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कपुचिन डे सेंटर में संत पापा फ्राँसिस और ब्रदर केविन क्रॉली की तस्वीर कपुचिन डे सेंटर में संत पापा फ्राँसिस और ब्रदर केविन क्रॉली की तस्वीर  कहानी

महामारी में डबलिन का कपुचिन डे सेंटर लोगों की आशा

संत पापा फ्राँसिस की आयरलैंड यात्रा के लगभग तीन साल बाद, डबलिन कपुचिन डे सेंटर, महामारी के बीच अपने महत्वपूर्ण कार्य को जारी रखे हुए है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी भूखा न रहे।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 3 अप्रैल 2021(वाटिकन न्यूज) : कपुचिन डे सेंटर के बाहर लोगों की लंबी कतार है। यह सेंटर 40 से अधिक वर्षों से डबलिन के बेघर और जरूरतमंदों का स्वागत और सहायता कर रहा है।

यह दोपहर का भोजन है और स्वयंसेवक एक खिड़की से एक नए कैनप में भोजन दे रहे हैं जो लोगों को बारिश से बचाने के लिए लगाया गया है।

जब संत पापा फ्रांसिस ने डबलिन की अपनी यात्रा के दौरान इस सेंटर का दौरा किया था, तो इस क्षेत्र की सड़कों के किनारे और सेंटर में संत पापा के झंडे  लहरा रहे थे और सेंटर के लोगों के साथ बाकी अन्य लोग भी गौरन्वित महसूस कर रहे थे। वे संत पापा से मिलकर खुशी और उत्साह से भर गये थे।

महामारी का प्रभाव

संत पापा फ्राँसिस द्वारा सेंटर के दौरे के लगभग तीन साल बाद, डबलिन शहर महामारी से जूझ रहा है पूरे शहर में लॉकडाउन है परंतु सेंटर में लोगों के स्वास्थ्य देखभाल और भोजन खिलाने का कार्य जारी है।

जब संत पापा ने कपुचिन डे सेंटर का दौरा किया, तो उन्होंने स्वयंसेवकों और कर्मचारियों के अथक परिश्रम को देखा और जरूरतमंद लोगों का अभिवादन किया। इन दिनों महामारी में सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिबंधों के कारण, यहाँ के कमरे मेहमानों के बिना खाली पड़े हैं।

हालांकि, मौजूदा स्थिति के बावजूद, काम जारी है, सेंटर के प्रमुख द्वार के सामने के स्वागत कमरा सफेद कागज की थैलियों से भरा है जिसमें उन लोगों के लिए भोजन रखा गया है जो बेघर हैं या जिसके पास खाने को कुछ भी नहीं हैं।

सेंटर में तैयार भोजन का पैकेट
सेंटर में तैयार भोजन का पैकेट

संत पापा का दौरा

सेंटर के संस्थापक और सह-निदेशक ब्रदर केविन क्रॉली द्वारा संत पापा फ्राँसिस को अभिवादन करता हुआ एक फोटो उनके कार्यालय की दीवार पर टंगा है।

ब्रदर केविन याद करते हुए कहते हैं, "ईश्वर ने सेंटर को जो सबसे असाधारण उपहार दिया, वह था संत पापा फ्राँसिस का यहां पहुंचना और मेरे लिए उन्हें पापा मोबाइल पर बो स्ट्रीट पर आते हुए देखना।"

ब्रदर केविन भी स्पष्ट रूप से संत पापा को याद करते हैं, जो सेंटर में इंतजार कर रहे जरूरतमंद परिवारों और बच्चों से बातें करते हुए संत पापा ने एक सीधा लम्बा रास्ता तय किया था।

उन्होंने कहा कि “बेघर लोगों और ज़रूरतमंद लोगों से मिलने के लिए यहाँ आने पर संत पापा के माध्यम से इस स्थान पर प्रभु का बहुत बड़ा आशीर्वाद मिला है।

"मुझे याद है कि सोमवार की सुबह एक बेघर व्यक्ति मेरे पास आया और उसने कहा, 'मुझे अब तक बहुत कम विश्वास था, लेकिन शनिवार को यहां होने के नाते, संत पापा से मिलना और जिस तरह से उसने हमें शुभकामनाएं दीं, वह मेरे लिए थी। मुझे लगा, हमारे बीच में येसु आ गया और मैं इसे कभी नहीं भूलूंगा और इसने मेरे विश्वास को मजबूत किया है और ये ऐसा अनुभव है जिसे मैं अपने भविष्य में अपने साथ रखूंगा।''

सेंटर में ब्रदर केविन
सेंटर में ब्रदर केविन

मदद मांगने वाले लोगों की बढ़ोत्तरी

पिछले एक साल में, डबलिन में अधिक से अधिक लोग महामारी के आर्थिक प्रभाव को महसूस कर रहे हैं। हालांकि कपुचिन डे सेंटर प्रतिबंधों के कारण वर्तमान में लोगों का स्वागत नहीं कर सकता है, लेकिन ब्रदर केविन का कहना है कि नौकरी गंवाने वाले लोगों की संख्या और सेंटर से मदद पाने वालों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।

वे बताते हैं, "हर सुबह हम करीब 200 से 250 लोगों के लिए नास्ता का पैकेट तैयार करते हैं और यही पूरे परिवार के लिए होता है। फिर दोपहर में हम करीब 750 से 900 तक खाना पैकेट घर ले जाने के लिए तैयार करते हैं और इतनी बड़ी संख्या में पैकेट तैयार करना बड़ा काम है। यह केवल उन लोगों के लिए नहीं है जो बेघर हैं या सड़कों पर लोग हैं, ये वे लोग हैं जिन्हें काम मिलना मुश्किल है। ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपनी नौकरी खो दी है, ऐसे लोग हैं जिन्हें अपने परिवारों के लिए खाने की मेज पर खाना रखने में कठिनाई होती है और वे लोग हैं जिनके बारे में हम वास्तव में चिंतित हैं। यहाँ बहुत सारे लोगों और विशेष रूप से बच्चों के साथ आने वाली माताओं को देखकर मुझे बहुत दुख होता है।

वे कहते हैं सबसे ज्यादा दुख की बात तो यह है कि वे अपने सेंटर में लोगों का स्वागत नहीं कर सकते। हर सुबह लोग स्नान करने और नास्ता करने हमारे सेंटर आया करते थे, अब कोविद के कारण हम उनकी इस जरुरत को पूरा नहीं कर सकते। बच्चों और माताओं के रहने के लिए हमने सेंटर के बाहर व्यवस्था की है। बड़े दुख की बात है कि पास्का पर्व में भी हम बच्चों को अपने यहाँ नहीं रख सकते।

नया परिवार और बच्चों का क्षेत्र
नया परिवार और बच्चों का क्षेत्र

अलगाव और अकेलापन

कपुचिन फ्रायर बताते हैं कि महामारी ने भी "अलगाव का माहौल लाया है, लोग बाहर जाने से डरते हैं, बुजुर्ग लोग डरते हैं ... लोग उदास हैं,लोगों को स्थिति का सामना करने में बड़ी कठिनाई हो रही है।”

ब्रदर केविन ने कहा कि गत वर्ष महामारी के समय उन्हें बुजुर्ग लोगों से कई पत्र मिले हैं जो अलगाव और अकेलेपन के बारे में बोल रहे थे, उन्होंने महसूस किया है कि वे अपना घर छोड़ने में सक्षम नहीं हैं। उनमें से कई ने अपने दुखों को व्यक्त किया कि वे अपने पोते पोतियों से अलग हो गये हैं उनहें देख नहीं पा रहे हैं। उनहोंने इस बात पर खेद व्यक्त किया है कि वर्तमान सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिबंध के कारण शारीरिक रूप से पवित्र मिस्सा और संस्कारों में भाग नहीं ले सकते हैं। वे बहुत दुखी हैं क्योकि  दूसरे वर्ष भी वे गिरजाघरों में जाकर पास्का समारोह में भाग नहीं ले सकते।

कपुचिन फ्रायर ने कहा, “दुर्भाग्य से, इस साल का ईस्टर भी पिछले वर्षों से अलग होगा। हम सरकार द्वारा लगाए गये प्रतिबंध का पालन कर रहे हैं हमें यकीन है किसी भी तरह से दुर्व्यवहार नहीं होगा।”

कपुचिन फ्रायर्स आवास के सामने का स्थान
कपुचिन फ्रायर्स आवास के सामने का स्थान

काम जारी है

जब संत पाप फ्राँसिस 2018 में इस सेंटर में आए थे तो उन्होंने कपुचिन फ्रायर्स और अन्य लोगों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया, जो बेघर या गरीबों की मदद के लिए ऐसे महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कपुचिन पुरोहितों द्वारा "गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहे परिवारों और जरुरत मंदों के बीच प्यार और समर्थन दिखाया जा रहा है।"

वर्तमान महामारी के बावजूद कपचिन डे सेंटर में यह प्यार और समर्थन अभी भी जारी है। ब्रदर केविन और उनकी टीम भविष्य को आशा के साथ देख रही हैं। परिवारों और बच्चों के लिए नए विस्तार (एक्सटेंशन) के अलावा, विकलांगों के लिए नए स्नान गृह और सुविधाएं स्थापित की गई हैं और सेंटर पूरी तरह से खुलने पर लोगों के साथ साझा किए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

 डबलिन कपुचिन डे सेंटर का आदर्श वाक्य है, "कोई भी भूखा नहीं रह सकता।" इस महामारी के बीच बेघर और गरीबी में रहने वालों के लिए यह बहुत मायने रखता है।

03 April 2021, 14:25