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लाहौर के पवित्र हृदय महागिरजाघर की सीढ़ी पर विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु लाहौर के पवित्र हृदय महागिरजाघर की सीढ़ी पर विभिन्न धर्मों के धर्मगुरु 

पाकिस्तान के गिरजाघर अब विश्वासियों के लिए खोले गये

पाकिस्तान, लाहौर के महाधर्माध्यक्ष ने गिरजाघरों के फिर से खुलने का जश्न मनाने के लिए एक समारोह में अन्य धर्मों के नेताओं को आमंत्रित किया है। यह भाईचारे का एक संकेत है।

माग्रेट सुनीता मिंज- वाटिकन सिटी

लाहौर, मंगलवार 18 अगस्त 2020 (वाटिकन न्यूज) : कोविड -19 महामारी के कारण 15 मार्च को पाकिस्तान के सभी गिरजाघरों में पूजा अर्चना सभी निलंबित कर दिया गया। लाहौर के पवित्र हृदय महागिरजाघर के दरवाजा को खोलते हुए महाधर्माध्यक्ष ने सभी विश्वासियों को प्रार्थना और पूजन धर्मविधियों में भाग लेने हेतु आमंत्रित किया। इस अवसर पर अन्य धर्मों और कलीसियाओं के धर्मगुरुओं को आमंत्रित किया गया था।

अंतरधार्मिक सभा

पाकिस्तान के एंग्लिकन कलीसिया के डीन पादरी शाहिद मेराज द्वारा की गई प्रार्थना के साथ सभा की शुरुआत की गई। इसके बाद लाहैर के महाधर्माध्यक्ष सेबास्टियन शॉ ने कहा, “इस संकट के समय में जैसे कि आज दुनिया अनुभव कर रही है: हम सभी भाई अलग-अलग धर्मों के हैं। हम शांति में जीते हैं और पारस्परिक रूप से हमारे पूजा स्थलों पर जाते हैं। हम वास्तव में कोविद -19 के इस कठिन समय में भी एकजुट हैं।ʺ

सभा में एंग्लिकन समुदाय के प्रतिनिधियों के अलावा, लाहौर के धर्माध्यक्ष इरफान जमील, शांति और अंतरधार्मिक सद्भाव के राष्ट्रीय आयोग के प्रतिनिधि और मुस्लिम धार्मिक नेता मौजूद थे। मुस्लिम नेता असीम मकबूल ने याद किया कि कोरोना वायरस ने धर्म या जातीयता को भेद किये बिना सभी को प्रभावित किया है। धर्माध्यक्ष जमील ने कहा, ʺईश्वर ने सबसे गरीब लोगों की मदद करने हेतु एक आम प्रयास में सभी को एकजुट किया है। हमने सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए अपने को सुरक्षित रखा है। जीवन और सुरक्षा प्रदान करने हेतु हम ईश्वर के शुक्रगुजार हैं।”

कराची सरकार द्वारा महामारी को रोकने के लिए लगाए गए अधिकांश प्रतिबंधों के समाप्त होने के कुछ दिनों बाद लाहौर महाधर्मप्रांत के गिरजाघऱों को फिर से खोला गया।

पाकिस्तान में कोविद

पाकिस्तान में कोरोना वायरस से अब तक 6,168 मौतें हुई हैं, नए संक्रमण वास्तव में तेज गिरावट में हैं। 16 अगस्त को 6 लोगों की मौत हुई। समारोह के दौरान, महाधर्माध्यक्ष शॉ ने सभी ईसाइयों को संक्रमण के खिलाफ अपनी रक्षा करने की आवश्यकता की याद दिलाई। इस उद्देश्य से विश्वासियों को आदेश दिया गया  है कि मिस्सा के दौरान, सुरक्षा दूरी का सम्मान करने के अलावा, विश्वासियों को मास्क पहनना चाहिए और गिरजाघरों के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजिंग जेल का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा, समारोह भीड़ से बचने के लिए छोटा होगा : दैनिक मिस्सा 30 मिनट और रविवार मिस्सा के लिए 45 मिनट का समय होगा।

पाकिस्तान में, प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा बंद के आदेश से पहले ही गिरजाघरों को बंद कर दिया गया था। स्थानीय सरकारों ने केवल रविवार को गिरजाघरों को खोलने के लिए अधिकृत किया है, लेकिन महाधर्माध्यक्ष शॉ ने काथलिक टीवी पाकिस्तान फेसबुक पेज पर प्रसारित ऑनलाइन समारोहों का चयन किया, जो प्रति दिन 2,000 से अधिक बार देखा गया। दूसरी ओर, कराची के महाधर्मप्रांत ने जुलाई के प्रारंभ से ही गिरजाघरों में विश्वासियों की सहभागिता के साथ पवित्र मिस्सा फिर से शुरू किया। देश के उत्तर में इस्लामाबाद-रावलपिंडी धर्मप्रांत में अधिकांश गिरजाघर खुले थे, हालांकि रावलपिंडी के संत जोसेफ महागिरजाघर से पवित्र मिस्सा ऑनलाइन प्रसारित किया गया।

18 August 2020, 15:23