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प्रार्थना करती हुई उड़ीसा की बच्ची प्रार्थना करती हुई उड़ीसा की बच्ची  (©V.R.Murralinath - stock.adobe.com)

पापों से उपवास, सृष्टि को आशावान बनाती है, संत पापा

संत पापा फ्राँसिस ने ट्वीट कर सभी ख्रीस्तियों को पापों से उपवास करने और अपना जीवन प्रभु में केंद्रित करने हेतु प्रेरित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार,06 अप्रैल 2019 (रेई) : चालीसा काल में ख्रीस्तीय प्रार्थना, दया और उपवास कर अपने आप को प्रभु येसु के दुखभोग में शामिल करते हुए पास्का पर्व योग्य रीति से मनाने की तैयारियाँ करते हैं। पापों से उपवास न सिर्फ व्यक्ति विशेष के लिए, अपितु सृष्टि के लिए भी लाभकारी है। संत पापा फ्राँसिस ने ट्वीट कर सभी ख्रीस्तियों को पापों से उपवास करने हेतु प्रेरित किया।

संदेश में उन्होंने लिखा, “पापों से उपवास करना, सृष्टी को भी आशावान बनाती है, सृष्टी असारता की दास्ता से मुक्त हो जाएगी और ईश्वर की संतान की महिमामय स्वतंत्रता की सहभागी बनेगी।” (रोमियों, 8:21)

चालीसा काल के संदेश को जारी रखते हुए संत पापा ने 6 अप्रैल को ट्वीट में लिखा,“चालीसा हमारे जीवन को फिर से नये तरीके से शुरु करने का समय है। दुनिया में हमारी यात्रा की मंजिल प्रभु है, बेशक हमारा जीवन उसी पर केंद्रित होना चाहिए।”

06 April 2019, 15:55