बेटा संस्करण

Cerca

Vatican News
बंगला देश रोहिंग्या शरणर्थी बंगला देश रोहिंग्या शरणर्थी  (AFP or licensors)

विद्वेष रोकथाम हेतु दस्तावेज

सुसमाचार प्रचार हेतु इटली की कलीसियाई सम्मेलन ने विदेशियों के स्वागत हेतु अनुमोदित दस्तावेज को स्वीकृति प्रदान करते हुए इस बात पर बल दिया है कि किसी भी तरह का रंगभेद एक ईशशास्त्रीय विधर्म है

वाटिकन सिटी-दिलीप संजय एक्का

वाटिकन सिटी,बृहस्पतिवार,09 अगस्त 2018 इटली के सुसमाचार प्रचार हेतु कलीसियाई सम्मेलन के अध्यक्ष लुका मारिया नेग्रो ने कहा, “महीनों से हम आप्रवसियों के प्रति हिंसक और नाराजगी के शब्द सुनते आ रहे हैं। प्रेरितिक ख्रीस्तीय समुदाय होने के नाते हमें इन बातों पर रोकथाम लाने की जरूरत है।” उक्त बातें उन्होंने विद्वेष की रोकथाम हेतु अनुमोदित दस्तावेज की स्वीकृति के अवसर पर कही।

युद्ध प्रभावितों और प्रताड़ितों की सुरक्षा

उन्होंने कहा “हम यह सुनिश्चित करते हैं कि सुसमाचार प्रेरितिक कार्यों में संलग्न हमें प्रवासियों और शरणार्थियों का स्वागत करने की जरुरत है। हमें उनके जीवन की रक्षा करने की आवश्यकता है जो युद्ध और प्रताड़ना के कारण अपने जीवन की रक्षा हेतु अपने देशों से दूसरे स्थानों में पलायन करने को मजबूर हैं।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि विदेशियों के प्रति घृणा की रोकथाम हेतु अनुमोदित दस्तावेज कलीसिया को जरूरतमंद लोगों के लिए अपने द्वार खोलने हेतु मदद करेगा।

रंगभेद एक ईशशास्त्रीय विधर्म

दस्तावेज में इस बात का उल्लेख किया गया है कि “किसी भी प्रकार का भेदभाव अपने में एक ईशशास्त्रीय विधर्म है।” इसके शुरूआती भाग में धर्मग्रंध के कुछ पदों की चर्चा है। यह परदेशियों के अधिकार और उन्हें अपने बीच शरण देने का जिक्र करता है। दस्तावेज में आठ मुख्य विन्दुओं पर जोर दिया गया है जिन में आप्रवासियों का झूठा स्वागत और इतालवी जरूरतों के बीच अंतर, मानवीय गलियारों की अच्छी पहल, संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर अंतर-सांस्कृतिक विनिमय, अन्तरराष्ट्रीय स्तरों पर अधिकार की सुरक्षा, एक भाषा जो मानव की गरिमा का सम्मान करती हो तथा विद्वेष और नस्लवाद का विरोध इत्यादि प्रमुख हैं।

यूरोप से अपील

अपने अंतिम दो विन्दुओं में एफसीएई ने यूरोप की कलीसियों से इस बात हेतु अपील किया है कि वे शारणर्थियों और आप्रवासियों का स्वागत करें तथा अपनी सरकार को इन नीतियों को लागू करने हेतु बल दें। यह मावन समाज को ईश्वरीय प्रेम को जीने के योग्य बनाता है जो व्यक्तिगत और देशों के स्वार्थपूर्ण अचरण से कहीं अधिक शक्तिशाली है।
 

09 August 2018, 16:56