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जापान से विदा लेते सन्त पापा फ्राँसिस - 26.11.2019 जापान से विदा लेते सन्त पापा फ्राँसिस - 26.11.2019  (AFP or licensors)

जापान में सन्त पापा फ्राँसिस की प्रेरितिक यात्रा हुई समाप्त

जापान से परमाणु हथियारों के उन्मूलन हेतु विश्व के नेताओं का आह्वान कर मंगलवार को सन्त पापा फ्राँसिस अपनी चार दिवसीय जापानी प्रेरितिक यात्रा सम्पन्न कर टोकियो से रोम के लिये रवाना हो गये हैं।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

टोकियो, मंगलवार, 26 नवम्बर 2019 (रेई,वाटिकन रेडियो): जापान से परमाणु हथियारों के उन्मूलन हेतु विश्व के नेताओं का आह्वान कर मंगलवार को सन्त पापा फ्राँसिस अपनी चार दिवसीय जापानी प्रेरितिक यात्रा सम्पन्न कर टोकियो से रोम के लिये रवाना हो गये हैं।   

टोकियो के हानेदा अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जापान के वरिष्ठ प्रशासनाधिकारी प्रतिनिधिमण्डल तथा काथलिक धर्माध्यक्षों ने सन्त पापा को विदा किया। निप्पोन एयरवेज़ के 8787-9 विमान से साढ़े तेरह घण्टे की हवाई यात्रा के उपरान्त मंगलवार सन्ध्या सन्त पापा फ्रांसिस रोम लौट रहे हैं। स्मरण रहे कि जापान रोम से लगभग आठ घण्टे आगे है।

काथलिक कलीसिया के परमधर्मगुरु सन्त पापा फ्रांसिस 19 नवम्बर को रोम से थायलैण्ड और जापान की सात दिवसीय प्रेरितिक यात्रा के लिये रवाना हुए थे। इटली से बाहर उनकी यह 32 वीं प्रेरितिक यात्रा थी।  

अतिथि सत्कार के लिये आभार

थायलैण्ड से शनिवार 23 नवम्बर को सन्त पापा फ्राँसिस जापान पहुँचे थे। यहाँ उन्होंने राजधानी टोकियो के सहित द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान घातक परमाणु बम विस्फोटों का रंगमंच बने नागासाकी एवं हिरोशिमा शहरों का दौरा किया। इन शहरों में उन्होंने परमाणु दुर्घटना में मारे गये लोगों को याद किया तथा इन प्राणघाती हमलों से बच निकले कुछ लोगों से मुलाकात कर विश्व में परमाणु हथियारों के ख़तरों के प्रति चेतना जागरण का प्रयास किया। टोकियो में उन्होंने 2011 के विनाशक सुनामी तूफान में मारे गये तथा विस्थापित हुए लोगों के लिये प्रार्थना की।

जापान में अपनी चार दिवसीय प्रेरितिक यात्रा समाप्त करने से पहले मंगलवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने टोकियो स्थित परमधर्मपीठीय प्रेरितिक राजदूतावास में कार्यरत अधिकारियों से मुलाकात की तथा उन्हें अपना आशींवाद प्रदान किया। उनके जापानी पड़ाव के समय उनकी आवभगत के लिये सन्त पापा ने राजदूतावास के कर्मचारियों के साथ-साथ एक बार फिर जापान के सरकारी एवं कलीसियाई अधिकारियों के प्रति उनके आतिथेय के लिये हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उगते सूर्य की भूमि जापान में उनके आगमन के क्षण से ही यहाँ के लोगों से मिलकर उन्हें जो आनन्द मिला है उसके लिये वे प्रभु ईश्वर के प्रति कृतज्ञ हैं।    

अलगाव को साक्षात्कार में बदलें

सन्त पापा फ्राँसिस की जापान यात्रा का लक्ष्य परमाणु हथियार विरोधी सन्देश देने के साथ-साथ जापान के काथलिकों को उनके विश्वास में मज़बूत करना था। जापानी काथलिकों से सन्त पापा ने आग्रह किया कि वे अलगाव, एकाकीपन तथा उससे जुड़ी आत्महत्याओं जैसी समस्याओं का सामना विश्वास के बल पर करें। उन्होंने कहा कि ये समस्याएं प्रतिस्पर्धा तथा जापानी समाज में व्याप्त उन्मत्त गति का परिणाम हैं। उन्होंने जापानी काथलिकों को परामर्श दिया कि वे करुणामय येसु ख्रीस्त के पद चिन्हों पर चल निःस्वार्थ प्रेम से अलगाव एवं एकाकीपन को साक्षात्कार में बदलने का प्रयास करें।

जापान से विदा लेते समय मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा "मैं आपसे वादा करता हूँ कि आप सब मेरी प्रार्थनाओं और मेरे दिल में रहेंगे।"  

26 November 2019, 10:47