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कुजीतुराई धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष जेरोम दास वारुवेल एसडीबी कुजीतुराई धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष जेरोम दास वारुवेल एसडीबी  

संत पापा द्वारा कुजीतुराई के धर्माध्यक्ष का त्यागपत्र स्वीकार

संत पापा फ्राँसिस ने भारत स्थित कुजीतुराई धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष जेरोम दास वारुवेल एसडीबी का त्यागपत्र स्वीकार किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 6 जून (रेई) : संत पापा फ्राँसिस ने शनिवार 6 जून 2020 को भारत स्थित कुजीतुराई धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष जेरोम दास वारुवेल एसडीबी का त्यागपत्र स्वीकार किया।

धर्माध्यक्ष जेरोम दास वारुवेल एसडीबी का जन्म 21 अक्टूबर 1951 को कोट्टार धर्मप्रांत के पादुवूर में हुआ था। उन्होंने नागरकोइल में कार्मेल सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाई की। 1967 से 1968 तक उन्होंने स्कॉट क्रिश्चियन कॉलेज, नागरकोइल में प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स किया। 1968 से 1970 तक उन्होंने नागरकोइल में सेंट अलोसिसियुस माइनर सेमिनरी में पढ़ाई की। उन्होंने पूनमल्ले (1970-1973) में सेक्रेड हार्ट सेमिनरी में दर्शनशास्त्र का अध्ययन किया। उन्होंने अरुलानंदार कॉलेज, करुमाथुर, मदुराई (1973-1976) से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। 1976 में उन्होंने डॉन बॉस्को सलेशियन धर्मसंघ में प्रवेश करने का फैसला किया। प्री-नोविशियेट (1976-1977) और नोविशियेट (1977-1978) को पूरा करने के बाद, 24 मई 1978 को उन्होंने अपना प्रथम मन्नत लिया। 24 मई 1981 को उन्होंने अंतिम मन्नत लिया। 1981 से 1986 तक उन्होंने रोम के पोंटिफिकल सेलेशियन यूनिवर्सिटी में धर्मशास्त्र का अध्ययन किया। उन्होंने अर्थशास्त्र में और ईशशास्त्र में स्नातक की डिग्री और अध्‍यापन-शास्‍त्र में मास्टर की डिग्री हासिल की।

उनका पुरोहिताभिषेक संत पापा जॉन पॉल द्वितीय ने 2 जून 1985 को किया। वे चेन्नई, तमिलनाडु के सलेशियन प्रांत के सदस्य हैं।

22 दिसंबर 2014 को, संत पापा फ्राँसिस ने उन्हें नव-निर्मित कुज़ीतुराई धर्मप्रांत का पहला धर्माध्यक्ष नियुक्त किया। कोट्टार धर्मप्रांत को दो भागों में विभाजित कर कुज़ीतुराई धर्मप्रांत बनाया गया। 24 फरवरी 2015 को कोट्टार के धर्माध्यक्ष पीटर रेमीजियुस की अध्यक्षता में कुजीतुराई के धर्माध्यक्ष के रुप में जेरोम दास वारुवेल धर्माध्यक्षीय-अभिषेक किया गया।

06 June 2020, 11:30