Vatican News
नेपल्स में जेस्विट पुरोहितों द्वारा संचालित परमधर्मपीठीय ईशशास्त्र विभाग नेपल्स में जेस्विट पुरोहितों द्वारा संचालित परमधर्मपीठीय ईशशास्त्र विभाग  (ANSA)

संत पापा कल करेंगे नेपल्स की यात्रा

संत पापा फ्राँसिस शुक्रवार को इटली के नेपल्स शहर का दौरा करेंगे जहाँ वे प्रेरितिक संविधान वेरितातिस गौदियुम पर चर्चा करेंगे।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, बृहस्पतिवार, 20 जून 2019 (रेई)˸ 21 जून को नेपल्स शहर की एक दिवसीय यात्रा में संत पापा फ्राँसिस "भूमध्यसागर के संदर्भ में वेरितातिस गौदियुम पर ईशशास्त्र" विषय पर अपना वक्तव्य पेश करेंगे।

यह आयोजन उस प्रयास के तहत किया गया है जिसमें भूमध्यसागरीय क्षेत्र की वर्तमान स्थिति से ईशशास्त्र पर चर्चा करने के लिए विशेषज्ञों को एक साथ लायेगा जो पलायन, अंतर-सांस्कृतिकता, अंतर-धार्मिक और ख्रीस्तीय एकतावर्धक वार्ता की आवश्यकता से प्रभावित है।

सभा की मेजबानी नेपल्स में जेस्विट पुरोहितों द्वारा संचालित परमधर्मपीठीय ईशशास्त्रीय विभाग द्वारा किया जाएगा। वहाँ संत पापा का स्वागत शहर के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल क्रेसेनसियो सेपे द्वारा किया जाएगा। यात्रा के दौरान वे यूरो-भूमध्यसागरीय क्षेत्र के जेस्विट पुरोहितों के साथ भोजन करेंगे।

संत पापा फ्राँसिस के प्रेरितिक संविधान वेरितातिस गौदियुम का प्रकाशन 2018 के जनवरी माह में हुआ था, जिसमें उन सभी संस्थानों के लिए शासन और शिक्षा के नए मानदंड निर्धारित किए गए हैं, जो कलीसियाई डिग्री जारी करते हैं।

प्रेरितिक संविधान में संत पापा ईशशास्त्रियों से आग्रह करते हैं कि वे ईश्वर की महानता और सच्चाई के लिए खुले रहें जो हमेशा विकास में प्रकट होता है। संविधान शरणार्थियों और प्रवासियों की शिक्षा के लिए भी प्रक्रियाओं को विकसित करने हेतु संस्थानों को निमंत्रण देता है।

जेस्विट फादर पिनो दी लुचो परमधर्मपीठीय ईशशास्त्र विभाग के डीन ने वाटिकन रेडियो को बतलाया कि इस आयोजन में भूमध्यसागरीय देशों में आप्रवासी और अंतर-सांस्कृतिकता से प्रभावित नए संदर्भों पर प्रकाश डाला जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न धर्मों के बीच संवाद के महत्वपूर्ण योगदानों पर भी गौर किया जाएगा।

फादर दी लुच्चो ने कहा कि मानव भाईचारा पर अबु धाबी के हाल के दस्तावेज जिसपर संत पापा फ्राँसिस एवं अल-अजहर के ग्रैंड इमाम द्वारा हस्ताक्षर किये गये थे, उस पर भी विचार-विमर्श एवं चिंतन किये जायेंगे।

फादर लुच्चो की आशा है कि संत पापा जो स्वयं एक भाईचारा पूर्ण समाज के निर्माण हेतु संवाद के लिए लोगों का आह्वान करते हैं, वे दिखलायेंगे कि इस संवाद को किस तरह ईशशास्त्रीय अध्ययनों में साकार रूप दिया जा सकता है ताकि भूमध्यसागर के संदर्भ में नये ईशशास्त्र का विस्तार किया जा सकेगा।

20 June 2019, 16:04