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सृष्टि के मौसम’ को बढ़ावा संत पापा फ्राँसिस सृष्टि के मौसम’ को बढ़ावा संत पापा फ्राँसिस 

कोलंबन पॉडकास्ट के साथ ‘सृष्टि के मौसम’ को बढ़ावा

कोलंबन मिशनरियों की ओर से, "जुबली फॉर द अर्थ-ए पॉडकास्ट ऑन बायोडायवर्सिटी एंड अवर सेक्रेड स्टोरी" की छःश्रृंखलाएँ हैं जो करीब 15 मिनट की हैं। प्रथम श्रृंखला सोमवार, 31 अगस्त को, ‘सृष्टि के मौसम’ की पूर्व संध्या पर रिलीज़ होने वाली है।

माग्रेट सुनीता मिंज - वाटिकन सिटी

वाटिकन सिटी, शनिवार 29 अगस्त 2020 (वाटिकन न्यूज) : संत कोलंबन के मिशनरी धर्मसंघ, जो आमतौर पर कोलंबन मिशनरी के रूप में जाना जाता है, ‘सृष्टि के मौसम’ के आगामी पॉडकास्ट श्रृंखला में जैव विविधता की सुंदरता और इसके खतरों को चिह्नित कर रहा है।

सृष्टि का मौसम ईश्वर की रचना, हमारे सामान्य घर की रक्षा के लिए दुनिया भर की कलीसियाओं और धर्मसंधी समुदायों द्वारा प्रार्थना और कार्रवाई का एक वार्षिक उत्सव है। 1 सितंबर को ‘सृष्टि के लिए विश्व दिवस’ शुरु होगा और 4 अक्टूबर, असीसी के संत फ्रांसिस के पर्व तक जारी रहेगा। असीसी के फ्रांसिस, सृष्टि के संरक्षक संत है और वे ख्रीस्तीय संप्रदायों और अन्य धर्मों के लोगों द्वारा भी सम्मानित किये जाते हैं।

सभी कलीसियाओं के ख्रीस्तियों को महीने भर के ‘सृष्टि के मौसम’ में भाग लेने के लिए प्रार्थना सभा, साफ-सफाई अभियान और अन्य पहलों और गतिविधियों का आयोजन करने आमंत्रित किया जाता है।

"पृथ्वी की जयंती" पॉडकास्ट श्रृंखला

कोलंबन मिशनरियों की ओर से, "जुबली फॉर द अर्थ-ए पॉडकास्ट ऑन बायोडायवर्सिटी एंड अवर सेक्रेड स्टोरी" की छःश्रृंखलाएँ हैं जो करीब 15 मिनट की हैं। सोमवार, 31 अगस्त को, ‘सृष्टि का मौसम’ की पूर्व संध्या पर रिलीज़ होने वाली है।

ऑडियो और वीडियो दोनों ही मिनी-सीरीज़ का निर्माण वाशिंगटन में कोलंबस के जस्टिस, पीस एंड इंटीग्रिटी ऑफ़ क्रिएशन (जेपीआईसी) के कार्यालय द्वारा किया गया है। कोलंबन मिशनरी दुनिया के विभिन्न हिस्सों जैसे आयरलैंड, अमेरिका, इंग्लैंड, फिलीपींस, हांगकांग, दक्षिण कोरिया और म्यांमार में काम कर रहे हैं।

कलीसिया का सामाजिक सिद्धांत

काथलिक सामाजिक सिद्धांत और कोलंबन के अनुभव के आधार पर, "पृथ्वी के लिए जयंती"  के छह एपिसोड में विश्व के सदस्य और धार्मिक आस्था रखने वाले व्यक्ति के रूप में हमारे सामान्य घर और विभिन्न प्रजातियों की देखभाल करना है हम सभी पृथ्वी के सभी जाव जन्तुओं से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं।

पॉडकास्ट जैव विविधता, परस्पर संबंध, आर्थिक न्याय, प्रवासन, शांति और जनविद्रोह से संबंधित मुद्दों पर है। सृजन की अखंडता का मुद्दा कोलंबन मिशनरियों की प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसके संस्थापक संत कोलंबन कहा करते थे, "यदि आप सृष्टिकर्ता को जानना चाहते हैं, तो सृष्टि को देखें।"

"हम जानते हैं कि अब पहले से कहीं ज्यादा, ईश्वर की सृष्टि के साथ हमारे टूटे हुए रिश्ते को ठीक करना हम इंसानों के लिए बहुत जरूरी है," कोलंबस पॉडकास्ट श्रृंखला में बताते हैं।

पॉडकास्ट श्रृंखला में फादर ब्रायन वेले (ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड), फादर डैन ट्रॉय (चीन), जॉन दीन (फिलीपींस) और एलेन टीग (ब्रिटेन) सहित कई कोलंबियाई पुरोहित, मिशनरी और सह-कार्यकर्ता काम कर रहे हैं।

पाकिस्तान में पर्यावरण संकट

फादर लियाम ओ'कालाघन पाकिस्तान के हैदराबाद धर्मप्रांत में काम करते हैं। उन्होंने पाकिस्तान में पर्यावरण संकट पर श्रृंखला के तीसरे एपिसोड में अपने विचार साझा किया है। जेपीआईसी के राष्ट्रीय समन्वयक ने कहा कि उन्होंने "इस्लाम के संदर्भ में विविधता और अंतर-धार्मिक संवाद को उजागर करने" की कोशिश की।

आयरिश मिशनरी ने उका न्यूज को बताया, "कचरों के डंपिंग और अनुपचारित औद्योगिक कचड़ों के निर्वहन के कारण चालीस प्रतिशत समुद्री प्रजातियाँ कराची के प्रदूषित समुद्र से गायब हो गई हैं।"

कोलंबन मिशनरी

संत कोलंबन के मिशनरी धर्मसंध की स्थापना 1917 में आयरलैंड में फादर एडवर्ड गैल्विन और फादर जॉन ब्लोविक द्वारा की गई थी। इसका नाम यूरोप के अग्रणी आइरिश मिशनरी, संत कोलंबस या कोलंबन के नाम पर रखा गया है, जिनकी मृत्यु 615 में हुई थी।

आज दुनिया के 15 देशों में कोलम्बन मिशनरी सक्रिय हैं।

29 August 2020, 14:16