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यांगून में प्रदर्शनकारियों को पुलिस गिरफतार करते हुए यांगून में प्रदर्शनकारियों को पुलिस गिरफतार करते हुए  (ANSA)

म्यांमार में नए विरोध प्रदर्शन में हिंसक झड़प

1 फरवरी को देश की सत्ता पर सेना का कब्जा तख्तापलट के खिलाफ प्रदर्शन कारियों की हिंसक तनातनी के परिणामस्वरूप कम से कम 18 लोग मारे गए। कार्डिनल चार्ल्स माउंग बो ने एक बार फिर पार्टियों के बीच संवाद को प्रोत्साहित किया।

माग्रेट सुनीता मिंज-वाटिकन सिटी

यांगून, सोमवार 1 मार्च 2021 (वाटिकन न्यूज) : म्यांमार में खूनी रविवार, जहां पुलिस ने तख्तापलट विरोधी प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं, कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई और लगभग 30 अन्य घायल हो गए। इस प्रकार म्यांमार में सैन्य दमन के पीड़ितों की संख्या कई दर्जन से अधिक हो गई है क्योंकि 1 फरवरी को जूनता का तख्तापलट के बाद देश में विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत हुई है।

संयुक्त राष्ट्र द्वारा निंदा

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय की प्रवक्ता रवीना शामदासानी ने एक बयान में कहा, "हम म्यांमार में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की वृद्धि की कड़ी निंदा करते हैं और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सेना के उपयोग को तुरंत रोकने के लिए कहते हैं।" यह बताया गया है कि "प्राप्त विश्वसनीय जानकारी के आधार पर, कम से कम 18 लोग मारे गए और 30 से अधिक घायल हो गए।" विभिन्न स्थानों पर आंसू गैस और अचेत हथगोले का भी इस्तेमाल किया गया था, संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा कि म्यांमार के लोगों को शांति से मिलने और लोकतंत्र की बहाली का अधिकार है, इन अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। पुलिस और सेना हिंसा एवं खूनी दमन न करे।"

राजधानी में बैरिकेड्स

स्थानीय मीडिया ने देश भर के विभिन्न शहरों में प्रदर्शनों को रोकने के लिए पुलिस के हस्तक्षेप की रिपोर्ट दी। हालांकि, सैकड़ों लोगों ने यांगून में सड़कों को छोड़ने से इनकार कर दिया। कई ने बैरिकेड्स लगाए, जबकि अन्य लोगों ने नारे और गाने गाए।

कलीसिया की प्रतिबद्धता

"म्यांमार एक युद्ध के मैदान की तरह है। काथलिकों ने सार्वजनिक रूप से प्रार्थना की", यांगून के महाधर्माध्यक्ष कार्डिनल चार्ल्स माऊंग बो ने पिछले कुछ घंटों में ट्विटर पर लिखा, जुलूसों की छवियां भी दिखा रहे हैं जिसमें काथलिक शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। बाद के एक ट्वीट में, कार्डिनल ने लिखा कि काथलिक "विभिन्न पक्षों के बीच एक नई और समय पर बातचीत को प्रोत्साहित करने और मध्यस्थता करने के लिए" तैयार हैं।

तख्तापलट

म्यांमार इस महीने की शुरुआत में सेना की सत्ता पर कब्ज़ा करने के बाद से अराजकता में है और निर्वाचित सरकार के नेता आंग सान सू की और उनकी पार्टी के नेतृत्व के बहुत से, नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे नवंबर चुनावों में 83% वोट मिले थे। तख्तापलट, जिसने लगभग 50 वर्षों के सैन्य शासन के बाद लोकतंत्र की ओर उठाए गए कदमों को समाप्त कर दिया, जिससे हजारों लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया और पश्चिमी देशों की निंदा की।

01 March 2021, 13:47