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नए कोविड-19 स्वास्थ्य पास के विरोध में प्रदर्शन करते लोग नए कोविड-19 स्वास्थ्य पास के विरोध में प्रदर्शन करते लोग  (AFP or licensors)

फ्रांसीसी धर्माध्यक्षों ने कोविड स्वास्थ्य "पास" पर चल रही बहस की आलोचना की

फ्रांस में काथलिक धर्माध्यक्षों का कहना है कि नए कोविड-19 स्वास्थ्य पास की तुलना प्रलय से करना "विचारों के गंभीर भ्रम" को दर्शाता है।

उषा मनोरमा तिरकी-वाटिकन सिटी

फ्राँस, मंगलवार, 27 जुलाई 2021 (वीएनएस)- जब पिछले हफ्ते फ्रांस में सभी स्वास्थ्यकर्मियों के लिए टीके की आवश्यकताओं को कड़ा करने और कुछ सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य "पास" की आवश्यकता पर बहस शुरू हुई, तब  उपाय की तुलना, नाजी जर्मनी द्वारा यहूदी उत्पीड़न से किये जाने के खिलाफ फ्रांसीसी धर्माध्यक्षों ने व्यापक आलोचना का समर्थन किया। विधेयक के विरोधी यह तर्क देते हुए सड़कों पर उतर आए कि यह विधेयक भेदभाव और तानाशाही पूर्ण है एवं कुछ प्रदर्शनकारियों ने इसकी तुलना नाजी द्वारा यहूदियों पर लगाए गए पीले तारे के बैंज से की। धर्माध्यक्षों के अनुसार, तुलना "विचारों के एक गंभीर भ्रम" को व्यक्त करती है।

नई आवश्यकताएं मनुष्य की गरिमा से इनकार नहीं करती

धर्माध्यक्षीय सम्मेलन ने एक बयान में कहा, "शोअह एक पूर्ण आतंक का प्रतीक है जिससे हमारे राजनीतिक आचरण का न्याय किया जाना चाहिए, न कि लाभ के लिए एक नाटक।" उन्होंने जोर दिया है कि कोविड- वैक्सिन महामारी से लड़ने के लिए मेडिकल का प्रत्युत्तर है जो आर्थिक, सामाजिक और मित्रता के जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। "वे अपने उन्मूलन को उचित ठहराकर मानव की गरिमा से इनकार नहीं कर सकते।"

सरकार अपनी जायज जिम्मेदारियां निभा रही है

बयान में कहा गया है कि टीकाकरण को सभी के लिए अनिवार्य करने एवं कुछ क्रिया-कलापों के लिए स्वास्थ्य "पास" का दबाव डालने के द्वारा सरकार संसद के नियंत्रण में अपनी जायज जिम्मेदारियों को पूरा कर रही है और यह सत्यापित करना राज्य के न्यायिक निकायों पर निर्भर है कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर ये प्रतिबंध "कानून के अनुसार" और "आनुपातिक" हैं।

एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदार होना

फ्रांसीसी धर्माध्यक्षों ने नागरिकों से अपील की है कि वे कुछ स्वतंत्रताओं को भ्रमित न करें, जैसे यात्रा करने या भोजन के लिए बाहर जाने को "अस्तित्व की स्वतंत्रता के साथ", या सिनेमा अथवा कैफे जाने की स्वतंत्रता को "ईश्वर की स्तुति करने या उनकी प्रशंसा न करने की स्वतंत्रता" के साथ। फिर भी न राज्य और न ही नागरिक इनकार कर सकता है कि सभी स्वतंत्रता एक-दूसरे से जुड़े हैं। इस महामारी ने सभी को एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदार बनाया है। यह किसी न किसी रूप में मानव जाति की एकता और ईश्वर के साथ इसकी संयुक्ति की घोषणा है।

फ्रांस में कोविड-19 संक्रमण की नई लहर डेल्टा संस्करण से जुड़ी

नए प्रतिबंधात्मक उपायों की घोषणा, 12 जुलाई को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने अधिक संक्रामक डेल्टा संस्करण से जुड़े कोरोनावायरस से संक्रमण की नई लहर को देखते हुई की थी, जिससे पिछले सप्ताह फ्रांस में एक दिन में 20,000 से अधिक नए मामले दर्ज किये गये थे। फ्रांसीसी संसद ने बाद में 19 जुलाई को बिल को मंजूरी दे दी, जिसमें सभी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए एंटी-कोविड ​​-19 टीके अनिवार्य कर दिए गए और संग्रहालयों, सिनेमाघरों, स्विमिंग पूल रेस्तरां और अन्य सामाजिक स्थानों तक पहुंचने और ट्रेनों एवं हवाई जहाजों यात्रा करने के लिए स्वास्थ्य पास की आवश्यकता है। इसके अनुसार लोगों को टीकाकरण या एक नकारात्मक कोविड-19 परीक्षण का प्रमाण दिखाना आवश्यक है। इटली सहित अन्य यूरोपीय देशों ने भी इसी तरह के उपाय पेश किए हैं, जिससे वैक्स विरोधी प्रदर्शनकारियों ने भी प्रदर्शन किया है।

27 July 2021, 16:14