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सन्त पापा फ्राँसिस उत्तरी मकदूनिया के अधिकारियों के साथ सन्त पापा फ्राँसिस उत्तरी मकदूनिया के अधिकारियों के साथ  (Vatican Media)

उत्तरी मकदूनिया पूर्व और पश्चिम का मिलन केन्द्र, सन्त पापा

उत्तरी मकदूनिया के उच्च प्रशासनाधिकारियों, नागर समाज के प्रतिनिधियों एवं राष्ट्र में सेवारत कूटनीतिज्ञों को सम्बोधित कर मंगलवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा कि उत्तरी मकदूनिया की भूमि, पूर्व और पश्चिम के बीच एक पुल और कई सांस्कृतिक धाराओं के लिए एक मिलन-बिंदु है।

जूलयट जेनेवीव क्रिस्टफर-वाटिकन सिटी

स्कोपिये, मंगलवार, 7 मई 2019 (रेई,वाटिकन रेडियो): उत्तरी मकदूनिया के उच्च प्रशासनाधिकारियों, नागर समाज के प्रतिनिधियों एवं राष्ट्र में सेवारत कूटनीतिज्ञों को सम्बोधित कर मंगलवार को सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा कि उत्तरी मकदूनिया की भूमि, पूर्व और पश्चिम के बीच एक पुल और कई सांस्कृतिक धाराओं के लिए एक मिलन-बिंदु है।

परमाध्यक्ष की पहली यात्रा

उत्तरी मकदूनियाई गणतंत्र में प्रेरितवर सन्त पेत्रुस के उत्तराधिकारी, विश्वव्यापी काथलिक कलीसिया के परमाध्यक्ष की यह पहली यात्रा है। इस सन्दर्भ में सन्त पापा फ्राँसिस ने वरिष्ठ अधिकारियों एवं कूटनीतिज्ञों से कहा कि उत्तरी मकदूनिया की यात्रा के लिये अत्यन्त प्रसन्न हैं, जो परमधर्मपीठ एवं उत्तरी मकदूनिया के बीच कूटनैतिक सम्बन्धों की स्थापना की भी 25 वीं वर्षगाँठ है। सन् 1991 में सोवियत संघ के विघटन के बाद स्वतंत्रता प्राप्त कर लेने पर उत्तरी मकदूनिया ने परमधर्मपीठ के साथ कूटनौतिक सम्बन्धों की स्थापना कर ली थी।

बहुजातीय और बहु-धार्मिक साक्षात्कार

सन्त पापा फ्राँसिस ने कहा, "अपने बीजेन्टीन एवं ऑटोमन अतीत की खबसूरत गवाही के साथ, अपने बुलंद पर्वतीय किलों एवं प्रेरितों के काल से चली आ रही ख्रीस्तीय धर्म की उपस्थिति का साक्ष्य देती वैभवशाली प्राचीन गिरजाघरों की शानदान चित्रकलाओं सहित उत्तरी मकदूनिया सहस्राब्दिक संस्कृति की गहराई एवं समृद्धि को प्रतिबिम्बित करता है।" उन्होंने कहा, "लेकिन मुझे यह कहने की अनुमति दें कि ये महान सांस्कृतिक खजाने आपकी अधिक मूल्यवान पैतृक छवि का प्रतिबिंब हैं: आपके लोगों का बहुजातीय और बहु-धार्मिक साक्षात्कार, एक समृद्ध विरासत और,  वास्तव में,  सदियों के अन्तराल में बुना गया रिश्तों का जटिल इतिहास है।"

 शानदान मोजक

मकदूनिया के लोगों की बहुसांस्कृतिक, बहुजातीय एवं बहुधार्मिक अस्मिता की सराहना करते हुए सन्त पापा ने कहा कि इसका परिणाम देश में शांतिपूर्ण एवं स्थायी सहअस्तित्व रहा है जो सम्पूर्ण यूरोप और उसके देशों में एकीकरण का आदर्श है। उन्होंने कहा, "यहाँ, वास्तव में, ऑरथोडोक्स ख्रीस्तीयों, काथलिकों, इस्लाम एवं यहूदी धर्मानुयायियों की अलग-अलग धार्मिक पहचान तथा मकदूनियाई, अल्बानियाई, सर्बी, क्रोआती और अन्य पृष्ठभूमि के लोगों के बीच अन्तरजातीय सम्बन्धों ने एक शानदान मोजक तैयार किया है जिसका हर टुकड़ा अनमोल है। यह सौन्दर्य और भी प्रखर एवं स्पष्ट हो उठेगा जब आप इसे आनेवाली पीढ़ियों के दिलों तक हस्तान्तरित एवं आरोपित करने में सफल होंगे।"

उन्होंने कहा, "विविध धार्मिक अभिव्यक्तियों को जगह देने हेतु हर प्रयास और विभिन्न जातीय समूहों को, प्रत्येक मानव व्यक्ति की गरिमा हेतु समझदारी, सम्मान एवं मौलिक स्वतंत्रता की गारंटी के लिये सामान्य आधार खोजने में दी गई मदद, निश्चित रूप से, फलदायी साबित होगी।"

मदर तेरेसा को श्रद्धान्जलि

मकदूनिया में जन्मीं उदारता की देवी मदर तेरेसा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सन्त पापा ने कहा, "मैँ, विशेष रूप से, आज आपकी एक प्रतापी साथी-नागरिक को श्रद्धांजलि अर्पित करना चाहता हूँ जिसने ईश्वर के प्रेम से प्रेरित होकर पड़ोसी प्रेम को अपने जीवन का सर्वोच्च नियम बना लिया था। वे सम्पूर्ण विश्व की प्रशंसा का पात्र बनी और एक विशिष्ठ एवं क्रान्तिकारी ढंग से उन्होंने परित्यक्त एवं निर्धन लोगों की सेवा में अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। स्पष्ट है कि मैँ उस महिला की बात कर रहा हूँ जिसे विश्वव्यापी स्तर पर कलकत्ता की मदर तेरेसा के रूप में जाना जाता है।"

उन्होंने स्मरण दिलाया, "सन् 1910 में अग्नेज़ गोन्क्सा बोजाक्सू नाम से स्कोपिये के उपनगर में जन्मीं मदर तेरेसा ने विनम्रता एवं आत्मत्याग सहित भारत में सेवा अर्पित की तथा अपनी धर्मबहनों के माध्यम से निर्धन से निर्धन तक सेवा का उनका मिशन विविध भौगोलिक परिधियों तक पहुँचा। मेरा सौभाग्य है कि मुझे सेक्रेड हार्ट गिरजाघर स्थित उनके स्मारक स्थल पर प्रार्थना करने का मौका मिलेगा।"  

07 May 2019, 11:38