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मोजम्बिक के विस्थापित लोग पेम्बा हवाई अड्डे पर मोजम्बिक के विस्थापित लोग पेम्बा हवाई अड्डे पर  (ANSA)

नये "ह्यूमानिटेरियन कोरिडोर" समझौता से 300 शरणार्थियों को फायदा

संत इजिदियो समुदाय ने फ्राँसीसी सरकार एवं सेमाइन्स सोशल दी फ्राँस के साथ एक समझौता किया है ताकि "ह्यूमानिटेरियन कोरिडोर" (मानवतावादी गलियारे) नवाचार को नवीकृत किया जा सके।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

फ्राँस, बृहस्पतिवार, 15 अप्रैल 21 (वीएनएस)- समझौता पत्र पर संत एजिदियो समुदाय, फ्राँस आंतरिम एवं विदेशमंत्री तथा काथलिक लोकधर्मी संगठन सेमाइन्स सोशियल दी फ्राँस ने बुधवार को हस्ताक्षर किया जो फ्राँस में 300 शरणार्थियों की पहचान, स्वीकृति एवं एकीकरण की शर्तें पूरी करता है।

शरणार्थी इराक एवं सीरिया के असहाय लोग हैं और उनमें से कई परिवार में हैं। वे इस समय लेबनान में हैं और दो वर्षो के अंदर फ्राँस लाये जायेंगे।

यह दूसरा नवाचार 2017 में हस्ताक्षर किये गये नवाचार के समान है जिसमें पहले ही 504 लोग फ्राँस आ चुके हैं।

मानवतावादी गलियारे को 2016 में इटली में जारी किया गया था। पूरे यूरोप में अब तक कुल 3,500 शरणार्थियों का स्वागत किया जा चुका है। उनमें से अधिकांश सीरिया, इराक, लीबिया और इथोपिया में हिंसा के कारण भागने के लिए मजबूर हुए थे अथवा कुछ समय के लिए ग्रीक द्वीप लेसबोस के आप्रवासी केंद्र में कैद किये गये थे।

संत पापा फ्राँसिस का समर्थन

"ह्यूमानिटेरियन कोरिडोर" परियोजना को पोप फ्रांसिस द्वारा वर्तमान जटिल आप्रवास परिदृश्य में सभी के लिए एक समाधान के रूप में बार-बार समर्थन और सहयोग दिया गया है।

उन्होंने स्वंय शरणार्थियों के एक दल को इटली लाया था जब वे आप्रवासों एवं शरणार्णियों से मुलाकात करने 16 अप्रैल 2016 को लेसबोस गये थे। बाद में उन्होंने लीबिया में फंसे शरणार्थियों और आप्रवासियों को निकालने में मदद करने के लिए, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की थी, खासकर, महिलाओं, बच्चों एवं बीमार लोगों के लिए कि जितना जल्दी हो सके, उन्हें "ह्यूमानिटेरियन कोरिडोर" के माध्यम से सुरक्षा प्रदान किया जाए।

यह परियोजना, जो पूरी तरह से स्व-वित्तपोषित है, इसे रोम के संत इजिदियो समुदाय, इटली में एवंजेलिक कलीसिया संघ तथा वल्देशियन कलीसिया मिलकर चला रहे हैं।

योजना का उद्देश्य

इसका उद्देश्य है शरणार्थियों को सुरक्षित यात्रा प्रदान करना जो बहुधा खतरनाक समुद्री यात्रा के लिए मजबूर होते हैं जिसमें हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, साथ ही साथ, मानव तस्करी के भी शिकार होते हैं।

यह दयनीय स्थिति में, लोगों को मानवीय वीजा द्वारा यूरोप में वैध प्रवेश की अनुमति देता एवं शरण के लिए आवेदन करने का अवसर देता है।

इसके द्वारा एक बार जब मेजबान देशों में शरणार्थियों को स्वीकार कर लिया जाता है तब उन्हें भाषा की जानकारी दी जाती है, बच्चों को स्कूल जाने एवं वयस्कों को नौकरी पाने में मदद दी जाती है।

15 April 2021, 15:21