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टीवी 2000 पर आभे मरिया कार्यक्रम टीवी 2000 पर आभे मरिया कार्यक्रम 

कार्यक्रम में धैर्य एवं मरिया भजन पर संत पापा के विचार

आज संध्या 21.05 बजे टीवी 2000 में "आभे मरिया" कार्यक्रम के अगले एपीसोड को प्रकाशित किया जाएगा जो दर्शकों का ध्यान मरियम के भजन पर केंद्रित करेगा।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 18 दिसम्बर 2018 (रेई)˸ संत पापा फ्राँसिस ने कहा है कि जब ईश्वर ने मरियम की दुनिया में प्रवेश किया, तब उन्होंने उसमें धीरज के साथ प्रवेश किया।" जो लोग धीरज के साथ कष्ट सहते हैं वे ख्रीस्त में ईश्वर के साथ जुड़ते हैं।

आज संध्या 21.05 बजे टीवी 2000 में "आभे मरिया" कार्यक्रम के अगले एपीसोड को प्रकाशित किया जाएगा जो दर्शकों का ध्यान मरियम के भजन पर केंद्रित करेगा।

वाटिकन संचार विभाग के सहयोग से पादुआ स्थित जेल में सेवारत पुरोहित डॉन मार्को पोत्सा द्वारा संत पापा फ्राँसिस के साथ हुए साक्षात्कार को "आभे मरिया" शीर्षक से 11 खंडों में प्रसारित किया जा रहा है।

साक्षात्कार धीरज की विषयवस्तु पर आधारित है जो उन लोगों पर खास रूप से लागू होती है जो बीमार हैं, अकेले रहते हैं, बूढ़े हो चुके हैं अथवा जेल में हैं और उस परिस्थिति को स्वीकार करते हैं।  

आशा या सहनशीलता

संत पापा ने साक्षात्कार में कहा है कि "जब मैं आशा के चिन्ह के बारे सोचता हूँ तब मेरे मन में एक शब्द आता है और वह शब्द है "धैर्य"। धीरज रखने का अर्थ है जीवन की बातों को अपने कंधे पर लेकर आगे बढ़ना किन्तु आशा के साथ आगे जाना। सिर्फ एक उत्साही व्यक्ति ही धीरज रख सकता है। जिस व्यक्ति को ख्रीस्तीय दुःखभोग, उत्साही होने एवं सहनशील बनने का अनुभव नहीं है वह धीरज नहीं रख सकता।

संत मरियम से तुलना

संत पापा ने कलीसिया की तुलना एक नारी से की है। उनका कहना है कि कलीसिया एक नारी है क्योंकि वह एक दुल्हिन है। मरियम एक महिला हैं वे जोसेफ की पत्नी हैं जो पवित्र आत्मा को स्वीकार करती हैं अतः वे ख्रीस्त एवं कलीसिया की माता हैं। कलीसिया में ममता एवं कोमलता है जो माता मरियम से आती है।  

"आभे मरियम" कार्यक्रम 11 भागों में विभाजित है जो दुनिया की सबसे लोकप्रिय प्रार्थना पर चिंतन करने तथा सांस्कृतिक एवं मनोरंजन जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात पर आधारित है।

18 December 2018, 15:58