2023.09.29सिनॉडालिटी पर धर्मसभा में यूआईएसजी का प्रतिनिधित्व करने वाली पांच धर्मबहनें 2023.09.29सिनॉडालिटी पर धर्मसभा में यूआईएसजी का प्रतिनिधित्व करने वाली पांच धर्मबहनें 

धर्मबहनों ने धर्मसभा में "पूर्ण भागीदारी" पर खुशी व्यक्त की

यूआईएसजी की अध्यक्ष का कहना है कि धर्मबहनों ने संत पापा फ्राँसिस के "एकता भागीदारी और मिशन पर धर्मसभा की कलीसियाई यात्रा" के निमंत्रण पर खुशी के साथ प्रतिक्रिया व्यक्त की हैं।

सिस्टर टिटिलायो अदुलोजू, एसएसएमए

वाटिकन सिटी, शनिवार 30 सितंबर 2023 (वाटिकन न्यूज) : पांच धर्मबहनें सिनॉडालिटी पर धर्मसभा के पहले सत्र में इंटरनेशनल यूनियन ऑफ सुपीरियर जनरल (यूआईएसजी) का प्रतिनिधित्व करेंगी, जो 4 से 29 अक्टूबर 2023 तक रोम में आयोजित किया जाएगा।

यूआईएसजी की अध्यक्ष, सिस्टर मेरी बैरन ओएलए, ने सिनॉडालिटी की धर्मसभा में भाग लेने के अवसर पर खुशी व्यक्त की है।

यूआईएसजी की अध्यक्ष, सिस्टर मेरी बैरन, ओएलए
यूआईएसजी की अध्यक्ष, सिस्टर मेरी बैरन, ओएलए

संत पापा फ्राँसिस का आभार

गुरुवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में, यूआईएसजी ने संत पापा फ्राँसिस के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने पहली बार यूआईएसजी को 2014 में परिवार पर हुए धर्मसभा में श्रोता के रूप में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया था। तब से, यूआईएसजी के सदस्यों ने प्रत्येक आगामी धर्मसभा में श्रोता के रूप में भाग लिया है।

इस वर्ष यूआईएसजी के प्रतिनिधि पहली बार धर्मसभा प्रक्रिया में सदस्यों के रूप में पूरी तरह से भाग लेंगी। वे चर्चा में शामिल होंगी, लिखित दस्तावेज में शामिल होने के लिए फीडबैक देंगी और मतदान में शामिल होंगी।

प्रेस विज्ञप्ति में उद्धृत एक अलग घोषणा में, यूआईएसजी की अध्यक्ष सिस्टर बैरन कहती हैं, "हम संत पापा फ्राँसिस के सिनॉडालिटी की धर्मसभा में भाग लेने तथा एकता, भागीदारी और मिशन पर धर्मसभा की कलीसियाई यात्रा के लिए खुद को प्रतिबद्ध करने के आह्वान का खुशी से जवाब देती हैं।”

यूआईएसजी की धर्मबहनें और संत पापा फ्राँसिस
यूआईएसजी की धर्मबहनें और संत पापा फ्राँसिस

पाँच प्रतिभागी

रोम में होने वाली धर्मसभा की आगामी आम सभा में भाग लेने के लिए पांच यूआईएसजी प्रतिनिधियों को बुलाया गया है। वे हैं: यूआईएसजी के अध्यक्ष सिस्टर मेरी बैरोन ओएलए, यूआईएसजी के कार्यकारी सचिव सिस्टर पट्रीसिया मर्रे आईबीवीएम, सिस्टर एलिजाबेथ मेरी डेविस आरएसएम, सिस्टर एलिसी इज़ेरिमाना, ऑप. एस.डी.एन. और सिस्टर मारिया निर्मलिनी, ए.सी.

सिस्टर बैरन ने आशा व्यक्त की कि धर्मसभा में यूआईएसजी की भागीदारी एक भविष्यसूचक आवाज प्रदान करेगी क्योंकि उनके अनुसार "यूआईएसजी ने अपने सदस्यों की आवाज सुनी है जो आज हमारी दुनिया में जो कुछ भी हो रहा है उसके प्रत्यक्षदर्शी हैं"।

उनके चयन पर खुशी व्यक्त करते हुए, सिस्टर मारिया निर्मलिनी ने कहा है, "धर्मसभा में भाग लेने के लिए चुने जाने की खबर मेरे लिए पूरी तरह से आश्चर्यचकित करने वाली थी, हालांकि सुखद भी थी।"

उन्होंने कहा, "मैं इसे ईश्वर के सभी लोगों के साथ एकता, भागीदारी और मिशन में साथ चलने की अविश्वसनीय यात्रा में शामिल होने के निमंत्रण के रूप में लेती हूँ।"

धर्मबहनों का अद्वितीय योगदान

सिस्टर बैरन ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि धार्मिक जीवन, अपने सामुदायिक जीवन के अनुभव के साथ, इस धर्मसभा रूपांतरण को प्राप्त करने में कलीसिया की सहायता कर सकता है।

यूआईएसजी अध्यक्ष के अनुसार, "हमारा समर्पित जीवन अपने सभी रूपों में पहले से ही इस सिनॉडल कलीसिया को चित्रित करता है, जहां विभिन्न पीढ़ियों और धर्मसमाजी पुरुष और महिलाएं एक-दूसरे को सुनने और ईश्वर की इच्छा जानने में खुशी-खुशी सहयोग करते हैं, ताकि एक साथ मिलकर एक ऐसी कलीसिया का निर्माण किया जा सके, जिसका इस तीसरी सहस्राब्दी में ईश्वर इंतजार कर रहे हैं।"

उन्होंने पुष्टि की, "समर्पित धर्मबहनों के रूप में, हमें भी कलीसिया के भीतर दूसरों से बहुत कुछ सीखना है, इसलिए हम धर्मसमाज के भीतर और उससे परे भी मनपरिवर्तन, सुधार और विकास का मार्ग जारी रखती हैं।"

उन्होंने कहा, "हमें इस धर्मसभा का हिस्सा महसूस करने, अपने अनुभवों को साझा करने और एक साथ सपने देखने के लिए आमंत्रित किया गया है ताकि सिनॉडल कलीसिया एक वास्तविकता बन जाए। हम विनम्र और सह-जिम्मेदार रहते हुए आत्मविश्वास के साथ इस साहसिक कार्य में भाग लेती हैं!”

यूआईएसजी प्रेस विज्ञप्ति के अंत में कहा गया, "हमें प्राप्त धर्मसभा प्रतिक्रियाओं के माध्यम से और हमने अपने पुरुष समकक्ष, यूनियन ऑफ सुपीरियर जनरल (यूएसजी) के सहयोग से प्राप्त योगदान से हमें लगता है कि हम आत्मविश्वास से कलीसियाई जीवन के इस महत्वपूर्ण पहलू का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं,जो बहुत सारे लोगों को छूता है।”

यूआईएसजी धर्मसभा का प्रतीक
यूआईएसजी धर्मसभा का प्रतीक

यूआईएसजी का संक्षिप्त इतिहास

इंटरनेशनल यूनियन ऑफ सुपीरियर जनरल (यूआईएसजी) की स्थापना 1965 में द्वितीय वाटिकन सम्मेलन की प्रेरणा से की गई थी।

यूआईएसजी का उद्देश्य विभिन्न प्रेरिताई में संलग्न विभिन्न धर्मसमाजों के बीच घनिष्ठ सहयोग को बढ़ावा देना है। वर्तमान में, यूआईएसजी दुनिया भर में "1903 वरिष्ठ जनरलों से बना है", जो "36 क्षेत्रीय समूहों" में वितरित है।

संगठन अपनी 2,000 सदस्य धर्मसमाजों को, जिनमें 600,000 से अधिक धर्मबहनें हैं, अनुभवों को साझा करने, ज्ञान का आदान-प्रदान करने, एक-दूसरे को सलाह देने और बड़े पैमाने पर समाज में और कलीसिया में अपने धर्मसमाजों में नेताओं के रूप में काम करने के लिए एक-दूसरे का समर्थन करने हेतु एक स्थान प्रदान करता है

वैश्विक सदस्यता के साथ, संघ का लक्ष्य "पुलों का निर्माण और नेटवर्क विकसित करना" है, ताकि दुनिया के विभिन्न हिस्सों की धर्मबहनें एक-दूसरे से संपर्क और संवाद कर सकें और एक-दूसरे के साथ संवाद करते हुए एक वैश्विक समुदाय बना सकें।

 

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30 September 2023, 15:27