों की संख्या 370 हो गयी है। 7,24,000 से अधिक लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं। अधिकारियों ने कोची हवाई अड्डे पर वाणिज्यिक उड़ानों को खोल दिया है। हर नगर पालिका में छः स्वास्थ्य निरीक्षकों को भेजा गया है ताकि बीमारी न फैले।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

तिरुवनंतपुरम, मंगलवार, 21 अगस्त 2018 (एशियान्यूज़)˸ केरल में विगत 100 सालों में सबसे भीषण बाढ़ में 370 लोगों की मौत के कारण उसे मानवीय संकट घोषित किया गया है। करीब 8 लाख विस्थापित लोगों में संक्रमण के फैलने का भय बना हुआ है। यही कारण है कि मुम्बई के महाधर्माध्यक्ष एवं भारतीय काथलिक धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल ऑस्वल्ड ग्रेसियस ने सभी काथलिकों, धर्माध्यक्षों एवं स्थानीय समुदायों से अपील की है कि वे करीतास इंडिया के साथ एकजुट हों जिसके सदस्य उदारता पूर्वक पूरे राज्य में राहत कार्यों में लगे हैं।  

सहायता की अपील

कार्डिनल ने एक पत्र जारी कर कहा है, "भारत की समस्त काथलिक कलीसिया के नाम पर मैं उनकी ओर से आप सभी धर्माध्यक्ष भाइयों एवं कलीसियाई अधिकारियों से यह अपील करता हूँ कि आप एकात्मता में एकजुट हों, विश्वासी समुदायों, संस्थाओं तथा भली इच्छा रखने वालों को प्रोत्साहन दें कि वे इस मानवीय संकट की स्थिति में उदारता पूर्वक सहयोग दें एवं इस कठिन परिस्थिति में उनके प्रति एकात्मता प्रकट करें।"  

करीतास इंडिया द्वारा सहायता

काथलिक कलीसिया की सामाजिक शाखा करीतास इंडिया ने मानसून बारिश के कारण आपातकाल के तुरंत और प्रभावी ढंग से सामना के लिए धन एकट्ठा करने का अभियान जारी किया है।

करीतास इंडिया के निदेशक फादर पौल मूनजेली ने एशियान्यूज़ को बतलाया कि केरल के 1,553 गांवों में से 1,287 बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। मानव जीवन के साथ-साथ संचार माध्यम, यातायात के साधन और आवास नष्ट हो गये हैं। करीब 67 हजार परिवार बाढ़ एवं भूस्खलन से पीड़ित हैं। 24 हज़ार हेक्टर खेती योग्य भूमि नष्ट हो चुकी है। इसका अर्थ है कि प्रभावित समुदायों के बड़े हिस्से ने अपनी जीविका के मुख्य स्रोत को खो दिया है क्योंकि वे खेतों में दैनिक मजदूर के रूप में काम करते थे। आमदनी में कमी के कारण दैनिक मजदूरों को अपने रोजगार की असुरक्षा का भय है।

केरल के मुख्यमंत्री की मदद

केरल के मुख्यमंत्री पिनारायी विजयान द्वारा जारी रिपोर्ट में करीब 7,24,649 लोग विस्थापित हैं जिन्हें 5,645 राहत शिविरों में रखा गया है। अधिकारियों ने निश्चय किया है कि हर नगरपालिका में 6 स्वास्थ्य निरीक्षकों को भेजा जाएगा ताकि पानी के जमाव के कारण किसी प्रकार की महामारी न फैले। कोची के हवाई अड्डे को भी आज से खोल दिया गया। हज़ारों लोग अभी भी पानी से घिरे हुए हैं खासकर, ग्रामीण क्षेत्रों में।

बाढ़ पीड़ितों की सहायता किस प्रकार की जाए

कार्डिनल ग्रेसियस ने करीतास के कार्यों के महत्व पर जोर दिया है जो राज्य में 24 घंटे अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। वे लोगों के लिए भोजन, पेयजल, कपड़ा एवं घरेलू समानों की आपूर्ति कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि सुदूर गाँवों के उन क्षेत्रों तक भी उन्हें सहायता पहुचने की आवश्यकता है जहाँ लोग पानी से घिरे होने के कारण बिछुड़ गये हैं। हमारी तत्काल आवश्यकता उन पीड़ित एवं प्रभावित लोगों के कष्टों को कम कर सकती है। उन्होंने कहा कि लोगों एवं समुदायों के जीवन के पुनः निर्माण हेतु उन्हें हमारी सहायता की अति आवश्यकता है।

21 August 2018, 15:56