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संत पापा का प्रेरितिक प्रासाद जहाँ से वे देवदूत प्रार्थना का पाठ करते हैं। संत पापा का प्रेरितिक प्रासाद जहाँ से वे देवदूत प्रार्थना का पाठ करते हैं। 

येसु ईश प्रजा के दुल्हे, संत पापा

आज के सुसमाचार में (यो. 2,1-11) हम येसु के पहले चमत्कार को पाते हैं। इस प्रथम विलक्षण चमत्कार को उन्होंने काना नगर में एक विवाह भोज के दौरान सम्पन्न किया था।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, सोमवार, 21 जनवरी 2019 (रेई)˸ वाटिकन स्थित संत पेत्रुस महागिरजाघर में रविवार 20 जनवरी को, संत पापा फ्राँसिस ने भक्त समुदाय के साथ देवदूत प्रार्थना का पाठ किया देवदूत प्रार्थना के पूर्व उन्होंने विश्वासियों को सम्बोधित कर कहा, अति प्रिय भाइयो एवं बहनो, सुप्रभात।

विगत रविवार, येसु के बपतिस्मा महापर्व के साथ हमने धर्मविधिक पूजन पद्धति में एक ऐसे समय में प्रवेश किया जो सामान्य काल कहलाती है। यह समय येसु के जीवन में, उनका लोगों के साथ व्यतीत करने, पिता द्वारा दुनिया में भेजे जाने के मिशन को पूरा करने की अवधि का स्मरण दिलाता है।

प्रेम का एक नया व्यवस्थान

आज के सुसमाचार में (यो. 2,1-11) हम येसु के पहले चमत्कार को पाते हैं। इस प्रथम विलक्षण चमत्कार को उन्होंने काना नगर में एक विवाह भोज के दौरान सम्पन्न किया था। येसु के सार्वजनिक जीवन में विवाह उत्सव की घटना जो संयोग नहीं थी बल्कि उनके द्वारा ईश्वर ने मानव जाति के साथ विवाह किया। यह एक सुसमाचार है यद्यपि जिन्होंने उन्हें निमंत्रण दिया था वे नहीं जानते थे कि उनकी मेज पर जो बैठा था वह ईश्वर का बेटा और सच्चा दुल्हा था।

वास्तव में, काना के चमत्कार के सभी रहस्य उस दिव्य दुल्हे येसु की उपस्थिति पर आधारित थे जिनको उन्होंने प्रकट करना आरम्भ किया। येसु ने अपने आपको ईश्वर की प्रजा के दुल्हे के रूप में प्रकट किया, जिसकी भविष्यवाणी नबियों ने की थी तथा उस संबंध की गहराई को दिखलाया जो उनके साथ संयुक्त करता है। यह प्रेम का एक नया व्यवस्थान है।

वे तुम लोगों से जो कुछ कहें वही करना

संत पापा ने कहा कि इस व्यवस्थान की पृष्ठभूमि पर दाखरस के प्रतीक का अर्थ जो कि इस चमत्कार का केंद्रविन्दु है पूरी तरह समझा जा सकता है। जब उत्सव अपनी चरम पर थी तभी अंगुरी समाप्त हो गयी। माता मरियम ने इसपर गौर किया और येसु से कहा, "उनके पास अंगुरी नहीं रह गयी है। (v. 3) क्योंकि केवल पानी से उत्सव को जारी रखना उन लोगों के लिए दुर्भाग्य की बात थी। माता मरिया ने इसे समझा तथा एक माता के रूप में तुरन्त येसु के पास गयी। धर्मग्रंथ खासकर, नबियों की किताबों ने अंगुरी को मसीह के भोज में एक आवश्यक तत्व के रूप में संकेत दिया था। (आमोस 9,13-14; Gl 2,24; Is 25,6) जल जीने के लिए आवश्यक है किन्तु अंगुरी विवाह भोज में उत्सव के आनन्द के लिए आवश्यक है। संत पापा ने कहा, "अंगुरी के बिना उत्सव? मैं नहीं जानता कि यहूदियों के शुद्धीकरण के लिए रखे गये मटकों के जल को दाखरस में बदल देना कैसा था क्योंकि उनकी एक आदत थी कि घर घुसने के पहले वे शुद्धिकरण करते थे। येसु ने एक विशेष चमत्कार किया, उन्होंने मूसा की सहिंता को सुसमाचार, एक आनन्द के वाहक में बदल दिया।"

प्रभु की सेवा करने का अर्थ

हम माता मरियम को देखें, सेवकों को कहे गये उनके शब्द काना में दुल्हे के लिए एक मुकुट के समान थे, ‘‘वे तुम लोगों से जो कुछ कहें वही करना''। (v. 5) आज भी माता मरियम हमसे यही कहती हैं, ‘‘वे तुम लोगों से जो कुछ कहें वही करना''। माता मरियम के ये शब्द बहुमूल्य हैं जिनको उन्होंने हमारे लिए प्रदान किया है। काना के सेवकों ने उनके आदेश का पालन किया। येसु ने उनसे कहा, "इन मटकों में पानी भर दो और उन्होंने उन मटकों को जल से लबालब भर दिया। उसके बाद उन्हें फिर आदेश दिया कि वे उसे भोज के प्रबंधक के पास ले जाएँ। उन्होंने उसे प्रबंधक के पास लिया। "(पद. 7-8) इस विवाह उत्सव में, एक नया व्यवस्थान बना तथा प्रभु को सेवकों जो सम्पूर्ण कलीसिया है उसे एक नया मिशन सौंपा गया, ‘‘वे तुम लोगों से जो कुछ कहें वही करना''। प्रभु की सेवा करने का अर्थ है उनको सुनना एवं उनके वचनों पर चलना। यह येसु की माँ की सरल और आवश्यक सलाह है। यह ख्रीस्तीय जीवन का भाग है।

संत पापा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब हम कठिन परिस्थिति में होते हैं, जब कोई समस्या आ जाती है जिसका सामना हम नहीं कर पाते हैं तब हम परेशानी एवं बेचैनी महसूस करते हैं और जब हममें खुशी नहीं रह जाती है, तब हम माता मरियम के पास जाएँ और कहें, हमारे पास अंगुरी नहीं रह गयी है। अंगुरी समाप्त हो चुकी है मुझे देखिये, मेरा हृदय और मेरी आत्मा को देखिये, मैं कैसा बन गया हूँ। वे इस बात की जानकारी येसु को देगी और कहेगी कि देखिये उनके पास अंगुरी नहीं रह गयी है और उसके बाद हमारे पास आकर कहेगी, "वे तुमसे जैसे कहें वैसा ही करना।"

 जीवन में ईश्वर की कृपा को महसूस करना

हम प्रत्येक जन के लिए मटके में से लेने का अर्थ है वचन पर ईश विश्वास करना तथा हमारे जीवन में ईश्वर की कृपा को महसूस करना। तब हम भी उस भोज के प्रबंधक की तरह घोषित करेंगे, "आपने बढ़िया अंगूरी अब तक रख छोड़ी है।'' (पद. 10) येसु सदा ही हमें विस्मित करते हैं। हम माता मरियम से प्रार्थना करते हैं क्योंकि वे अपने पुत्र येसु को हमारी अर्जी सुनाती हैं और येसु हमें विस्मित करते हैं।  

संत पापा ने प्रार्थना की कि धन्य कुँवारी मरियम हमें अपने निमंत्रण के अनुसार चलने में सहायता दे ताकि हम अपने आप को येसु के लिए पूरी तरह खोल सकें, उनके उपस्थिति को अपने दैनिक जीवन में पहचान सकें।  

इतना कहने के बाद संत पापा ने भक्त समुदाय के साथ देवदूत प्रार्थन का पाठ किया तथा सभी को अपना प्रेरितिक आशीर्वाद दिया।

21 January 2019, 14:39