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संत जॉन बोस्को, सलेशियन संत जॉन बोस्को, सलेशियन 

सलेशियन पुरोहितों से प्रशिक्षण प्राप्त करने पर संत पापा का आभार

24 मई को कुँवारी मरियम ख्रीस्तियों की सहायिका का पर्व मनाया जाता है। इस अवसर पर संत पापा फ्राँसिस ने अपने बचपन की याद की जहाँ उन्होंने अर्जेंनटीना के बोयनोस आयरेस सलेशियन स्कूल में 6वीं कक्षा की पढ़ाई की थी।

उषा मनोरम ातिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, मंगलवार, 26 मई 2020 (रेई)- शायद यह करना गलत नहीं होगा कि जेस्विट पोप का सलेशियन नींव है। संत पापा ने 24 मई रविवार को मरियम ख्रीस्तियों की सहायिका के पर्व के अवसर पर इस बात की ओर इशारा किया, जो सलेशियन लोगों का एक महत्वपूर्ण पर्व है।

संत पापा ने रविवार को स्वर्ग की रानी प्रार्थना के दौरान कहा था, "आज संत मरियम ख्रीस्तियों की सहायिका के पर्व दिवस पर मैं सस्नेह एवं हार्दिक शुभकामनाओं के साथ सलेशियनों को सम्बोधित करता हूँ। मैं कृतत्रता के साथ डॉन बोस्को के पुत्र-पुत्रियों द्वारा प्राप्त आध्यात्मिक प्रशिक्षण की याद करता हूँ।"

संत पापा ने इसका स्पष्ट जिक्र नहीं किया किन्तु वे 1949 की याद कर रहे थे, जब वे और उनके भाई ऑस्कर को रामोस मेजिया के सलेशियनों द्वारा संचालित स्कूल कोलेजो विलफ्रेड बारोन दे लोस संतोस एंजेल्स बॉर्डिंग स्कूल में दाखिला कराया गया था।

सलेशियन स्कूल में संत पापा

माता मरियम ख्रीस्तियों की सहायिका, डॉन बोस्को (सलेशियन) धर्मसमाज की संरक्षिका मानी जाती है। डॉन बोस्को धर्मसमाज की स्थापना सन् 1859 को इटली के तूरीन शहर में युवाओं की मदद करने के लिए हुआ था। तूरीन शहर स्थित माता मरियम ख्रीस्तियों की सहायिका के समर्पित महागिरजाघर डॉन बोस्को के सलेशियन धर्मसमाजियों के केंद्र में है।

यह पहली बार नहीं है कि संत पापा फ्राँसिस ने अपने बचपन में डॉन बोस्को के सलेशियन पुरोहितों से प्रेरित होने की बाद कही है।  

तूरीन 22 जून 2015

संत पापा फ्राँसिस ने 21-22, 2015 को तूरीन की यात्रा की थी। इस यात्रा में उन्होंने डॉन बोस्को के जन्म दिवस की 200वीं जयन्ती समारोह में सलेशियनों के साथ भाग लिया था। संत डॉन बोस्को का जन्म 16 अगस्त 1815 को हुआ था और निधन 31 जनवरी 1888 को हुआ।

अपनी यात्रा में संत पापा फ्राँसिस ने सलेशियन समुदाय से मुलाकात की जहाँ ख्रीस्तियों की सहायिका की पुत्रियाँ (सलेशियन सिस्टर्स) भी उपस्थित थी। इस धर्मसमाज की स्थापना संत डॉन बोस्को ने संत मरिया मज्जारेल्लो के साथ किया था।

संत पापा फ्राँसिस के परिवार का भी डॉन बोस्को पुरोहितों के साथ अच्छा संबंध था। वे याद करते हैं कि बपतिस्मा से लेकर जेस्विट पुरोहित बनने की बुलाहट को पहचानने तक उन्हें उनका साथ मिला।

संत जॉन बोस्को के साथ एवन जेली गौदियुम

पुनः 2019 में संत पापा फ्राँसिस ने "डॉन बोस्को के साथ इवनजेली गौदियुम" की किताब का प्रस्तावना लिखा था। इस किताब में सलेशियन परिवार के 25 सदस्यों का चिंतन संग्रह है।

डॉन बोस्को के प्रसन्नचित मनोभाव पर प्रकाश डालते हुए संत पापा ने कहा है कि हर दिन की हजारों कठिनाइयों के बावजूद वे प्रसन्नचित रहते थे। उन्होंने किताब की प्रस्तावना में लिखा है कि सलेशियन स्कूल में अध्ययन करते हुए उन्होंने उसी आनन्द और परिवार के महौल को पाया था। सलेशियन पुरोहितों ने उन्हें सुन्दरता, काम और उत्साह की सराहना करने का प्रशिक्षण दिया है। उन्होंने कहा कि यही सलेशियन धर्मसमाजियों की बुलाहट है।  

26 May 2020, 16:37