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संत पेत्रुस महागिरजाघर का प्रांगण संत पेत्रुस महागिरजाघर का प्रांगण  (Vatican Media)

मोन्सिन्योर फ़ेलिक्स डेल ब्लैंको प्रिटो अब नहीं रहे

2012 तक परमधर्मपीठीय कोष के दानदाता रहे धर्माध्यक्ष फ़ेलिक्स डेल ब्लैंको प्रिटो का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने वाटिकन कूटनीति में लंबी सेवा दी।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार 12 अप्रैल 2021 (वाटिकन न्यूज) : कलीसिया धर्माध्यक्ष फ़ेलिक्स डेल ब्लैंको प्रिटो की मृत्यु पर शोकित है। शनिवार 10 अप्रैल को, 84 वर्ष की आयु में, धर्माध्यक्ष फेलिक्स डेल ब्लैंको प्रिटो का रोम के जमेली पॉलीक्लिनिक में निधन हो गया। 3 नवंबर, 2012 तक, वे संत पापा की ओर से परमधर्मपीठीय कोष के दानदाता थे। ओस्वरातोरे रोमानो के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "वे दया के नाम पर जो कार्य करते हैं वह शोर नहीं करता है। हम संत पापा की उपस्थिति और ध्यान का संकेत देते हुए, प्रत्येक को थोड़ा आनंद देने का प्रयास करते हैं।"

कलीसिया के लिए एक लंबी सेवा

धर्माध्यक्ष फ़ेलिक्स डेल ब्लैंको प्रिटो का जन्म 15 जून, 1937 को स्पेन के मोग्रोवेज़ो में हुआ। 27 मई, 1961 को उनका पुरोहिताभिषेक किया गया। वाटिकन में उन्हें तत्कालीन राज्य सचिव कार्डिनल अगुस्तिनो कास्त्रोली का सहयोग देने लिए बुलाया गया। संत पापा जॉन पॉल द्वितीय ने 31 मई, 1991 को साओ टोमे और प्रिसिप्पी में टिटुलर महाधर्माध्यक्ष और अंगोला में प्रेरितिक प्रतिनिधि के रूप में उन्हें नियुक्त किया। कार्डिनल कास्त्रोली ने उनके धर्माध्यक्षीय अभिषेक की अध्यक्षता की। इसके बाद उन्होंने मुख्य रूप से अफ्रीका में वाटिकन कूटनीति सेवा की शुरुआत की।

 1996 में कैमरून और उसके बाद इक्वेटोरियल गिनी में प्रेरितिक राजदूत के रूप अपनी सेवा दी। 2003 में उन्हें माल्टा में संत पापा के प्रतिनिधि के रुप में चुना गया था और उस वर्ष उन्हें लीबिया में प्रेरितिक राजदूत नियुक्त किया गया था। 28 जुलाई, 2007 को, संत पापा बेनेडिक्ट सोलहवें ने उन्हें अफ्रीका में अपने लंबे अनुभव के आलोक में परमधर्मपीठीय कोष के दानदाता की भूमिका को संभालने के लिए बुलाया। उन्होंने 3 नवंबर, 2012 तक परमधर्मपीठीय कोष के दानदाता के रुप में अपनी सेवा दी।

12 April 2021, 13:08